पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को कमर में दर्द की समस्या हो जाती है। इससे राहत के लिए वे गर्म पानी की सिकाई करती हैं या पेन किलर लेते हैं। इससे राहत पाना तब और आसान हो जाता है, जब पीरियड्स से पहले या बाद में कमर दर्द की असली वजह का पता हो।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता स्पष्ट करती हैं, "पीरियड्स से पहले और बाद में कमर दर्द होने के पीछे हार्मोनल परिवर्तन मुख्य भूमिका निभाते हैं। इसकी वजह से सिर्फ कमर दर्द ही नहीं, बल्कि ब्लोटिंग और वाॅटर रिटेंशन जैसी समस्या भी हो जाती है।" आइए, इस लेख में पीरियड्स से पहले और बाद में होने वाले कमर दर्द के कारणों को विस्तार से समझते हैं।
पीरियड्स से पहले कमर दर्द होने के कारण
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1. प्रोस्टाग्लैंडीन केमिकल
पीरियड्स के ठीक पहले शरीर में प्रोस्टाग्लैंडीन नाम का केमिकल रिलीज होता है। यह केमिकल गर्भाशय में सिकुड़न पैदा करता है। ऐसे में पेट दर्द और खिंचाव महसूस होने लगता है। विशेषकर कमर के निचले हिस्से तक दर्द फैल जाता है। StatPearls से भी पता चलता है कि पीरियड में कमर दर्द होने के पीछे प्रोस्टाग्लैंडीन भी जिम्मेदार है।
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2. हार्मोन का उतार-चढ़ाव
पीरियड्स आने से पहले ही महिलाओं का शरीर इसके लिए तैयार हो रहा होता है। ऐसे में उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव आने लगते हैं। खासकर, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर अचानक कम हो जाता है, इससे शरीर की दर्द सहने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न महसूस होने लगती है। इसका प्रभाव कमर पर भी पड़तार है।साल 2023 में International Journal of Molecular Sciences (IJMS) में प्रकाशित एक समीक्षा लेख के अनुसार, महिलाओं में एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव दर्द की तीव्रता और संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है।
3. पेट फूलना और पानी जमा होना
डाॅ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "पीरियड्स से पहले महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हार्मोनल बदलाव के कारण पेट फूलने लगता है और शरीर में वाॅटर रिटेंशन की दिक्कत भी हो जाती है। नतीजतन अंदरूनी सूजन कमर और पेल्विक की नसों पर दबाव डालती है, जिसे पीरियड्स से पहले ही कमर में दर्द होने लगता है।"
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4. पीएमएस (PMS)
पीरियड्स से पहले महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जैसा कि हमने जिक्र किया है कि कुछ महिलाओं को शरीर में सूजन और वाॅटर रिटेंशन होने लगता है। कई बार जीवनशैली में किए गए बदलाव भी महिलाओं में कमर दर्द को बढ़ावा दे सकते हैं। वहीं, अगर किसी को पहले से ही कमर दर्द की शिकायत है, तो पीरियड्स से ठीक पहले उनका दर्द बढ़ जाता है।
पीरियड्स खत्म होने के बाद कमर दर्द के कारण
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पीरियड्स के बाद कमर में हो रहे दर्द के पीछे कई तरह के कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे-
1. ओव्यूलेशन होना
पीरियड्स खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद ओव्यूलेशन के दौरान ओवरी (अंडाशय) से अंडा बाहर निकलता है। इस प्रक्रिया में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसे आसपास की नसों और मांसपेशियों पर खिंचाव महसूस होता है। नतीजतन, कमर के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है।
2. एंडोमेट्रियोसिस
अगर किसी महिला को एंडोमेट्रियोसिस की समस्या है, तो उन्हें भी पीरियड्स के बाद कमर दर्द की समस्या होने लगती है। इस प्रक्रिया को डाॅ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, "एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय जैसी परत शरीर के बाहर उगने लगती है। इसके कारण ब्लीडिंग बंद होने के बाद भी कमर और पेल्विक हिस्से में लगातार दर्द होता रहता है और सूजन भी बनी रहती है।"
3. एडिनोमायोसिस
यह गर्भाशय से जुड़ी एक समस्या है। इसे आम भाषा में बच्चेदानी में सूजन भी कहा जाता है। डाॅ. शोभा बताती हैं, "जब कोई महिला एडिनोमायोसिस जैसी बीमारी से जूझ रही होती हैं, तो उन्हें भी पीरियड्स के बाद कमर दर्द की दिक्कत हो सकती है। इसकी वजह से हैवी ब्लीडिंग होती है, जिससे पीठ के निचले हिस्से और पेल्विक हिस्से में दबाव बनता है।"
4. यूटेराइन फाइब्रॉएड
पीरियड्स के बाद कमर दर्द का एक कारण यूटेराइन फाइब्रॉएड भी है। इसमें गर्भाशय में गैर-कैंसर वाली गांठें बन जाती हैं। ऐसे में आसपास की नसों और मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे कमर में लंबे समय तक भीना-भीना दर्द बना रहता है।
5. हार्मोनल और मांसपेशियों में खिंचाव
पीरियड्स के बाद भी हार्मोनल बदलाव का असर बना रहता है। इस वजह से पेल्विक की मांसपेशियां और नसें ढीली पड़ जाती हैं या उनमें खिंचाव आ जाता है। नतीजतन, कमर दर्द की समस्या बनी रहती है।
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पीरियड्स से पहले और बाद में कमर दर्द को कम कैसे करें?
| क्रम | क्या करें? | फायदे |
| 1. | सिकाई करें |
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| 2. | स्ट्रेचिंग करें |
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| 3. | हाइड्रेटेड रहें |
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| 4. | डाइट सही रखें |
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| 5. | दवा लें |
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निष्कर्ष
कई महिलाओं को पीरियड्स के पहले और बाद में कमर दर्द की समस्या हो जाती है। अमूमन ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। वहीं, अगर किसी को फाइब्रॉएड जैसी समस्या है, तो उन्हें भी पीरियड्स के बाद कमर दर्द बढ़ सकता है। इससे निपटने के लिए जीवनशैली में जरूरी बदलाव करें। इसके बावजूद, शरीर में आराम न आए, तो बेहतर है कि आप डाॅक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। कई बार किसी मेडिकल कंडीशन की वजह से भी यह समस्या हो सकती है।
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FAQ
क्या विटामिन डी या कैल्शियम की कमी से भी पीरियड्स में कमर दर्द बढ़ सकता है?
हां, शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से हड्डियों और मांसपेशियों की रिकवरी धीमी हो जाती है। ऐसे में पीरियड्स के दौरान होने वाला सामान्य कमर दर्द अधिक तीव्र हो जाता है।क्या कॉपर टी लगवाने के बाद पीरियड्स में कमर दर्द की समस्या बढ़ सकती है?
हां, कॉपर टी लगवाने के शुरुआती कुछ महीनों में पीरियड्स में कमर दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
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Current Version
Sep 10, 2026 15:37 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta