Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या बच्चेदानी निकलावने से यूट्रस और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है? डॉक्टर से जानें

हर महिला में यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर का रिस्क बना रहता है। कई महिलाएं स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपना बच्चदानी निकलवा देती हैं। तो क्या उनमें भी यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर होता है? आइए, जानते हैं डॉक्टर से।

बच्चेदानी निकलवाना एक जटिल प्रक्रिया है। आमतौर पर यह तब किया जाता है, जब किसी महिला को फाइब्रॉएड, एंडोमेट्रियोसिस जैसी कोई गंभीर समस्या हो और उसे दवा के लिए मैनेज करना मुश्किल हो जाए। जाहिर है बच्चेदानी की सर्जरी कब की जानी है, इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की कंडीशन देखते हुए लेते हैं। बहरहाल, माना जाता है कि बच्चेदानी निकलवाने के बाद महिलाओं को कई तरह के कैंसर का जोखिम कम हो जाता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या वाकई यह सच है या महज मिथक है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से इसकी सच्चाई।

क्या बच्चेदानी निकलावने से यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर का रिस्क टल जाता है?

हालांकि, बच्चेदानी बहुत गंभीर मामलों में ही निकाली जाती है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बच्चेदानी निकलावने से यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर का रिस्क पूरी तरह कम हो जाता है। इस बात की पुष्टि करते हुए डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर से बचने के लिए बच्चेदानी रिमूव करना एक प्रभावशाली तरीका है। इसे रिस्क रिड्यूसिंग हिस्ट्रेक्टॉमी भी कहा जाता है। असल में, जब बच्चेदानी ही रिमूव हो जाती है, तो वहां कैंसर होने का जोखिम पूरी तरह कम हो जाता है। हालांकि, कई ऐसी दवाएं भी मौजूद हैं, जो यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को कम कर सकती हैं, लेकिन वे सौ फीसदी गारंटी नहीं देती हैं।" FORCE (Facing Hereditary Cancer Empowered) में प्रकाशित लेख भी इस बात की पुष्टि करता है कि बच्चेदानी निकलवाने से यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।

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यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर के रिस्क को कैसे कम करें?

does hysterectomy reduce the risk of uterine and endometrial cancer 01 (13)

  1. वजन संतुलित रखेंः अगर आप स्वस्थ महिला हैं और बच्चेदानी भी स्वस्थ है, तो ऐसे में जाहिर है कि इसे रिमूव नहीं किया जाएगा। हालांकि, ऐसे में यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर का रिस्क बना रहता है। विशेषक, जिनके घर में इस कैंसर का पारिवारिक इतिहास है, उन्हें इस संबंध अधिक जागरूक होना चाहिए। इसके जोखिम को कम करने के लिए अपने वजन को संतुलित रखने की कोशिश करें।
  2. फिजिकल एक्टिविटी करेंः फिटनेस कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसलिए, हर महिला के लिए जरूरी है कि वह नियमित रूप से फिजिकली एक्टिव रहें। इसके लिए आप वॉक या जॉगिंग कर सकती हैं। आप चाहें, तो इंस्ट्रक्टर की भी मदद ले सकती हैं।
  3. हार्मोन ट्रीटमेंट करवाएंः अगर आप मेनोपॉज होने वाली हैं और इसके लक्षण नजर आ रहे हैं, तो ऐसे में आप हार्मोन ट्रीटमेंट ले सकती हैं। इससे न सिर्फ मेनोपॉज के लक्षणों में कमी आती है, आपकी परेशानियां कम होती हैं, बल्कि यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  4. बीमारियों को मैनेज करेंः अगर किसी को डायबिटीज या कोई अन्य मेडिकल कंडीशन है, तो उसे भी मैनेज करने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि डायबिटीज में ब्लड शुगर को संतुलित रख्ना बहुत जरूरी है। इसमें इंसुलिन लेवल बढ़ सकता है, जिससे एंडोमेट्रियल सेल्स विकसित हो सकते हैं। इसका मतलब है कि यह यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर के खतरा को बढ़ा देता है।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यही है कि हर महिला को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। हां, अगर किसी वजह से बच्चेदानी निकलवा दी गई है, तो इसके बाद अपनी लाइफ को कैसे मैनेज करना है, इस बारे में एक्सपर्ट की सलाह लें। हालांकि, इस बात की पुष्टि की जा सकती है कि बच्चेदानी निकलवाने के बाद यूट्रस-एंडोमेट्रियल कैंसर का रिस्क कम हो जाता है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या हिस्टेरेक्टॉमी एंडोमेट्रियल कैंसर को रोकता है?

    हिस्टेरेक्टॉमी एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को कम करने का एक प्रभावशाली तरीका माना जा सकता है। हालांकि, कब और किन महिलाओं को हिस्टेरेक्टॉमी करवानी चाहिए, इस संबंध में डॉक्टर आपके स्वास्थ्य के आधार पर निर्णय लेते हैं।
  • क्या गर्भाशय का कैंसर ठीक हो सकता है?

    यह कहा नहीं जा सकता है कि गर्भाशय का कैंसर परू तरह ठीक हो सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में देखा गया है कि अगर इसके शुरुआती चरण में इसका पता चले, तो इससे रिकवरी की संभावना दर बढ़ जाती है।
  • क्या हिस्टेरेक्टॉमी के बाद जीवन बेहतर होता है?

    हिस्टेरेक्टॉमी के बाद महिला को पीरियड्स नहीं होते हैं। इसका मतलब है कि हार्मोनल बदलाव होते हैं। हालांकि, यह कहा जा सकता है कि महिलाएं हिस्टेरेक्टॉमी के बाद नॉर्मल जीवन यापन कर सकती हैं। इसके लिए डॉक्टर की सलाह मानी जानी चाहिए।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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