Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

जांघों पर लाल चकत्ते हो सकते हैं फंगल इंफेक्शन, जानें इनके घरेलू उपाय

जांघ पर लाल चकत्ते: त्‍वचा में संक्रमण का इलाज आपके क‍िचन में ही मौजूद है। जांघ पर लाल चकत्ते होने पर न‍िम्‍न घरेलू उपाय इस्‍तेमाल कर सकते हैं।  

जांघ पर लाल चकत्ते: जांघ पर नजर आने वाले छोटे दाने या गोलानुमा आकार में लाल त्‍वचा, संक्रमण की एक न‍िशानी हो सकती है। मॉनसून के मौसम में अक्‍सर कुछ गलत‍ियां शरीर पर भारी पड़ जाती हैं। कपड़ों में बन रही नमी, आपकी त्‍वचा में संक्रमण पैदा कर सकती है और इसी के पर‍िणामस्‍वरूप जांघ पर लाल न‍िशान या रैशेज हो सकते हैं। त्‍वचा या कपड़ों में नमी, गीले कपड़े पहनना, क‍िसी संक्रम‍ित पौधे के संपर्क में आना या अन्‍य क‍िसी कारण से मॉनसून के दौरान लाल चकत्ते त्‍वचा पर उभर आते हैं। इस लेख में हम जांघ पर लाल चकत्ते होने पर इस्‍तेमाल क‍िए जाने वाले 5 आसान घरेलू नुस्‍खों के बारे में बात करेंगे। 

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1. दही और मुल्‍तानी म‍िट्टी

जांघ पर लाल चकत्ते नजर आ रहे हैं, तो दही और मुल्‍तानी मि‍ट्टी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। मुल्‍तानी म‍िट्ट में एंटीसेप्‍ट‍िक गुण होते हैं। वहीं दही में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। दही में प्रोबायोट‍िक्‍स लैक्‍टि‍क एस‍िड होता है ज‍िससे फंंगल इंफेक्‍शन का इलाज क‍िया जाता है। 1 चम्‍मच दही में 1 चम्‍मच मुल्‍तानी म‍िट्टी का पाउडर म‍िलाएं। लाल चकत्तों पर इस म‍िश्रण को लगा लें। फ‍िर 30 म‍िनट बाद त्‍वचा को पानी से साफ कर लें।

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2. प्‍याज और शहद

त्‍वचा में संक्रमण का इलाज करने के ल‍िए प्‍याज और शहद का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। शहद में प्‍याज का रस म‍िलाएं। इस म‍िश्रण को त्‍वचा पर लगा लें। प्‍याज और शहद दोनों में ही एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण पाए जाते हैं ज‍िससे इंफेक्‍शन का इलाज करने में मदद म‍िलती है। फंगल इंफेक्‍शन में भी इस म‍िश्रण का इस्‍तेमाल फायदेमंद होता है। प्‍याज के अलावा आप लहसुन का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। लहसुन की मदद से इंफेक्‍शन का इलाज क‍िया जाता है। 

3. नीम और नार‍ियल का तेल 

नीम में एंटीफंगल गुण होते हैं और नार‍ियल तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जांघ पर लाल चकत्ते नजर आ रहे हैं, तो नीम के पत्तों को साफ करके पीस लें। इसमें 2 चम्‍मच नार‍ियल का तेल म‍िलाएं। इस म‍िश्रण को जांघ पर लगाकर 15 म‍िनट के ल‍िए छोड़ दें। फ‍िर पानी से त्‍वचा साफ करके एंटीफंगल क्रीम लगा लें। इससे दर्द ठीक हो जाएगा और लाल चकत्ते ठीक होने लगेंगे।       

4. चंदन पाउडर और एलोवेरा 

चंदन के पेड़ की लकड़ी का इस्‍तेमाल, शरीर और त्‍वचा की कई समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है। चंदन के पाउडर में एलोवेरा जेल का ताजा पल्‍प म‍िलाएं। एलोवेरा जेल की मदद से संक्रमण का इलाज क‍िया जाता है। इस म‍िश्रण को संक्रमण वाले ह‍िस्‍से पर लगाकर छोड़ दें। जब म‍िश्रण सूख जाए, तो ठंडे पानी से त्‍वचा को साफ कर लें। हफ्ते भर इस उपाय का इस्‍तेमाल करके फर्क देखने को म‍िलेगा।

5. तुलसी और हल्‍दी 

तुलसी में एंटीफंगल और एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण पाए जाते हैं। तुलसी के पत्तों की मदद से जांघ पर नजर आने वाले लाल चकत्तों का इलाज कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों को साफ कर लें। पत्तों को पीसकर पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट में चुटकी भर हल्दी म‍िलाएं। हल्‍दी और तुलसी के म‍िश्रण से इंफेक्‍शन ठीक हो जाएगा। हल्‍दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे संक्रमण के दौरान दर्द से आपको छुटकारा म‍िलेगा। इस म‍िश्रण को त्‍वचा पर लगाकर छोड़ दें। 30 म‍िनट साफ पानी से जांघ को धो लें। इस उपाय को द‍िन में 3 से 4 बार इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

जांघ पर लाल चकत्ते का इलाज: तुलसी, हल्‍दी, नीम, चंदन पाउडर, एलोवेरा, नार‍ियल का तेल आदि‍ के इस्‍तेमाल से आप लाल चकत्तों से छुटकारा पा सकते हैं। संक्रमण एक हफ्ते से ज्‍यादा समय के ल‍िए बना रहे, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।   

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Yashaswi Mathur

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Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 26, 2022 12:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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