Mon Oct 12, 2026 | 11:33 AM IST

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यूरिक एसिड बढ़ा है तो नवरात्रि का व्रत रखें या नहीं? जानें डॉक्टर की सलाह

यूरिक एसिड बढ़ा होने पर व्रत रखने का फैसला किडनी की स्थिति, दवाओं और गाउट की कंडीशन पर निर्भर करता है। लंबे समय तक भूखे रहने और पानी की कमी से बचें और डॉक्टर से सलाह लें।
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नवरात्रि में बहुत से लोग मां दुर्गा की पूजा के साथ नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। इस दौरान खान-पान में बदलाव होता है और कुछ लोग दिनभर भूखे रहकर या केवल फलाहार करके उपवास करते हैं लेकिन जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, उनके मन में अक्सर सवाल उठता है कि क्या उनके लिए नवरात्रि का व्रत रखना सुरक्षित है? KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, व्रत के दौरान खान-पान में अचानक बदलाव, पर्याप्त पानी न पीना और लंबे समय तक भोजन से दूर रहना कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं, पहले से गाउट या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

यूरिक एसिड वाले नवरात्रि में व्रत रखें या नहीं?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने पर व्रत रखना है या नहीं, यह व्यक्ति की सेहत, यूरिक एसिड के लेवल, किडनी के फंक्शन और गाउट जैसी समस्याओं पर निर्भर करता है। केवल यूरिक एसिड बढ़ा होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को व्रत रखने से बचना चाहिए। हालांकि, अगर आपको बार-बार जोड़ों में दर्द, सूजन या गाउट के दौरे पड़ते हैं, तो उपवास शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

लंबे समय तक भूखे रहने और शरीर में पानी की कमी होने से कुछ लोगों में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ सकता है। इसलिए व्रत के दौरान ऐसा डेली रूटीन अपनाने से बचना चाहिए, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो या लंबे समय तक पोषण न मिले।

यूरिक एसिड कम करने के लिए व्रत में क्या पिएं और क्या खाएं?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना जरूरी है। पानी की कमी होने से किडनी के लिए यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। इससे कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ने या गाउट का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।

  • नवरात्रि के व्रत में दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। किडनी या हार्ट संबंधी बीमारी के कारण जिन लोगों को डॉक्टर ने पानी सीमित मात्रा में पीने की सलाह दी है, उन्हें अपनी निर्धारित मात्रा का ही पालन करना चाहिए।
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर व्रत के दौरान बैलेंस और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। फल, कम फैट वाला दही और दूध जैसे विकल्प आपकी सेहत और व्यक्तिगत डाइट संबंधी जरूरतों के अनुसार शामिल किए जा सकते हैं।
  • साबूदाना, आलू या कुट्टू जैसे फूड्स खाते समय उनकी मात्रा और पकाने के तरीके पर भी ध्यान दें। बहुत ज्यादा घी, तेल और तली हुई चीजों का सेवन करने से बचें।
  • व्रत के दौरान केवल चाय, कॉफी पर निर्भर न रहें। बहुत ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक और मीठे फूड्स भी यूरिक एसिड की समस्या में नुकसानदेह हो सकते हैं।
  • लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय, अपनी सेहत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बैलेंस फलाहार लेना बेहतर हो सकता है।

Navratri Fasting with High Uric AcidNavratri Fasting with High Uric Acid

किन लोगों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि जिन लोगों का यूरिक एसिड काफी बढ़ा हुआ है, जिन्हें बार-बार गाउट के दौरे पड़ते हैं, किडनी की बीमारी है या वे ऐसी दवाएं लेते हैं जिनके साथ लंबे समय तक भूखे रहना जोखिम भरा हो सकता है, उन्हें व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को भी उपवास के दौरान ब्लड शुगर कम होने या बढ़ने का खतरा हो सकता है, इसलिए उन्हें खास सावधानी रखनी चाहिए। अगर व्रत के दौरान जोड़ों में अचानक तेज दर्द, लालिमा या सूजन हो, पेशाब बहुत कम आए या चक्कर और कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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यूरिक एसिड बढ़ने पर इन गलतियों से बचें

नवरात्रि के दौरान कुछ लोग व्रत खोलते समय एक साथ बहुत ज्यादा खाना खा लेते हैं, इससे बचना चाहिए। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी, अचानक खान-पान में बदलाव और मीठी चीजों का सेवन भी समस्या बढ़ा सकता है। अगर आप यूरिक एसिड कम करने की दवा ले रहे हैं, तो व्रत के कारण इसे अपने मन से बंद न करें। दवा लेने का समय बदलने या खाली पेट दवा लेने को लेकर डॉक्टर से सलाह लें।

साल 2025 में Frontiers in Microbiology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, यूरिक एसिड का बढ़ना (हाइपरयूरिसीमिया) और गठिया आज एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गए हैं। इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक दवाओं के लिवर और किडनी पर बुरे असर पड़ सकते हैं और मरीज उन्हें लंबे समय तक ठीक से नहीं ले पाते।

रिसर्च बताती हैं कि हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया यूरिक एसिड को कंट्रोल करने, सूजन को कम करने और पेट की सेहत सुधारने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए, प्रोबायोटिक्स और गट माइक्रोबायोटा (gut microbiota) में सुधार करके इसका नया और सुरक्षित इलाज करने की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

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निष्कर्ष

यूरिक एसिड बढ़ने पर नवरात्रि का व्रत रखना हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसे अपनी सेहत को ध्यान में रखकर ही रखना चाहिए। लंबे समय तक भूखे रहने, निर्जला व्रत करने और शरीर में पानी की कमी होने से बचें। फलाहार के दौरान बैलेंस भोजन लें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद न करें।

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FAQ

  • क्या यूरिक एसिड में नारियल पानी पी सकते हैं?

    आमतौर पर नारियल पानी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है लेकिन किडनी की बीमारी या पोटैशियम का लेवल बढ़ा होने पर इसे पीने से पहले डॉक्टर से पूछें।
  • क्या यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी में पथरी हो सकती है?

    हां, कुछ लोगों में यूरिक एसिड के कारण किडनी में पथरी बन सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति में यूरिक एसिड बढ़ने से पथरी नहीं होती।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 12, 2026 10:42 IST

    Published By : Akanksha Tiwari