Sun Oct 11, 2026 | 01:31 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sarada Pasangulapati , Consultant Medical Gastroenterologist & Hepatologist

शराब नहीं पीते फिर भी लिवर में जमा हो रहा फैट? जानें इस तरह के फैटी लिवर का कारण और इलाज

मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और खराब खानपान के कारण शराब न पीने वालों में भी लिवर पर फैट जमने की समस्या हो सकती है।
शराब नहीं पीते फिर भी लिवर में जमा हो रहा फैट? जानें इस तरह के फैटी लिवर का कारण और इलाजशराब नहीं पीते फिर भी लिवर में जमा हो रहा फैट? जानें इस तरह के फैटी लिवर का कारण और इलाज

आजकल बिना शराब का सेवन किए भी लिवर में फैट जमने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इस बीमारी को केवल शराब पीने से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब डॉक्टर इसे मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) के रूप में पहचानते हैं। यह स्थिति तब होती है जब लिवर की सेल्स में एक्स्ट्रा फैट जमा होने लगता है और लिवर का फंक्शन धीरे-धीरे प्रभावित होने लगता है। फैटी लिवर शुरुआती स्टेज में अक्सर बिना किसी लक्षण के विकसित होता है, जिसके कारण लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। कई मामलों में इसका पता अचानक अल्ट्रासाउंड या रूटीन हेल्थ चेकअप के दौरान चलता है। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल हैदराबाद की कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट, डॉ. सारदा पासंगुलपति से जानिए, बिना शराब पिए भी लिवर पर फैट क्यों जमता है?

बिना शराब पिए भी लिवर में चर्बी क्यों जमा हो रही है?

डॉ. सारदा पासंगुलपति के अनुसार, फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल है। मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, पेट के आसपास जमा फैट, टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियां लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ा देती हैं। इसके अलावा जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स और फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी इस समस्या को बढ़ावा देती है। कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण और हार्मोनल बदलाव भी बिना शराब पिए फैटी लिवर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

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शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर अक्सर बिना लक्षणों के होता है। हालांकि जैसे-जैसे स्थिति गंभीर होती है, व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या दर्द, भूख कम लगना और वजन में बदलाव जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। डॉ. सारदा पासंगुलपति बताती हैं कि कई बार मरीजों को तब तक कोई परेशानी महसूस नहीं होती जब तक लिवर में सूजन या अन्य समस्याएं विकसित नहीं हो जातीं। इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी है।

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फैटी लिवर का इलाज क्या है?

डॉ. सारदा पासंगुलपति बताती हैं कि वर्तमान में फैटी लिवर के लिए कोई एक खास दवा उपलब्ध नहीं है जो इसे पूरी तरह खत्म कर दे। डॉ. सारदा पासंगुलपति के अनुसार, इसका सबसे प्रभावी इलाज लाइफस्टाइल में सुधार है। यदि व्यक्ति अपने वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक कम कर लेता है तो लिवर में जमा फैट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित एक्सरसाइज, बैलेंस डाइट, मीठे और प्रोसेस्ड फूड से दूरी, पर्याप्त नींद इस बीमारी को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि मरीज को डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं हैं, तो उनका उचित इलाज भी जरूरी है।

निष्कर्ष

बिना शराब पिए भी फैटी लिवर होना आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। मोटापा, डायबिटीज, खराब खानपान और इनएक्टिव लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण हैं। अच्छी बात यह है कि सही समय पर पहचान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या फैटी लिवर खतरनाक बीमारी है?

    यदि समय पर इलाज न हो तो यह लिवर डैमेज और सिरोसिस का कारण बन सकता है।
  • क्या फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

    शुरुआती स्टेज में लाइफस्टाइल सुधार से इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
  • क्या जंक फूड फैटी लिवर बढ़ाता है?

    जंक और प्रोसेस्ड फूड लिवर में फैट जमा करने का खतरा बढ़ाते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 04, 2026 18:10 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 04, 2026 18:10 IST

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  • Jun 04, 2026 18:10 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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