Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr KS Somasekhar Rao , Senior Consultant Gastroenterologist | Hepatologist | Advanced Therapeutic Endoscopist

क्‍या अनार खाने से वाकई भूख कंट्रोल होती है? एक्‍सपर्ट से जानें

अनार में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है, कब्‍ज को रोकता है और आंत में गुड बैक्‍टीर‍िया को बढ़ावा भी देता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स आंत की सूजन को भी कम करते हैं, लेक‍िन क्‍या इसे खाकर वाकई भूख कंट्रोल होती है?

एक्‍सपर्ट्स बताते हैं क‍ि अक्‍सर लोग उनसे खाने की चीजों को लेकर तरह-तरह के प्रश्‍न करते हैं जैसे यह खा ल‍िया तो क्‍या होगा वह खा ल‍िया तो क्‍या होगा? इसी तरह एक सवाल हमें गूगल पर म‍िला क‍ि अनार खाने से क्‍या वाकई भूख कंट्रोल होती है? Dr. KS Somasekhar Rao, Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist & Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hyderabad ने बताया क‍ि अनार अपने चमकीले लाल दानों और खट्टे-मीठे स्वाद के ल‍िए जाना जाता है। साथ ही यह भारतीय डाइट का एक जरूरी हिस्सा भी है और पारंपरिक आयुर्वेद में इसे पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन क्या यह सुपरफ्रूट सच में भूख कंट्रोल करने में मदद करता है? इस सवाल का जवाब आगे जानेंगे।

अनार खाकर पेट भरा होने का एहसास होता है- Pomegranate Makes You Feel Full

pomegranate-increase-appetite

अनार पोषक तत्वों से भरपूर होता है। एक मीडियम फल (280 ग्राम) में लगभग 144 कैलोरी होती हैं, जिसमें 83% पानी, 3.5 ग्राम फाइबर और सिर्फ 14 ग्राम नेचुरल शुगर होती है। Dr. KS Somasekhar Rao ने बताया क‍ि अनार में ज्‍यादा पानी और फाइबर खासकर पेक्टिन जैसा घुलनशील फाइबर, पेट खाली होने की प्रक्रिया को धीमा करके और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करके पेट भरा होने का एहसास कराता है। फूड एंड फंक्शन में 2017 की एक स्टडी में पाया गया कि अनार का अर्क मोटापे से पीड़ि‍त लोगों में घ्रेलिन जैसे हंगर हार्मोन को कम करता है, जबकि पेप्टाइड वाईवाई (Peptide YY), जो पेट भरा होने का संकेत देता है, उसे बढ़ाता है।

यह भी पढ़ें- क्या अनार का जूस ठंडा होता है? डाइट एक्सपर्ट से जानें सर्दियों में इसे पिएं या नहीं

अनार खाकर भूख कंट्रोल होती है- Pomegranate Controls Appetite

अनार में मौजूद पुनिकालागिन्स (Punicalagin) और एलाजिक एसिड (Ellagic Acid) जैसे पॉलीफेनोल भूख को कंट्रोल करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। Dr. KS Somasekhar Rao ने बताया क‍ि ये एंटीऑक्सीडेंट, ज्‍यादा खाने से होने वाली सूजन से लड़ते हैं और पेट के माइक्रोबायोटा को बढ़ा सकते हैं, जिससे गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं जो भूख के संकेतों को रेगुलेट करते हैं। न्यूट्रिशन रिसर्च (2020) में एक छोटे ह्यूमन ट्रायल में बताया गया कि 12 हफ्तों तक रोज 250 एमएल अनार का जूस पीने से ओवरवेट लोगों में कमर का साइज और खुद बताई गई भूख के स्कोर में थोड़ी कमी आई।

यह भी पढ़ें- वर्कआउट करने वालों के लिए सुपरफूड है अनार, मसल्स रिकवरी में करता है मदद, जानें अन्‍य फायदे और सेवन का तरीका

अनार का सेवन करने का सही तरीका- Right Way Of Consuming Pomegranate

  • अनार का असर तभी होगा जब आप उसकी सही मात्रा का सेवन करेंगे।
  • रोज 1/2 से एक पूरे फल का सेवन करें या 200 से 250 एमएल ब‍िना चीनी डाले ताजे जूस बनाकर प‍िएं।
  • अनार को हेल्‍दी तरीके से डाइट में शाम‍िल करना है, तो सलाद, रायता या स्‍मूदी के फॉर्म में लें।
  • अनार का ज्‍यादा सेवन करने से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • अनार को संतुल‍ित आहार, एक्‍सरसाइज और पोर्शन कंट्रोल के साथ अपनाना चाह‍िए।
  • अगर आपको डायबिटीज है या आप ब्लड थिनर लेते हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही अनार खाएं क्योंकि अनार दवाओं के साथ रिएक्ट कर सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

भूख कंट्रोल करने के ल‍िए अनार का सेवन काफी नहीं है। इसके ल‍िए हाइड्रेशन, फाइबर इंटेक पर भी ध्‍यान देना जरूरी है। अनार के अलावा भी क‍िसी एक चीज का सेवन करने से भूख कंट्रोल होना संभव नहीं है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

हल्दी या काली हल्दी कौन सी है बेहतर? एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 12, 2026 11:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 12, 2026 11:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr KS Somasekhar Rao

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content