Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

वजाइना का पीएच लेवल बिगाड़ती हैं लाइफस्टाइल से जुड़ी ये 5 गलतियां, हो सकती हैं कई परेशानियां

Vaginal pH Imbalance: योनि का पीएच (pH) लेवल सही होना चाहिए। कई बार लाइफस्टाइल की बुरी आदतें या गलतियां योनि के पीएचल लेवल को बिगाड़ सकती है। जानें, इनके बारे में विस्तार से।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की मानें, तो हेल्दी योनि का पीएच लेवल, जो आमतौर पर एसिडिक (3.8 से 4.5) होता है, बहुत जरूरी है। क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों है? एनसीबीआई वेबसाइट में प्रकाशित इसी लेख की मानें, तो योनि का पीएच लेवल प्रोटेक्टिव, एसिडिक माहौल बनाता है, जो योनि में नुकसानदायक बैक्टीरिया और यीस्ट को बढ़ने से रोकता है। इससे कई तरह के संक्रमण, बैक्टीरियल वेजिनोसिस और थ्रश जैसी समस्याओं के रिस्क कम हो जाते हैं। हालांकि, हमारी जीवनशैली और खानपान से जुड़ी कई ऐसी आदते हैं, जो योनि के पीएच लेवल को प्रभावित करती हैं। अगर आप इन गलतियों के बारे में नहीं जानते हैं, तो इस लेख को ध्यान से जरूर पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की है।

गलतियां जो योनि का पीएच लेवल बढ़ा सकती हैं

lifestyle mistakes that cause vaginal ph imbalance 01 (11)

योनि की सफाई न करनाः यह सच है कि योनि सेल्फ क्लीनिंग ऑर्गन है। इसलिए योनि की सफाई के लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट यूज नहीं करने चाहिए, लेकिन योनि की क्लीनिंग को पूरी तरह इग्नोर किया जाए, यह सही नहीं है। रोजाना सादे पानी से योनि की सफाई करना जरूरी है।

ओवर वॉश करनाः कुछ महिलाएं योनि की सफाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती हैं। वहीं, ऐसी महिलाओं की संख्या भी कमी नहीं है, जो अपने प्राइवेट पार्ट को ओवर वॉश करती हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो बार-बार या फ्रिक्वेंटली योनि की सफाई करना सही नहीं है। इससे गुप्तांग का नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है और पीएचल लेवल भी बिगड़ सकता है। U.S. Department Of Health & Human Services की मानें तो योनि स्प्रे या सेंटेड पैड्स का यूज नहीं करना चाहिए। इससे यीस्ट संक्रमण का कारण बन सकता है, जो कि योन का pH लेवल बिगड़ सकता है।

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टाइट कपड़े पहननाः स्कीनी जीन्स या सिंथेटिक फैब्रिक पहनना बॉडी स्किन के लिए सही नहीं है। विशेषकर, योनि की बात करें, तो इस तरह के कपड़े पहनने से शरीर से बह रहा है पसीना स्किन में ही लॉक हो जाता है। ऐसे में योनि में नमी बनी रहती है, जो बैक्टीरिया के पनपने का कारण बन सकता है

पीरियड में सफाई न करनाः पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को अपनी योनि की अधिक सफाई करनी चाहिए। कई महिलाएं इन दिनों पूरा-पूरा दिन एक ही पैड पहने रहती हैं। जाहिर है, यह सही नहीं है। इससे बैक्टीरिया के पनपने का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे पीएच लेवल भी बिगड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 4-6 घंटे में पैड बदल देना चाहिए।

स्मोकिंग करनाः वैसे तो स्मोक करना किसी के लिए सही नहीं है। महिलाओं की बात करें, तो स्मोकिंग करना उनके लिए सही नहीं है। इससे उनके रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। यहां तक कि योनि का पीएच लेवल भी प्रभावित होता है। दरअसल, स्मोकिंग करने से योनि के गुड बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरियल वेजिनोसिस का जोखिम बढ़ जाता है।

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योनि का पीएच लेवल कैसे मैनेज करें?

What happens if you have a lump in your uterus 1 (4)

  • योनि की सफाई के लिए सिर्फ और सिर्फ सादे पानी का यूज करें।
  • हमेशा कॉटन के अंडरवियर पहनें।
  • योनि के बैक्टीरिया मैनेज करने के लिए प्रोबायोटिक फूड लें।
  • अगर आप स्विमिंग जैसी एक्टिविटी करें, तो इसके बाद तुरंत अपने कपड़े बदलें।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि योनि का पीएचल लेवल का संतुलित होना महिला स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। महिलाओं की रोजमर्रा की कई बुरी आदतें उनके पीएच लेवल को बिगाड़ सकती हैं। इनका जिक्र हमने ऊपर इस लेख में किया है। अगर आपको इचिंग, संक्रमण जैसी कोई समस्या हो, तो इसे इग्नोर न करें। योनि का बिगड़ता पीएचल लेवल भी इसका एक कारण हो सकता है। जरूरी हो तो समय पर डॉक्टर के पास जाएं और अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • योनि का सामान्य पीएच लेवल कितना होना चाहिए?

    विशेषज्ञों की मानें, तो एक स्वस्थ महिला की योनि का पीएच लेवल आमतौर पर 3.8 से 4.5 के बीच होना चाहिए।
  • क्या डाइट से पीएच लेवल सुधारा जा सकता है?

    हां, डाइट का योनि के पीएच लेवल पर बहुत गहरा असर पड़ता है। महिलाओं को दही या अन्य प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे योनि में गुड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है, जिससे पीएच लेवल संतुलित रहता है।
  • योनि का पीएच असंतुलित होने के लक्षण क्या हैं?

    योनि से सफेद पानी बहना, उसमें तेज गंध आना, योनि में खुजली, जलन होना और पेशाब के दौरान दर्द होना। ये सभी लक्षण योनि के पीएच लेवल बिगड़ने के संकेत हो सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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