खुजली होना एक सामान्य समस्या है। आमतौर पर इस ओर हमारा ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। हालांकि, कभी-कभी यह समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि खुजलाते हुए प्रभावित हिस्से से खून निकल आता है और जलन भी होने लगती है। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर बिना रैशेज या लाल चकत्तों के त्वचा में खुजली क्यों होती है? आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं इसके 5 बड़े कारणों के बारे में।
बिना रैशेज खुजली के कारण- Itching Without A Rash Causes
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बिना रैशेज भी स्किन में खुजली हो सकती है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिन्हें इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए, जैसे-
1. ड्राई स्किन के कारण
अगर किसी की स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो बिना वजह भी उन्हें बार-बार इचिंग होती रहेगी। आपको बता दें कि ड्राई स्किन को हम जेरोसिस (Xerosis) कहा जाता है। इसका मतलब है स्किन का बहुत ज्यादा ड्राई होना। त्वचा विज्ञान की एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल पत्रिका Acta Dermato-Venereologica में प्रकाशित समीक्षा लेख के अनुसार रूखी त्वचा के कारण ऊपरी परत यानी प्रोटेक्टिव लेयर क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे त्वचा से पानी की नमी तेजी से खत्म होने लगती है। ऐसे में बार-बार और बहुत ज्यादा खुजली होती रहती है।
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2. बीमारियों के कारण खुजली
कई बार बीमारियों के कारण भी व्यक्ति को खुजली होती रहती है। साल 2013 में Dermatologic Therapy में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, कई बार क्रोनिक बीमारियां खुजली का कारण बनती है। असल में, बीमारियों के कारण त्वचा में सूजन, संक्रमण आदि उत्पन्न हो सकते हैं। यहां तक कि लिवर और किडनी से जुड़े रोगों में में भी इचिंग होती है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम की प्रतिक्रिया से भी खुजली ट्रिगर हो सकती है। यही नहीं, इसी रिव्यू में यह भी बताया गया है कि खुजली जैसी समस्या मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्थितियों के कारण भी उत्पन्न होती है। यही कारण है कि कई बार आम खुजली की दवाएं इस तरह के मामलों में बेअसर साबित होती हैं।
3. दवाओं का प्रभाव

बिना रैश होने के बावजूद अगर आप खुजली का एहसास करें, तो ऐसा कई बार लंबे समय से चल रही दवाओं के प्रभाव के कारण भी होता है। साल 2016 में Current Problems In Dermatology (NIH) में प्रकाशित एक साइंटिफिक रिव्यू के आधार पर कहा जा सकता है कि कई दवाएं खुजली को ट्रिगर कर सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से कैंसर रोधी दवाएं शामिल हैं। हालांकि, कैंसर के उपचार में आने वाली दवाओं के कारण होने वाली खुजली जानलेवा तो नहीं होती, लेकिन यह मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करती है। कई बार मरीज को इस हद तक खुजली होती है कि कैंसर की दवाएं रोकी या उसकी डोज कम करनी पड़ सकती है।
4. नर्व डिसऑर्डर की वजह से
साल 2012 में Acta Dermato-Venereologica में प्रकाशित वैज्ञानिक रिव्यू पेपर की मानें, तो खुजली केवल त्वचा से संबंधित बीमारी नहीं है। कभी-कभी यह पुरानी और गंभीर खुजली त्वचा रोग के कारण नहीं, बल्कि मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, क्रैनियल या स्पाइनल नर्व-रूट्स और सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारी के कारण भी इस तरह की समस्या हो जाती है। यही कारण है कि रिव्यू रिपोर्ट में यह सलाह दी गई है कि त्वचा रोग विशेषज्ञ को न्यूरोपैथी खुजली के लक्षणों और पैटर्न की भी संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। बहरहाल, इस तरह की खुजली में सिर्फ दवाएं असर नहीं करती हैं। इसलिए, इसके पीछे मौजूद कारणों को समझकर उसका इलाज और निदान किया जाता है।
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5. स्ट्रेस भी है समस्या
आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि तनाव भी खुजली का बड़ा कारण है। इस बात की पुष्टि साल 2024 में Journal Of Clinical Medicine Research (JOCMR) में प्रकाशित समीक्षा लेख से होती है। इस रिव्यू आर्टिकल में कहा गया है कि मानसिक तनाव और क्रॉनिक इचिंग एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं। इसे इस तरह समझें, क्रॉनिक इचिंग के कारण व्यक्ति में तनाव, चिंता और डिप्रेशन बढ़ सकता है, वहीं बढ़ता तनाव खुजली महसूस करने की हमारी क्षमता को और बढ़ा देता है। दरअसल, तनाव के दौरान शरीर में निकलने वाले हार्मोन (जैसे कॉर्टिसोल) और न्यूरोट्रांसमीटर त्वचा में सूजन और खुजली पैदा करने वाले न्यूरोपैप्टाइड्स को एक्टिव कर देते हैं, जिससे खुजली बढ़ जाती है।
बिना रैश वाली खुजली से तुरंत आराम कैसे पाएं
अगर बिना रैश वाली खुजली हो रही है, तो यहां दिए गए कुछ टिप्स को अपना सकते हैं, जैसे-
- प्रभावित हिस्से में तुरंत बर्फ से सिकाई करें। 5-10 मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराएं। खुजली कम होने लगेगी।
- डॉक्टर की सलाह पर आप खुजली से तुरंत राहत पाने के लिए ओवर-द-काउंटर क्रीम लगा सकते हैं।
- प्रभावित हिस्से में मॉइश्चराइजर यूज करें। ध्यान रखें कि बार-बार खुजली न करें। इससे समस्या बढ़ सकती है।
- अगर आपको बिना रैश की खुजली की समस्या है, तो शरीर पर कभी भी हार्श केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। हमेशा माइल्ड प्रोडक्ट ही लगाएं।
- अगर बार-बार इचिंग हो रही है और खुजाने के बावजूद आराम न आए, तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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निष्कर्ष
खुजली की समस्या को हल्के में न लें। यह एक गंभीर समस्या हो सकती है। कई बार यह समस्या सेंट्रल नर्वस सिस्टम, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित होती है। ऐसी समस्या होने पर सबसे पहले अपनी मूल परेशानी का ट्रीटमेंट करवाएं, क्योंकि खुजली की दवा लेने से समस्या का समाधान नहीं होता है। हां, साथ ही साथ स्किन की अच्छी केयर करके आप भी समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।
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FAQ
क्या शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया के कारण भी खुजली हो सकती है?
हां, जब शरीर में हीमोग्लोबिन या आयरन का स्तर काफी कम हो जाता है, तो त्वचा के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे पूरे शरीर में लगातार खुजली महसूस हो सकती है। इसमें चकत्ते भी नजर नहीं आते हैं।थायराइड असंतुलन खुजली को कैसे बढ़ावा देता है?
थायराइड हार्मोन का स्तर बिगड़ने से पसीने और तेल की ग्रंथियों की कार्यप्रणाली धीमी पड़ जाती है, जिससे त्वचा की प्रोटेक्टिव डैमेज हो जाती है। ऐसे में तीव्र खुजली होने लगती है।
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Jul 21, 2026 16:41 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra