Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

थोड़ी दूर चलते ही थक जाते हैं? एक्‍सपर्ट से जानें वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाने के ट‍िप्‍स

कुछ लोग थोड़ी दूर चलकर ही थक जाते हैं और सांस फूलने लगती है। पैदल चलना शरीर के ल‍िए एक जरूरी गत‍िव‍िध‍ि है इसल‍िए चलने का स्‍टैम‍िना मजबूत होना चाह‍िए। आइए जानते हैं वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना को बढ़ाने के ल‍िए क्‍या करना चाह‍िए?

वॉक करने के ल‍िए स्‍टैम‍िना बढ़ाना जरूरी है। वॉक करना एक्‍ट‍िव रहने का सबसे आसान तरीका है। इसे अक्‍सर लोग एक्‍सरसाइज का एक फॉर्म समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेक‍िन चलने से स्‍टैम‍िना ब‍ढ़ता है, कैलोरी बर्न करने में मदद म‍िलती है और हार्ट हेल्‍थ बेहतर होती है। हालांक‍ि, इसके ल‍िए घंटों चलने की जरूरत नहीं है। रोजाना 10 म‍िनट की वॉक से शुरू करते हुए हफ्ते में 150 म‍िनट की वॉक तक शरीर को लेकर जाने से ढेरों फायदे म‍िलते हैं। अक्‍सर लोगों को वॉक करते समय एक समस्‍या होती है क‍ि वे जल्‍दी थक जाते हैं। ऐसा लो स्‍टैम‍िना के कारण होता है। वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाकर न स‍िर्फ वॉक करना आसान हो जाता है बल्‍क‍ि फ‍िटनेस लक्ष्‍य को भी आसानी से पूरा क‍िया जा सकता है। आगे जानेंगे वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाने के कुछ आसान ट‍िप्‍स। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

National Health Service, UK के मुताब‍िक, अगर आप चलते समय बात कर पा रहे हैं या गाना गा पा रहे हैं, तो समझ लें क‍ि आप तेज चल रहे हैं। एक्‍ट‍िव नहीं है, लेकि‍न वॉक करना चाहते हैं, तो धीरे-धीरे अपने चलने की दूरी को बढ़ाएं।

1. छोटी और आरामदायक वॉक से शुरुआत करें

how-to-increase-walking-stamina

चलने या वॉक करने का स्‍टैम‍िना बढ़ाना है, तो हमेशा छोटे लक्ष्‍य से शुरुआत करनी चाह‍िए। हर हफ्ते इसका समय बढ़ाते जाएं। जब व्‍यक्‍त‍ि एक साथ ज्‍यादा चलने की कोश‍िश करता है या लंबा लक्ष्‍य रखता है, तो वॉक करते समय थकान, कमजोरी महसूस हो सकती है। ज‍िन लोगों का वजन ज्‍यादा है, उन्‍हें अचानक से वॉक करने के कारण पैरों में दर्द और सूजन भी हो सकती है।

Mayo Clinic में प्रकाश‍ित एक लेख के अनुसार, कुछ देर तेज चलें, फ‍िर स्‍पीड कम करें और फ‍िर तेज चलें। इससे हार्ट हेल्‍थ बेहतर होती है, स्टैमिना बढ़ता है, कैलोरी बर्न करने में मदद म‍िलती है और हार्ट या जोड़ों पर दबाव नहीं बनता।

2. न‍िरंतर अभ्‍यास पर फोकस करें

लोगों के मन में अक्‍सर यह गलतफहमी होती है क‍ि लंबी दूरी तक चलकर वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना ब‍ढ़ाया जा सकता है, जबक‍ि आपको कंस‍िस्‍टेंट रहने पर फोकस करना चाह‍िए। अगर आप न‍िरंतर रोज चलेंगे, तो धीरे-धीरे वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ने लगेगा। अर्थराइट‍िस या जोड़ों से संबंध‍ित क‍िसी बीमारी के मरीज हैं या हाल ही में सर्जरी हुई है, तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही वॉक करें।

यह भी पढ़ें- क्या पूरे दिन बैठे रहने के बाद शाम को 30 मिनट की वॉक करना काफी है? डॉक्टर से जानें

3. सही स्‍पीड का पता कैसे चलेगा?

लोग वॉक कर लेते हैं, लेक‍िन उन्‍हें यह पता ही नहीं होता क‍ि उनके चलने की स्‍पीड क्‍या होनी चाह‍िए? दरअसल चलने की गत‍ि हर व्‍यक्‍त‍ि के ल‍िए अलग हो सकती है। वॉक के दौरान गौर करें क‍ि क‍ितनी स्‍पीड पर आप सांस फूले बगैर बात कर सकते हैं? वही आपके ल‍िए वॉक की सही गत‍ि होगी। एक स्‍थ‍िर और आरामदायक स्‍पीड में ही वॉक करना चाह‍िए।

4. वॉक से पहले वॉर्म अप जरूरी है

वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाना चाहते हैं, तो स्‍पीड‍ बढ़ाने से 5 म‍िनट पहले धीरे-धीरे चलकर वॉर्म-अप करें। इससे अचानक से हार्ट रेट नहीं बढ़ेगा। अगर व्‍यक्‍त‍ि के चलने की स्‍पीड अचानक से बढ़ जाए, तो हार्ट रेट बढ़ता है और घबराहट या सांस फूलने जैसी समस्‍याएं होने लगती हैं। इससे बचने के ल‍िए वॉर्म अप जरूरी है।

5. हाइड्रेट रहें और संतुल‍ित आहार लें

वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाने के ल‍िए शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है। एनर्जी के ल‍िए शरीर को हाइड्रेट रखना और संतुल‍ित आहार लेना जरूरी है। डाइट में प्रोटीन, फाइबर, आयरन र‍िच फूड्स को शाम‍िल करें। अपनी मांसपेशियों और जोड़ों को ठीक होने का समय देने के लिए बीच-बीच में आराम के दिन भी रखें।

यह भी पढ़ें- ऑफिस में लंच के बाद टहलना क्यों है जरूरी? एक्सपर्ट से जानें

6. पैरों की एक्‍सरसाइज और आरामदायक जूते जरूरी हैं

वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाने के ल‍िए पैरों का ध्‍यान रखें। स्क्वैट्स और काफ रेज जैसी आसान एक्सरसाइज से अपने पैरों और कोर को मजबूत बनाएं। सपोर्ट देने वाले और आरामदायक जूते पहनें, खासकर अगर आपके पैर फ्लैट हैं या पैरों में कोई तकलीफ है।

7. चलते समय बॉडी पॉश्चर सही रखें

American Heart Association के मुताब‍िक, अगर चलते समय आप बात नहीं कर पा रहे हैं या सांस फूल रही है, तो अपनी गति धीमी कर लें। शुरू में, गति की चिंता न करें। बस बाहर निकलें और चलें। सा‍थ ही सांस लेते रहें। वॉक करते समय अपना सिर ऊपर रखें, पेट की मांसपेशियों को कसा हुआ रखें और कंधों को आराम से रखें। अपने हाथों को स्वाभाविक रूप से हिलाएं। भारी सामान या हाथ में वजन लेकर चलने से बचें क्योंकि इससे आपकी कोहनियों और कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

वॉक‍िंग स्‍टैम‍िना बढ़ाने के ल‍िए छोटी और आरामदायक वॉक से शुरुआत करें, न‍िरंतर अभ्‍यास पर फोकस करें, इतनी स्‍पीड पर वॉक करें जि‍तनी पर बात करने के दौरान सांस न फूले, वॉक से पहले वॉर्म अप करें, हाइड्रेट रहें, संतुल‍ित आहार लें, आरामदायक जूते पहनें और पैरों को मजबूत बनाने के ल‍िए स्क्वैट्स और काफ रेज जैसी एक्‍सरसाइज करें। साथ ही सही बॉडी पॉश्चर बनाए रखें और चलने के दौरान सामान्‍य सांस की गत‍ि पर फोकस करें।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या वॉक करने से वजन कम होता है?

    हां, नियमित वॉक करेंगे, तो कैलोरी बर्न करने में मदद म‍िलेगी। हालांक‍ि, केवल वॉक करने के साथ-साथ वेट लॉस के ल‍िए हेल्‍दी डाइट लेना भी जरूरी है। 
  • वॉक करते समय सांस फूलना सामान्य है?

    तेज वॉक के बाद सांस तेज हो सकती है, लेक‍िन अध‍िक सांस फूलना, सीने में दर्द या चक्‍कर जैसी स्‍थ‍ित‍ि है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करना न भूलें।

Read Next

सुबह एक्सरसाइज करने के बाद भी दिनभर थकान क्यों रहती है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 18, 2026 16:25 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content