Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

हाई टेस्टोस्टेरोन वाली महिलाओं में क्यों बढ़ जाता है फैटी लिवर का खतरा? जानें डॉक्टर से

महिलाओं में टेस्टोस्टेरेन का लेवल ज्यादा होने पर फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। इंसुलिन कम होने पर ब्लड शुगर और फैट का असंतुलन होने पर फैटी लिवर की समस्या बढ़ सकती है। इस लेख में डॉक्टर ने हाई टेस्टोस्टेरोन से होने वाले फैटी लिवर के बारे में विस्तार से बताया है।

महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा कम रहती है, लेकिन यह महिलाओं में मांसपेशियों की मजबूती और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। कई महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाए, तो इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकता है। कई मामलों में टेस्टोस्टेरोन की ज्यादा मात्रा से लिवर को भी नुकसान हो सकता है। इस बारे में हमने Dr. Chetna Jain, Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon से बात की। उन्होंने बताया कि हाई टेस्टोस्टेरोन वाली महिलाओं में नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का रिस्क ज्यादा हो सकता है।

हाई टेस्टोस्टेरोन हार्मोन से फैटी लिवर पर असर

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “जब महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ता है, तो शरीर में इंसुलिन के काम करने की क्षमता कम होने लगती है। इस कंडीशन में शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इस कारण शुगर और फैट का बैलेंस बिगड़ने लगता है और फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होने लगता है। अगर लगातार यह कंडीशन रहती है, तो इससे NAFLD होने का खतरा बढ़ सकता है।”

PMOS से फैटी लिवर का रिस्क

Dr. Chetna Jain के मुताबिक, “हाई टेस्टोस्टेरोन के कारण PMOS (PCOS) होने का रिस्क हो सकता है। PMOS से पीड़ित महिलाओं में अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ा हुआ पाया जाता है। जब ये तीनों कंडीशन्स मिल जाती है, तो लिवर में फैट जमा होने लगता है। इसलिए जिन महिलाओं को PMOS की समस्या होती है, उन्हें लिवर का रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए।”

पेट के आसपास फैट बढ़ना

Dr. Chetna Jain का कहना, “हाई टेस्टोस्टेरोन का असर शरीर के फैट पर पड़ता है। इस कारण महिलाओं में पेट के आसपास फैट जमा हो जाता है और इस विसरल फैट से लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ सकता है।”

high testosterone have higher risk of fatty liver in hindi

हाई टेस्टोस्टेरोन के लक्षणों का रखना चाहिए?

Dr. Chetna Jain ने बताया कि अगर महिलाओं को लगातार थकान महसूस होना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन महसूस हो, तेजी से वजन बढ़ने लगे, अनियमित पीरियड्स होने लगे, चेहरे पर मुंहासे बढ़ना और चेहरे पर अनचाहे बाल आने लगे, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

फैटी लिवर से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “फैटी लिवर से बचाव के लिए महिलाओं को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए। इसमें बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर कसरत करना, वजन कंट्रोल में रखना, प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करना, PMOS से पीड़ित महिलाओं को रेगुलर चेकअप कराना और डॉक्टर की सलाह लेकर ब्लड शुगर और लिवर फंक्शन का टेस्ट कराते रहना चाहिए।”

निष्कर्ष
Dr. Chetna Jain सलाह देती हैं कि फैटी लिवर लंबे समय तक बिना लक्षण के भी बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी महिला को हाई टेस्टोस्टेरोन या PMOS की समस्या है, तो सिर्फ हार्मोनल इलाज नहीं कराना चाहिए, बल्कि लिवर का भी रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए। इसके अलावा, डाइट और लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना चाहिए।

FAQ

  •  क्या पीसीओएस (PMOS) से पीड़ित महिलाओं को इसका सबसे ज्यादा खतरा है?

    PMOS महिलाओं में हाई टेस्टोस्टेरोन का सबसे बड़ा कारण है। मेडिकल रिसर्च बताती हैं कि पीसीओएस से पीड़ित लगभग 50% से अधिक महिलाओं में अनजाने में ही फैटी लिवर की बीमारी भी पनप रही होती है, भले ही वे शराब का सेवन बिल्कुल न करती हों।
  •  इंसुलिन रेजिस्टेंस लिवर की कोशिकाओं को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

    इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर शरीर में 'लाइपोलिसिस' प्रक्रिया अनियंत्रित हो जाती है। इसके कारण वसा ऊतकों से भारी मात्रा में फ्री फैटी एसिड्स निकलकर सीधे लिवर में पहुंचते हैं। लिवर इन एसिड्स को समय पर प्रोसेस नहीं कर पाता और लिवर की कोशिकाओं में सूजन आने लगती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Published By : Aneesh Rawat
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