Tue Oct 6, 2026 | 09:22 AM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

सुबह चाय न मिले तो क्यों लगता है दिन अधूरा? जानें Tea Addiction के पीछे का साइंस

बहुत से लोग एक कप चाय से अपने द‍िन की शुरुआत करते हैं। कुछ लोगों का मानना है क‍ि जब तक चाय न प‍िएं, नींद नहीं जाती और द‍िन को शुरू करने के ल‍िए एनर्जी नहीं म‍िलती है। जानें चाय की लत के पीछे छुपा साइंस।
सुबह चाय न मिले तो क्यों लगता है दिन अधूरा? जानें Tea Addiction के पीछे का साइंससुबह चाय न मिले तो क्यों लगता है दिन अधूरा? जानें Tea Addiction के पीछे का साइंस

कुछ लोगों को चाय की ऐसी लत होती है क‍ि अगर सुबह की चाय न म‍िले, तो पूरे द‍िन च‍िड़च‍िड़ापन और थकान महसूस होती है। चाय की लत मानस‍िक ही नहीं शारीर‍िक स्‍वास्‍थ्‍य को भी प्रभाव‍ित करने लगती है। हालांक‍ि चाय पीने की आदत और लत में फर्क है। आदत होने पर कुछ लोग सुबह उठकर चाय पीना पसंद करते हैं, लेक‍िन ज‍िन लोगों को चाय पीने की लत होती है उन्‍हें सुबह आंख खुलते ही चाय पीने की तलब होती है, स‍िर भारी लगता है और चाय के बगैर चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है। ये संकेत बताते हैं क‍ि व्‍यक्‍त‍ि का शरीर और दि‍माग दोनों ही चाय के आदी हो चुके हैं। इसके पीछे केवल स्‍वाद नहीं बल्‍क‍ि साइंस छुपा है। 21 मई को International Tea Day मनाया जाता है। इस मौके पर जानते हैं चाय की लत के पीछे क्‍या साइंस है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

चाय की लत के बारे में साइंस क्‍या कहता है?

चाय में मौजूद कैफीन द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखने में मदद करता है। इससे नींद और थकान कम करने में मदद म‍िलती है। इसी वजह से सुबह चाय पीने के बाद अलर्टनेस और एनर्जी महसूस होती है। साल 2023 में Journal Of Affective Disorders में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, बार-बार चाय पीने की आदत मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य, मूड और व्‍यवहार को प्रभाव‍ित कर सकती है। स्‍टडी के अनुसार, शुगर और कैफीन वाले पेय पदार्थ युवाओं में ड‍िप्रेशन और एंग्‍जायटी जैसे खतरे पैदा कर सकते हैं।

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चाय में मौजूद L-theanine और कैफीन जैसे कंपाउंड बढ़ाते हैं लत

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चाय में सि‍र्फ कैफीन नहीं बल्‍क‍ि L-theanine नाम का अमीनो एस‍िड भी होता है। इसका सेवन करने से इंसान को र‍िलैक्‍स महसूस होता है। L-theanine कैफीन के असर को बैलेंस करता है। इससे व्‍यक्‍त‍ि को हल्‍का महसूस होता है और इससे लोगों को सुकून महसूस होता है।

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चाय की लत क्‍यों है सेहत की दुश्‍मन?

जरूरत से ज्‍यादा चाय पीने से अन‍िद्रा, बेचैनी, एस‍िड‍िटी, द‍िल की धड़कन तेज होने जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। ज्‍यादा चीनी वाली चाय पीने से डायब‍िटीज और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में ही चाय का सेवन करना चाह‍िए।

नि‍ष्‍कर्ष:

चाय में L-theanine और कैफीन जैसे कंपाउंड्स द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखते हैं और नींद, थकान को कम करने में मदद करते हैं। इससे शरीर और द‍िमाग चाय का आदी हो जाता है और व्‍यक्‍त‍ि को चाय की लत लग जाती है। चाय की लत सेहत खराब कर सकती है इसल‍िए इससे बचना चाह‍िए।

FAQ

  • क्या ग्रीन टी सामान्य चाय से बेहतर है?

    हां ग्रीन टी को सामान्‍य चाय से बेहतर माना जाता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
  • क्या चाय डिहाइड्रेशन बढ़ाती है?

    बहुत ज्यादा कैफीन वाली चाय शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है। इसलिए चाय के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    May 21, 2026 16:32 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 21, 2026 16:32 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh