Correct Breathing Techniques During Normal Delivery In Hindi: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स में बदलाव आने के साथ-साथ उनको शारीरिक और मानसिक रूप से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन डिलीवरी के दौरान ये परेशानी और बढ़ जाती है, खासकर नॉर्मल डिलीवरी की स्थिति में। नॉर्मल डिलीवरी के दौरान महिलाओं को बहुत अधिक दर्द होता है, जिसके कारण उनको सांस लेने में परेशानी होती है। ऐसे में इस दौरान सांस लेने के लिए कुछ तरीकों को अपनाया जा सकता है, जिससे दर्द के दौरान महिलाओं को सांस लेने में आसानी हो सकती है। ऐसे में आइए दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन (Dr. (Col.) Gunjan Malhotra Sarin, Senior Consultant, Obstetrics and Gynaecologist, Gynecology: Every Woman Matters Clinic, Anand Niketan, Delhi) से जानें नॉर्मल डिलीवरी के दौरान सांस लेने का सही तरीका क्या है? और लेबर पेन को कैसे मैनेज करें?
नॉर्मल डिलीवरी में सांस लेने का सही तरीका
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, कई महिलाओं को अधिक दर्द के कारण नॉर्मल डिलीवरी में सांस लेने में परेशानी होती है। ऐसे में सही तरीके से सांस लेने से टेंशन को कम करने, बच्चे तक ऑक्सीजन सप्लाई को बेहतर करने, लेबर पेन को हल्का कम करने, जन्म देने की प्रक्रिया को आसान बनाने और मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद मिलती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, गहरी और धीमी सांस (breathing techniques) लेने जैसी तकनीकें लेबर पेन को कम करने, चिंता कम करने और लेबर पेन के समय को कम करने में सहायक हैं। इन तकनीक का नवजात शिशु पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, जिससे यह एक सेफ और बिना दवाइ वाला एक बेहतर विकल्प है।
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डीप ब्रीदिंग
डिलीवरी के दौरान डीप ब्रीदिंग तकनीक को अपनाने से शरीर को रिलैक्स करने, दिल की धड़कन को कम करने, ब्लज प्रेशर को नियंत्रित करने, शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई को बेहतर करने और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इसके लिए नाक से लंबी सांस लें और फिर धीरे-धीरे मुंह से सांस बाहर छोड़ें।
चेस्ट ब्रीदिंग
डिलीवरी के दौरान चेस्ट ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से रिलैक्स करने, एब्डोमिनल की मांसपेशियों को रिलैक्स करने और शरीर को बेहतर ऑक्सीजन देने में मदद मिलती है। इसके लिए हाथ को पसलियों के निचले हिस्से पर और दूसरा हाथ पेट पर रखें। इसके बाद सांस अंदर लें और सीने को ऊपर उठते हुए महसूस करें और फिर मुंह से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
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स्लो ब्रीदिंग
लेबर पेन के दौरान महिलाओं को धीरे-धीरे सांस लेना चाहिए। इससे डिलीवरी के लिए खुद को तैयार करने और रिलैक्स करने में मदद मिलती है। इसके लिए नाक से सांस लें और धीरे-धीरे मुंह से हवा छोड़ें।
लेबर पेन को मैनेंज कैसे करें?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन आगे कहती हैं कि लेबर को मैनेज करने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें, हल्का वॉक करें और स्ट्रेचिंग करें। इसके अलावा, इस दौरान डॉक्टर की निगरानी में रहना बेहद जरूरी होता है।
निष्कर्ष
नॉर्मल डिलीवरी के दौरान महिलाओं को सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में महिलाएं डीप ब्रीदिंग, चेस्ट ब्रीदिंग और स्लो ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के लिए कहा जाता है। ऐसे में ध्यान रहे, प्रेग्नेंसी के दौरान हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें, नियमित रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें और अधिक परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
प्रेगनेंसी में सांस लेने में तकलीफ हो तो क्या करें?
प्रेग्नेंसी के दौरान सांस लेने की समस्या से राहत के लिए महिलाओं को तकियों को सहारा लेकर ऊपर उठाकर सोएं, सीधे होकर सही मुद्रा में पढ़ें, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, अनुलोम-विलोम करें, अच्छे से आराम करे, स्ट्रेस को कम करें, धीरे-धीरे चलें, हवादार जगह पर बैठें और स्ट्रेस कम करें।प्रेग्नेंट महिला को सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को डाइट में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन्स से भरपूर साबुत अनाज, दालें, अंडे, मछली, चिकन, हरी पत्तेदार सब्जियों, फल और दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।प्रेग्नेंसी अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्या करें?
प्रेग्नेंसी में अच्छे स्वास्थ्य के लिए महिलाओं को पोषक तत्वों से युक्त बैलेंस डाइट लेने, डॉक्टर की सलाह अनुसार, जरूरी सप्लीमेंट्स लेने, शरीर को हाइड्रेट करने, एक्सपर्ट की निगरानी में नियमित रूप से योग करने, हल्की एक्सरसाइज करने और हल्की वॉक करने, स्ट्रेस को कम करने और भरपूर नींद लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, कैफीन, कच्चा मांस, अल्कोहल और स्मोकिंग करने से बचें।
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Feb 18, 2026 21:51 IST
Modified By : Priyanka Sharma Feb 18, 2026 21:51 IST
Modified By : Priyanka SharmaFeb 18, 2026 21:51 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin