Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr KS Somasekhar Rao , Senior Consultant Gastroenterologist | Hepatologist | Advanced Therapeutic Endoscopist

फैटी लिवर में पेट दर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें

फैटी लिवर होने पर लिवर में फैट बढ़ने लगता है, जिसके कारण सूजन की समस्या हो सकती है और ये सूजनपेट दर्द का कारण बन सकती है।

फैटी लिवर की समस्या इन दिनों तेजी से बढ़ रही है । फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि कुछ लोगों को इसके गंभीर होने तक रोग का पता ही नहीं चलता है। फैटी लिवर तब होता है, जबलिवर सेल्स में बहुत ज्यादा फैट जमा होने लगता है। यह समस्या आमतौर पर गलत खान-पान, मोटापा, शराब का ज्यादा सेवन, डायबिटीज आदि कारणों से हो सकती है, । फैटी लिवर के मरीजों में पेट दर्द होना एक आम परेशानी है। ऐसे में मरीजों के मन में कई बार ये सवाल उठता है कि फैटी लिवरमें पेट दर्द क्यों होता है? हैदराबाद के यशोदा अस्पताल के क्लिनिकल डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. के. एस. सोमशेखर राव का कहना है कि फैटी लिवर की समस्या में पेट दर्द होना सीधा लिवर के आकार और उसकी सूजन से जुड़ा होता है।

फैटी लिवर में पेट दर्द का कारण

फैटी लिवर के कारण मरीज को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है। डॉ. के. एस. सोमशेखर राव बताते हैं कि "फैटी लिवर में होने वाले पेट दर्द का मुख्य कारण 'ग्लिसन्स कैप्सूल' (Glisson's Capsule) में खिंचाव आना है। जब लिवर सेल्स (हेपेटोसाइट्स) में बहुत ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो लिवर का आकार बढ़ जाता है। इसे हेपेटोमेगाली कहते हैं। लिवर के अंदर दर्द महसूस करने वाली नसें नहीं होती हैं, लेकिन उसे ढकने वाली बाहरी परत (मेम्ब्रेन) में कई नसों होती हैं, जो दर्द महसूस कर सकती हैं। इसलिए लिवर के फैलने पर इस परत में खिंचाव पैदा होता है और यही खिंचाव पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में पसलियों के नीचे हल्के दर्द या भारीपन के रूप में महसूस होता है।"

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Fatty Liver Foundation के अनुसार, "लिवर में खुद कोई दर्द रिसेप्टर नहीं होता है। ऐसा माना जाता है कि लिवर से जुड़ा या उसके आस-पास होने वाला पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से का दर्द, ग्लिसन्स कैप्सूल के फैलने के कारण हो सकता है। यह कैप्सूल लिवर को घेरता है और इसमें कई दर्द रिसेप्टर होते हैं।"

फैटी लिवर में पेट दर्द कब बढ़ता है?

डॉ. के. एस. सोमशेखर राव ने आगे बताया, "शुरुआती स्टेज में, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) या मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) के कारण मरीज को हल्की तकलीफ महसूस हो सकती है, जिसे अक्सर लोग अपच या गैस समझ लेते हैं। सूजन बहुत ज्यादा बढ़ने पर, आस-पास के अंगों और टिशूज पर दबाव पड़ता है। ये समस्या ज्यादा फैटी (ऑयली) खाना खाने या शराब पीने के बाद और ज्यादा बढ़ सकती है।"

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लिवर में फैट जमा होने से दर्द कैसे बढ़ता है?

Springer Nature Link (2022) के अनुसार, “NAFLD वाले ज्यादातर मरीजों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, हालांकि उनमें से कुछ को थकान और पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तकलीफ की समस्या होती है।” डॉ. के. एस. सोमशेखर राव बताते हैं कि लिवर में फैट जमा होने पर पेट दर्द बढ़ने के पीछे कई कारण शामिल हैं, जिसमें-

  • फैटी लिवर के कारण जब लिवर में सूजन आती है तो शरीर में साइटोकाइन्स नाम का केमिकल रिलीज होता है। ये केमिकल नसों को बहुत ज्यादा संवेदनशील बना देते हैं, जो दर्द के एहसास को बढ़ा सकते हैं।
  • लिवर में फैट जमा होने के कारण ब्लड का फ्लो ठीक तरह से नहीं हो पाता है। इसकी वजह से लिवर और उसके आस-पास के अंगों को ऑक्सीजन और पोषण पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता, जिससे उन हिस्सों में छोटी-मोटी चोटें या नुकसान होने लगता है।
  • फैटी लिवर के कारण कुछ गंभीर मामलों में फाइब्रोसिस या सिरोसिस हो जाता है। इसमें स्कार टिशू सिकुड़ जाता है और लिवर की बनावट को बिगाड़ देता है। इसके कारण दर्द लगातार बढ़ता जाता है। इसका असर आपके बाइल प्रोडक्शन पर पड़ता है। कम बाइल जूस बनने के कारण मरीज का पाचन धीमा हो जाता है, उसे पेट भरा हुआ महसूस होता है। ऐसे में फैटी लिवर में पेट दर्द भी बढ़ने लगता है।

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नॉर्मल पेट दर्द और फैटी लिवर दर्द में अंतर

डॉ. के. एस. सोमशेखर राव का कहना है कि, " सामान्य पेट दर्द और फैटी लिवर के कारण होने वाले पेट दर्दके बीच अंतर समझना बहुत जरूरी है, ताकि बीमारी का समय पर पता लगाकर सही इलाज किया जा सके।”

नॉर्मल पेट का दर्द

सामान्य कारणों से होने वाला पेट दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी, बीचों-बीच या हल्के बाईं ओर होता है। र इस दर्द का कारण गैस, एसिडिटी, अल्सर, खाने की नली में जलन और खराब पाचन हो सकते हैं।

फैटी लिवर का दर्द

लिवर में फैट जमा होने के कारण लिवर का साइज बढ़ जाता है, जिससे बाहरी झिल्ली में खिंचाव आ जाता है। इस स्थिति में पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में, पसलियों के ठीक नीचे हल्का दर्द महसूस होता है।

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पेट दर्द होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?

डॉ. के. एस. सोमशेखर राव बताते हैं कि पेट दर्द वैसे तो कई कारणों से हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेने बहुत जरूरी हो जाता है, जिसमें-

  • आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का लेकिन लगातार दर्द बना रहता है।
  • बिना किसी शारीरिक गतिविधि या कारण के बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस होना।
  • अगर आपकी स्किन पर पीलिया के लक्षण जैसे स्किन या आंखों का रंग पीलापन नजर आने लगे।
  • शरीर के अलग-अलग हिस्से जैसे पैर और पेट में सूजन नजर आ सकता है।

अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या या लक्षण महसूस हो तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह फैटी लिवर का संकेत हो सकता है। इसलिए, समय पर डॉक्टर से सलाह लें ताकि लिवर को गंभीर नुकसान होने से बचाया जा सके।

निष्कर्ष

फैटी लिवर की समस्या में पेट दर्द होना नॉर्मल है, क्योंकि लिवर का साइज बढ़ने और लिवर की बाहरी सुरक्षा परत में सूजन के कारण खिंचाव होने पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है। इससे राहत पाने के लिए जरूरी है कि आप हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल फॉलो करें।
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FAQ

  • फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?

    फैटी लिवर की शुरुआती स्टेज में इसे जल्दी ठीक करना आसान होता है। Springer Nature Link के अनुसार अपने शरीर के कुल वजन का लगभग 5 से 10 प्रतिशत कम करने से लिवर में जमा फैट कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, रोजाना 30 से 45 मिनट तेज चलना या स्विमिंग करने जैसी गतिविधियां करें, चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स का कम सेवन करें और शराब पीना पूरी तरह छोड़ दें। ध्यान रहे अगर स्टेज 2 या 3 है तो बिना देर किए इसके सही इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें।
  • फैटी लिवर में पेट दर्द कहां होता है?

    फैटी लिवर में दर्द पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में पसलियों के नीचे होता है। यह समस्या आमतौक पर लिवर का आकार बढ़ने और उसकी बाहरी परत पर दबाव पड़ने के कारण होता है।
  • फैटी लिवर में क्या-क्या परहेज करना चाहिए?

    फैटी लिवर की समस्या में चीनी, रिफाइंड कार्ब्स, ट्रांस फैट, शराब और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना चाहिए। हेल्दी लिवर के लिए तला-भुना, रेड मीट, पैकेट वाले ड्रिंक्स, बटर और नमक का सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।
  • फैटी लिवर ठीक होने में कितना समय लगता है?

    फैटी लिवर स्टेज 1 को ठीक होने में आमतौर पर 3 से 12 महीने लग सकते हैं, जो बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। ग्रेड 1 फैटी लिवर 2-3 महीने में, जबकि ग्रेड 2 में 6 से 12 महीने या ज्यादा समय लग सकता है।
  • क्या फैटी लिवर वापस सामान्य हो सकता है?

    हां, फैटी लिवर के शुरुआती स्टेज में लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे हेल्दी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और वजन कम करने के जरिए इसे वापस नॉर्मल किया जा सकता है। हालांकि,अगर स्थिति फाइब्रोसिस या सिरोसिस में बदल जाए तो इसे रिवर्स करना मुश्किल हो सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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