PMOS, जिसे हम कुछ समय पहले तक PCOS के नाम से जानते थे। यह हार्मोनल समस्या है। इसकी वजह से चेहरे पर बाल उगना, बालों का झड़ना, वजन बढ़ना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इन्हें आप PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) के लक्षण के तौर पर भी ले सकते हैं। PMOS की वजह से कई महिलाओं को रात को अच्छी नींद नहीं आती है। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि अगर रात को अच्छी नींद न ली जाए, तो क्या PMOS के लक्षण और भी बिगड़ सकते हैं? आइए, जानते हैं वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से।
क्या खराब नींद PMOS के लक्षणों को बिगाड़ सकती है?
-1780930080261.jpg)
डाॅ. शोभा गुप्त के अनुसार, "हां अधूरी या खराब नींद पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं के लक्षणों को बहुत ज्यादा बिगाड़ सकती है। इस बात को कभी इग्नोर न करें कि PMOS एक एंडोक्राइन और मेटाबॉलिक कंडीशन है, जिसमें पहले से ही हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में अगर महिला पर्याप्त नींद नहीं लेती हैं, तो शरीर का पूरा मेटाबॉलिज्म और डैमेज हो जाता है।"
इसे भी पढ़ें: PMOS (PCOS) में महिलाओं को प्री-डायबिटीज का बढ़ सकता है रिस्क, डॉक्टर से जानें वजह
PMOS में पर्याप्त नींद न लेने के नुकसान
इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या
PMOS होने पर महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में अगर महिला पर्याप्त नींद नहीं लेती हैं, तो शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या हो जाती है। इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है। यह स्थिति मोटापे को भी बढ़ा देती है। शरीर विशेषकर पेट की चर्बी को तेजी से स्टोर करने लगता है और ऐसे में महिलाओं को वजन कम करना काफी मुश्किल हो जाता है।
एंड्रोजन और कोर्टिसोल में बढ़ोतरी
नींद की कमी किसी भी व्यक्ति के लिए सही नहीं है। अगर कोई अपर्याप्त नींद लेता है, तो शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि बढ़ा हुआ कोर्टिसोल सीधे तौर पर अंडाशय को प्रभावित करता है और एंड्रोजन (जैसे टेस्टोस्टेरोन) नामक पुरुष हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ा देता है। परिणामस्वरूप चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे और अनियमित पीरियड्स की समस्या और बढ़ जाती है।
यह भी पढ़ें: PMOS (PCOS) में महिलाओं को हो सकती हैं ये 5 परेशानियां, जानें इनसे निपटने के तरीके
फूड क्रेविंग्स का बढ़ना
अगर PMOS से जूझ रही महिलाएं प्राॅपर नींद नहीं लेती हैं, तो इसकी वजह से फूड क्रेविंग बढ़ जाती है। दरअसल, पर्याप्त नींद नहीं लेने से हार्मोन बाधित होते हैं। शरीर में घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) बढ़ता है और लेप्टिन (तृप्ति का अहसास कराने वाला हार्मोन) कम होता है। यह स्थिति PMOS की महिलाओं में फूड क्रेविंग को बढ़ा देती है।
यह भी पढ़ें- क्या PCOS का असर नींद पर भी पड़ता है? डॉक्टर से जानें
निष्कर्ष
PMOS होने पर महिला को पूरी नींद जरूर लेनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं, तो इसकी वजह से थकान और कमजोरी बढ़ सकती है। चूंकि, PMOS हार्मोनल और मेटाबॉलिक खराबी को सीधा बढ़ावा देती है इसलिए, महिलाओं को इसके लक्षणों को मैनेज करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए रोजाना एक्सरसाइज करें और कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें।
All Image Credit: Freepik
FAQ
PMOS में नींद की कमी का पीरियड्स पर क्या असर होता है?
खराब नींद से कोर्टिसोल और एंड्रोजन जैसे हार्मोन बढ़ते हैं, जो ओव्यूलेशन को रोकते हैं। नतीजतन, पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और ब्लीडिंग के दौरान दर्द भी हो सकता है।क्या PMOS के कारण भी नींद आने में दिक्कत हो सकती है?
हां, ऐसा हो सकता है। दरअसल, PMOS में हार्मोनल हार्मोनल उतार-चढ़ाव, रात में पसीना आना और एंग्जायटी हो सकती है, जो कि नींद को बाधित करते हैं।PMOS से पीड़ित महिलाएं अपनी नींद में सुधार कैसे कर सकती हैं?
PMOS से पीड़ित महिलाओं को अपने सोने के रूटीन को फिक्स करना चाहिए। सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन देखना बंद कर देना चाहिए और शाम के समय कैफीन का सेवन कभी नहीं करना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jun 08, 2026 20:20 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 08, 2026 20:20 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta