पीरियड के दौरान क्रैम्प्स होना तो महिलाओं में आम बात है, लेकिन कई बार बिना पीरियड्स के भी महिलाओं को दर्द और ऐंठन महसूस होता है। बता दें कि पीरियड शुरू हुए बिना भी अगर आपके पेट के निचले हिस्से या कमर में ऐंठन और दर्द महसूस हो रहा है तो यह महिलाओं के शरीर में होने वाली किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida बताती हैं कि अक्सर महिलाएं बिना पीरियड्स के पीरियड जैसा दर्द होने को मासिक धर्म आने का संकेत समझकर इग्नोर कर देती हैं, लेकिन इसके पीछे कई शारीरिक और हार्मोनल कारण हो सकते हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि बिना पीरियड के ऐसा दर्द क्यों होता है?
बिना पीरियड के पीरियड जैसा दर्द क्यों होता है?
साल 2018 में Surgery (Oxford) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार महिलाओं के निचले पेट और पेल्विक क्षेत्र में प्रजनन तंत्र के कारण होने वाला दर्द प्रेग्नेंसी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ा हो सकता है। पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज सबसे आम कारणों में से एक है। एंडोमेट्रियोसिस की स्थिति में भी गर्भाशय के बाहर एंडोमेट्रियल ऊतक के बढ़ने और हार्मोनल बदलावों से होने वाले ब्लीडिंग के कारण सूजन, दर्द और ऐंठन की समस्या हो सकती है।
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, बिना पीरियड के उसके जैसा दर्द शरीर में हार्मोनल असंतुलन या किसी बीमारी का संकेत हो सकता है, जिनमें शामिल हैं:
1. ओव्यूलेशन का दर्द
पीरियड साइकिल के बीच में यानी लगभग 14वें से 16वें दिन जब अंडाशय से अंडा रिलीज होता है, तो महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में एक तरफ हल्का या तेज दर्द हो सकता है। इसे मेडिकल की भाषा में मिटेलशमर्म कहते हैं। यह दर्द आमतौर पर पेट के बाईं या दाईं तरफ एक ही ओर होता है और 2 से 24 घंटे में खुद ठीक हो जाता है।
2. प्रेग्नेंसी का शुरुआती संकेत
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं तो प्रेग्नेंट होने पर आपके पेट में हल्का दर्द या ऐंठन महसूस हो सकती है। भ्रूण जब गर्भाशय की दीवार से चिपकता है तो गर्भाशय में ऐंठन और हल्का दर्द महसूस होता है। यह दर्द पीरियड्स की तारीख से कुछ दिन पहले हो सकता है और इसके साथ हल्की स्पॉटिंग भी हो सकती है।
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3. हार्मोनल असंतुलन और तनाव
बहुत ज्यादा शारीरिक या मानसिक तनाव, नींद की कमी या वजन में अचानक बदलाव के कारण शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे महिलाओं के गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और पीरियड्स आए बिना ही क्रैम्प्स महसूस होने लगते हैं।
4. ओवेरियन सिस्ट
ओवेरियन सिस्ट के कारण भी महिलाओं को पीरियड जैसा दर्द महसूस हो सकता है। दरअसल, जब अंडाशय में तरल पदार्थ से भरी छोटी सिस्ट बन जाती हैं तो वे आस-पास की नसों और टिश्यू पर दबाव डालती हैं। PMOS या PCOD से पीड़ित महिलाओं में यह समस्या बहुत आम होती है। ओवेरियन सिस्ट होने पर पेट के निचले हिस्से में भारीपन, सुई चुभने जैसा दर्द और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
5. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूरिन इंफेक्शन होने पर भी पीरियड जैसा दर्द या क्रैम्प्स महसूस हो सकते हैं। बैक्टीरिया जब ब्लैडर या यूरिन के रास्ते में फैल जाते हैं तो पेल्विक एरिया में तेज दर्द और ऐंठन होने लगती है, जो बिल्कुल पीरियड के दर्द जैसी महसूस होती है। यूरिन इंफेक्शन होने पर महिलाओं को पेट में दर्द या ऐंठन के अलावा पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना या पेशाब का रंग बदलने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

6. एंडोमेट्रियोसिस
महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस जैसी गंभीर बीमारी के कारण भी बिना पीरियड के पीरियड जैसा दर्द हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय के अंदर बनने वाली परत गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती है। इस स्थिति में पीरियड के बिना भी पेट के निचले हिस्से, कमर और जांघों में बहुत तेज दर्द होता है।
7. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण भी महिलाओं को पीरियड्स आए बिना क्रैम्प्स हो सकते हैं। यह महिला प्रजनन अंगों जैसे गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब या ओवरी में होने वाला एक बैक्टीरिया इंफेक्शन है। इस स्थिति में पेट के निचले हिस्से में लगातार हल्का-हल्का दर्द, बदबूदार व्हाइट डिस्चार्ज और कभी-कभी हल्का बुखार आने जैसी समस्याएं हो सकती है।
दर्द से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, बिना पीरियड्स के पीरियड जैसा दर्द होने पर राहत पाने के लिए समस्या के सही कारणों का पता होना जरूरी है। हालांकि, हल्का दर्द या क्रैम्प्स होने पर आप इन उपायों को अपना सकते हैं:
- हॉट वॉटर बैग: पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड से 10 से 15 मिनट तक हल्की सिकाई करें।
- गुनगुना पानी पिएं: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अजवाइन या अदरक की चाय भी कुछ समय के लिए राहत दिला सकती है।
- हल्का स्ट्रेचिंग या योग: भद्रासन या बालासन जैसे योगासन करने या हल्की स्ट्रेचिंग करने से पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
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डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
Dr. Anju Suryapani कहती हैं कि अगर दर्द हल्का है और 1 से 2 दिन में खुद ठीक हो जाता है तो यह चिंता की बात नहीं होती है, लेकिन अगर ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत गायनोकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है:
- बहुत तेज दर्द होना, जिसे सहन करना मुश्किल हो
- दर्द होने के साथ तेज बुखार, उल्टी या चक्कर आना
- योनि से अजीब डिस्चार्ज होना
- पेशाब करते समय बहुत तेज जलन या खून आना
- पीरियड मिस होने और प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने पर
- निष्कर्ष
बिना पीरियड के पीरियड जैसा दर्द या क्रैम्प्स होने के पीछे प्रेग्नेंसी, बैक्टीरियल इंफेक्शन, एंडोमेट्रियोसिस, यूरिन इंफेक्शन, हार्मोनल असंतुलन और ओवेरियन सिस्ट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हल्का दर्द होने और 1-2 दिनों में अपने आप ठीक होना आम बात है, लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे तो नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
पेट के निचले हिस्से में पीरियड जैसा दर्द होने का क्या कारण है?
महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में पीरियड जैसा दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिनमें हार्मोनल बदलाव, पाचन की समस्या या अंदरूनी स्वास्थ्य स्थिति हो सकती है।पेट में दर्द हो या पीरियड न आए तो क्या करें?
पीरियड समय पर न आने और पेट में दर्द होने पर सबसे पहले आराम करें और घरेलू उपाय अपनाएं, लेकिन अगर आपको दर्द तेज होता है या पीरियड ज्यादा दिन देरी से हो रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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Sep 09, 2026 15:41 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani