आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद को अक्सर लोग हल्के में लेते हैं। ऐसे में गलत तरीके से सोना सीधे तौर पर आपकी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर सकता है। अक्सर यह देखा जाता है कि लोग घंटों तक गलत पोजीशन में सोते रहते हैं, और धीरे-धीरे यही आदतें कमर दर्द और समस्याओं का कारण बन सकती है। रीढ़ की हड्डी का नेचुरल कर्व बना रहना आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। जब शरीर को सही सपोर्ट नहीं मिलता है तो यह कर्व बिगड़ने लगता है। गलत पोजीशन में सोने से गर्दन, कंधे और कमर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। इसलिए, आइए Dr. Amit Aggarwal, Sr. Consultant - Orthopaedics and Joint Replacement, Narayana Hospital, Jaipur से जानते हैं कि गलत तरीके से सोना आपकी रीढ़ की हड्डी को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?
गलत तरीके से सोने से रीढ़ की हड्डी को कैसे नुकसान पहुंचता है?
डॉ. अमित अग्रवाल के अनुसार, सोने का गलत तरीका आपकी रीढ़ की हड्डी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है, जैसे-
1. सर्वाइकल स्पाइन पर दबाव
आमतौर पर पेट के बल सोने की आदत को सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। इस पोजीशन में गर्दन को एक तरफ मोड़कर रखा जाता है, जिससे सर्वाइकल स्पाइन पर दबाव बढ़ाता है। इस स्थिति में सोने से नसों पर असर पड़ सकता है और हाथों में झनझनाहट या सुन्नता जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा, कमर के निचले हिस्से पर भी बिना कारण दबाव पड़ सकता है, जिससे लोअर बैक पेन की समस्या बढ़ सकती है।
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2. स्पाइन का अलाइनमेंट खराब होना
स्पाइन को हेल्दी रखने और कमर दर्द से बचाव के लिए पीठ के बल सोना सही माना जाता है, लेकिन जब सही तकिया और मैट्रेस का इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो इस पोजीशन में सोना भी नुकसानदायक हो सकता है। बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया गर्दन की पोजीशन को बिगाड़ देता है। इससे स्पाइन का अलाइनमेंट खराब हो सकता है और सुबह उठते समय अकड़न महसूस हो सकती है।
3. साइड में सोने का सही तरीका
साइड में सोना भी स्पाइन के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें भी सावधानी बरतनी जरूरी होती है। जब साइड करवट सोने के दौरान घुटनों के बीच सपोर्ट नहीं दिया जाता है तो यह हिप्स और लोअर बैक पर खिंचाव डाल सकता है। इससे धीरे-धीरे स्पाइन का संतुलन प्रभावित होता है और कमर दर्द बढ़ सकता है।

4. गलत मैट्रेस के कारण डिस्क पर प्रेशर
सोने की पोजीशन के साथ मैट्रेस का चुनाव भी आपके लिए उतना ही जरूरी माना जाता है। बहुत सख्त या बहुत मुलायम मैट्रेस रीढ़ को सही सपोर्ट नहीं देता है। जब शरीर को समान रूप से सपोर्ट नहीं किया जाता है तो स्पाइन को असामान्य स्थिति में रखा जाता है, जिससे डिस्क पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर स्लिप डिस्क या सायटिका जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।
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सोने के दौरान स्पाइन को कैसे हेल्दी रखें?
डॉ. अमित अग्रवाल के मुताबिक, सोने के दौरान स्पाइन में दर्द की समस्या से बचने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
- हमेशा अपने सोने की पोजीशन सही रखें और ऐसी स्थिति में सोएं जिसमें रीढ़ सीधी और आरामदायक स्थिति में हो।
- साइड में सोते समय घुटनों के बीच तकिया रखने से बेहतर सपोर्ट मिलता है।
- पीठ के बल सोते समय घुटनों के नीचे छोटा तकिया रखने से कमर पर पड़ने वाला प्रेशर कम हो सकता है।
- सोने के दौरान ऐसी तकिया का इस्तेमाल करें, जो गर्दन के नेचुरल कर्व को सपोर्ट दे।
- हल्के सख्त मैट्रेस का इस्तेमाल करें, क्योंकि यह शरीर को संतुलित सपोर्ट देता है।
निष्कर्ष
सही तरीके से सोना सिर्फ आराम के लिए नहीं, बल्कि रीढ़ की लंबी उम्र और सेहत के लिए भी बहुत जरूरी माना जाता है। इसलिए, छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके स्पाइन को बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकता है।
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FAQ
रीढ़ की हड्डी खराब होने के क्या लक्षण हैं?
रीढ़ की हड्डी खराब होने पर लगातार कमर दर्द, गर्दन में दर्द, हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन, चलने में मुश्किल होना और बैठने पर दर्द बढ़ने जैसे लक्षण शामिल हैं।सोने के बाद पीठ दर्द होने का क्या कारण है?
सोने के बाद या सुबह उठने पर पीठ दर्द का मुख्य कारण गलत मुद्रा में सोना, पुराना गद्दा इस्तेमाल करना या मांसपेशियों में जकड़न की समस्या शामिल है।
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May 06, 2026 13:30 IST
Modified By : Katyayani Tiwari May 06, 2026 13:30 IST
Published By : Katyayani Tiwari