हेल्दी रहने के लिए फेफड़ों का मजबूत होना बहुत जरूरी है। ऐसे में गर्मी के साथ बढ़ते प्रदूषण, धूल-मिट्टी और खराब लाइफस्टाइल के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में प्राणायाम एक सिंपल और असरदार उपाय है, जो फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। प्राणायाम योग की एक अहम विधि होती है, जिसमें सांस को कंट्रोल किया जाता है। यह न सिर्फ सांस को कंट्रोल करता है, बल्कि फेफड़ों को भी मजबूत बनाता है। इसलिए आइए Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं कि फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए कौन-से प्राणायाम करने चाहिए?
फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए प्राणायाम
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार इन प्राणायाम को करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम प्राणायाम सबसे मशहूर प्राणायामों में से एक है। इसमें एक नाक से सांस लेकर दूसरी से छोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया फेफड़ों को साफ करती है और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाती है। इसलिए रोजाना 10 से 15 मिनट अनुलोम-विलोम का अभ्यास करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
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2. कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति प्राणायाम न सिर्फ श्वसन तंत्र को साफ करता है, बल्कि शरीर की अंदर की एनर्जी को भी बढ़ाता है। इस प्राणायाम में तेजी से सांस बाहर छोड़ने और आराम से अंदर लेने की प्रक्रिया से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। इतना ही नहीं, यह पेट की मांसपेशियों की सक्रियता को भी बढ़ाता है। इसलिए, रोजाना इसका अभ्यास करने से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

3. भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम भी फेफड़ों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इस प्राणायाम को करने से मन शांत होता है। इसमें गहरी सांस लेकर उसे छोड़ते समय मधुमक्खी की तरह आवाज निकाली जाती है। आवाज निकालने के दौरान होने वाली कंपन दिमाग की नसों को आराम देती है, जिससे गुस्सा, एंग्जायटी और तनाव कम होता है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, फेफड़े मजबूत होते हैं और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
प्राणायाम के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम प्राणायाम करने के दौरान आपको इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए-
- प्राणायाम करते समय हमेशा खाली पेट और साफ, हवादार वातावरण का चुनाव करें। सुबह का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
- रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर बैठना चाहिए। अगर कमर या घुटनों में दर्द हो तो कुर्सी पर बैठकर भी अभ्यास किया जा सकता है।
- सांसों की गति के साथ ज्यादा जबरदस्ती नहीं करना चाहिए। शुरुआत धीमी गति से करना चाहिए और धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए।
- प्रेग्नेंट महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को एक्सपर्ट की सलाह के बिना प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
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- अगर आपकी हाल ही में कोई सर्जरी हुई है या कोई गंभीर बीमारी हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- प्राणायाम करने के दौरान अगर किसी तरह की असुविधा महसूस हो, चक्कर आए या बेचैनी हो तो तुरंत रुक जाएं।
निष्कर्ष
नियमित प्राणायाम करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ सकती है। यह एक नेचुरल और प्रभावी तरीका है, जिससे आप हेल्दी और एनर्जेटिक महसूस कर सकते हैं।
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FAQ
फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?
फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से प्राणायाम, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।कौन सा भोजन फेफड़ों में सुधार करता है?
एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर फूड्स जैसे आंवला, हल्दी, लहसुन, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि का सेवन कर सकते हैं।
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May 03, 2026 21:36 IST
Modified By : Katyayani Tiwari May 03, 2026 21:36 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Praveen Gautam