डायबिटिक मरीजों को हर फल का सेवन पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। आम, चेरीज, केला, अंगूर, चीकू, कटहल और सीताफल जैसे फलों में प्राकृतिक शुगर की मात्रा अन्य फलों के मुकाबले ज्यादा होती है इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए, खासकर जब ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो। चाशनी में रखे हुए डिब्बाबंद फलों का सेवन भी डायबिटीज में नहीं करना चाहिए। साथ ही, किशमिश, खजूर और अंजीर जैसे सूखे फलों के सेवन से भी बचना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर की अधिक मात्रा हो सकती है। इसी तरह स्मूदी और फलों के जूस को भी सीमित मात्रा में लेना चाहिए। फल का जूस बनाने पर इनका फाइबर कम हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज में कुछ फलों का सेवन नुकसानदायक क्यों होता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Raman Boddula, Senior Consultant Endocrinologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
फलों की प्राकृतिक शुगर vs रिफाइंड शुगर
फलों में मौजूद शुगर पौधों की कोशिकाओं के अंदर होती है, जिनमें फाइबर भी मौजूद होता है। शरीर को इन कोशिकाओं को तोड़कर अंदर मौजूद शुगर को एब्जॉर्ब करना पड़ता है। इससे शुगर के एब्जॉर्ब होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने का खतरा कम हो सकता है। कुल मिलाकर, फलों में रिफाइंड शुगर वाले फूड्स की तुलना में आमतौर पर शुगर की मात्रा कम होती है। इसके अलावा, फलों से शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। National Health Service, UK के मुताबिक, दूध, फलों और सब्जियों में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली शुगर फ्री शुगर नहीं मानी जाती है। आमतौर पर हमें इनसे पूरी तरह से परहेज करने की जरूरत नहीं होती है।
प्राकृतिक शुगर और डायबिटीज का संबंध
साल 2013 में The BMJ में प्रकाशित एक स्टडी में 1,87,382 लोगों को शामिल किया गया जिन्हें शुरुआत में डायबिटीज नहीं थी और जिन्होंने निरंतर फलों का सेवन किया। बाद में फॉलो अप के दौरान 12,198 लोगों में टाइप 2 डायबिटीज विकसित हुई। शोध में देखा गया कि ब्लूबेरी, अंगूर, किशमिश का अधिक सेवन डायबिटीज के खतरे से जुड़ा था। हालांकि, इसकी रेंज बहुत सीमित थी और स्टडी में फलों को ही टाइप 2 डायबिटीज का कारण नहीं माना गया है।
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डायबिटीज में किन फलों का सेवन करने से बचें?
1. केला
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पके हुए केले में प्राकृतिक शुगर और कार्ब्स की अधिक मात्रा होती है। डायबिटीज में एक छोटा साबुत केला खा सकते हैं, लेकिन अधिक केले का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है। डायबिटीज में ज्यादा पका केला खाने के बजाय हरा केला या कम पका केला चुनें।
2. आम
डायबिटिक मरीज आम को लेकर सबसे ज्यादा कंफ्यूज रहते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि आम का सेवन नहीं करना चाहिए वहीं कुछ मानते हैं कि आम खाने में नुकसान नहीं है। दरअसल, आम में प्राकृतिक शुगर और कार्ब्स होते हैं। इससे ज्यादा मात्रा में खाने से शुगर स्पाइक हो सकता है इसलिए डायबिटीज में आम से परहेज नहीं, लेकिन मात्रा को कम करना बेहतर होता है।
3. चेरीज
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डायबिटिक मरीजों को सीमित मात्रा में चेरीज का सेवन करना चाहिए। ज्यादा पकी हुई चेरीज में प्राकृतिक शुगर अधिक होती है। बाजार में चाशनी वाली और ड्राई चेरीज भी मिलती हैं, इनके सेवन से बचना चाहिए। इसमें मौजूद एडड शुगर, शुगर स्पाइक का कारण बन सकती है।
4. चीकू
चीकू में भी प्राकृतिक शुगर की मात्रा अन्य फलों के मुकाबले ज्यादा होीत है। अगर पहले से ब्लड शुगर लेवल ज्यादा है, तो चीकू को सीमित मात्रा में ही खाएं। चीकू का जूस या शेक का सेवन करने से भी बचें। डायबिटीज में एक छोटा साबुत चीकू खा सकते हैं।
5. अंगूर
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डायबिटीज में अंगूर का भी सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। हालांकि, एक अंगूर में 0.9 से 0.75 ग्राम शुगर ही होती है, लेकिन अंगूर छोटे होते हैं और अक्सर इन्हें अनजाने में ज्यादा खा लिया जाता है। डायबिटिक मरीजों को मीठी अंगूरों की ज्यादा मात्रा से परहेज करना चाहिए। अंगूर का जूस पीने से भी बचें, इससे शुगर स्पाइक हो सकती है।
6. कटहल
कटहल एक फल जिसके कच्चे फॉर्म को सब्जी की तरह खाया जाता है। कटहल में भी प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है और इस वजह से इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है। कटहल से बनी मीठी डिश से भी परहेज जरूरी है।
7. सीताफल
सीताफल प्राकृतिक रूप से मीठा फल है और इसका सीजन आने वाला है। इसे अधिक मात्रा में खाने से ब्लड शुगर लेवल पर बुरा असर पड़ सकता है।
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डायबिटीज में किन फलों को प्राथमिकता दे सकते हैं?
डायबिटीज में इन फलों को डाइट में शामिल कर सकते हैं-
- सेब
- अमरूद
- नाशपाती
- संतरा
- मौसंबी
- कीवी
- पपीता
- आड़ू
जूस पीने के बजाय साबुत फल खाएं
जूस के मुकाबले, साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है। इनमें फाइबर होता है और इन्हें पचने में अधिक समय लगता है। आमतौर पर, एक मीडियम साइज करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट हो सकता है और इसे व्यक्ति की पूरी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
एक बार में अधिक फलों का सेवन न करें
डायबिटीज में एक बार में अधिक फल खाने से बचना चाहिए। फलों में कार्ब्स मौजूद होता है, अधिक फलों का सेवन एक साथ ने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए फल पूरी तरह बंद करने के बजाय सही मात्रा और उचित गैप में खाना बेहतर होता है।
निष्कर्ष:
डायबिटीज में किसी फल से पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं है। फलों में मौजूद प्राकृतिक शुगर को निकालने के लिए शरीर को कोशिकाओं को तोड़कर अंदर मौजूद शुगर को एब्जॉर्ब करना पड़ता है और इस प्रक्रिया में समय लगता है जिससे ब्लड शुगर लेवल, रिफाइंड चीनी के मुकाबले कम तेजी से बढ़ता है। हालांकि, ज्यादा चीनी वाले फलों का सीमित मात्रा में ही सेवन बेहतर है।डायबिटिक मरीजों को केला, आम, चेरीज, चीकू, अंगूर, कटहल, सीताफल वगैरह के अधिक सेवन से परहेज करना चाहिए। डायबिटीज में सेब, अमरूद, नाशपाती, संतरा, मौसंबी, कीवी, पपीता और आड़ू जैसे फल खा सकते हैं।
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FAQ
क्या डायबिटीज में कम भोजन करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल हो जाता है?
नहीं, बहुत कम खाना खाने से शरीर को पर्याप्त एनर्जी और पोषक तत्व नहीं मिल पाते। खासकर जो लोग इंसुलिन या डायबिटीज की दवाएं लेते हैं, उन्हें लो ब्लड शुगर लेवल की समस्या हो सकती है। इसलिए संतुलित आहार लें।डायबिटीज में फल खाने का सही समय क्या है?
फल खाने का कोई तय समय नहीं होता, लेकिन सुबह इसे खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि फलों में फाइबर होता है जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती। ठंडी तासीर के कारण इसे शाम को खाने से बचना चाहिए।
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Sep 18, 2026 20:03 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Raman Boddula
