Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

क्‍या श‍िमला म‍िर्च क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद है? जानें र‍िसर्च और एक्‍सपर्ट की राय

शि‍मला म‍िर्च एक रंगीन सब्‍जी है जो लाल, हरी और पीले रंगों में म‍िलती है। इसका इस्‍तेमाल सब्‍जी, सूप और कई तरह के व्‍यंजनों में क‍िया जाता है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैश‍ियम, एंटीऑक्‍सीडेंट्स, व‍िटाम‍िन ए, सी जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। कुछ लोग इसे क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद बताते हैं। एक्‍सपर्ट से समझते हैं क‍ि आख‍िर यह सच में क‍िडनी की सेहत के ल‍िए अच्‍छी है या नहीं?

बचपन में मुझे श‍िमलाम‍िर्च खाना पसंद नहीं था, लेक‍िन मम्‍मी ट‍िफ‍िन में इतनी बार श‍िमला म‍िर्च देती थीं क‍ि आदत ही हो गई अब मुझे इसे खाने की और अब तो मैं खुद भी खाना बनाते वक्‍त कई व्‍यंजनों में शि‍मला म‍िर्च का इस्‍तेमाल करती हूं। श‍िमलाम‍िर्च की सब्‍जी मेरे घर में बहुत खाई जाती है। इस सब्‍जी का जीआई कम होता है इसल‍िए दादाजी इसे अक्‍सर खाया करते थे क्‍योंक‍ि उन्‍हें डायब‍िटीज थी। श‍िमला म‍िर्च खाने का जायका बढ़ाती है और खाने में पोषक तत्‍वों को बढ़ाती है। श‍िमला म‍िर्च का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी बेहतर होती है, डाइजेशन बेहतर होता है, सेल्‍स और त्‍वचा को सुरक्षा म‍िलती है और बोन हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। कुछ लोग मानते हैं क‍ि क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए श‍िमला म‍िर्च का सेवन फायदेमंद होता है। इस लेख में एक्‍सपर्ट और स्‍टडीज की मदद से समझेंगे क‍ि क्‍या वाकई क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए शि‍मला म‍िर्च फायदेमंद है या नहीं?

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क्‍या क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद है श‍िमला म‍िर्च?

  • National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताबि‍क, शि‍मला म‍िर्च में मौजूद कैप्साइसिन क‍िडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में अहम भूम‍िका न‍िभाते हैं। स्‍टडी में यह भी देखा गया क‍ि श‍िमला म‍िर्च का सेवन करने से क‍िडनी में ब्‍लड फ्लो, सोड‍ियम और पानी का संतुलन और सूजन को प्रभाव‍ित करता है। इससे क‍िडनी की सेहत पर अच्‍छा प्रभाव पड़ता है।
  • Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि श‍िमला म‍िर्च में सोड‍ियम और पोटैश‍ियम की मात्रा कम होती है इसल‍िए क‍िडनी के मरीजों के ल‍िए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है।

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क‍िडनी के ल‍िए श‍िमला म‍िर्च के फायदे- Capsicum Benefits For Kidney

  • श‍िमला म‍िर्च में पोटैश‍ियम कम होता है इसल‍िए इसे क‍िडनी फ्रेंडली सब्‍ज‍ियों में ग‍िना जाता है।
  • श‍िम‍ला म‍िर्च में व‍िटाम‍िन सी और एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍व होते हैं जो क‍िडनी मरीजों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करते हैं।
  • श‍िमला म‍िर्च में फाइबर होता है जो शरीर के मेटाबॉल‍ि‍ज्‍म को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।

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डाइट में कैसे शाम‍िल करें शि‍मला म‍िर्च?

  • सलाद के फॉर्म में श‍िमला म‍िर्च को हेल्‍दी डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं।
  • श‍िमला म‍िर्च को सब्‍जी के तौर पर भी खाया जाता है।
  • श‍िमला म‍िर्च को अन्‍य सब्‍ज‍ियों के साथ म‍िलाकर सूप के फॉर्म में भी ले सकते हैं।
  • श‍िमला म‍िर्च का जीआई 50 से 45 के बीच होता है इसल‍िए डायब‍िट‍िक मरीज भी इसे अपनी डाइट का हि‍स्‍सा बना सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

क‍िडनी के मरीजों की सेहत के ल‍िए शि‍मला म‍िर्च का सेवन फायदेमंद होता है। National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, शि‍म‍ला म‍िर्च में मौजूद कैप्साइसिन क‍िडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। Dietitian Smita Singh ने बताया क‍ि श‍िमला म‍िर्च में सोड‍ियम और पोटैश‍ियम की भरपूर मात्रा होती है इसल‍िए इसे क‍िडनी के ल‍िए फायदेमंद कह सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 06, 2026 18:31 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 06, 2026 18:31 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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