Fri Sep 11, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

लिवर एंजाइम बढ़ने के कारण, लक्षण और जांच, जानें कब हो सकता है खतरा

लिवर एंजाइम्स का बढ़ना शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है, जो फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, शराब के सेवन, मोटापा और खराब लाइफस्टाइल के कारण होता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ थकान, पीलिया, भूख की कमी और पेट दर्द जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

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क्या आपकी रिपोर्ट में लिवर एंजाइम्स बढ़े हुए आए हैं और आप समझ नहीं पा रहे कि इसका मतलब क्या है? आखिर लिवर एंजाइम्स क्यों बढ़ते हैं, इसके पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार होते हैं? क्या यह फैटी लिवर, शराब, हेपेटाइटिस या खराब लाइफस्टाइल का संकेत है? क्या इसके कोई शुरुआती लक्षण होते हैं या यह बिना संकेत के ही शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है और  सबसे अहम सवाल कि इसकी सही पहचान कैसे होती है और कौन-कौन सी जांचें जरूरी होती हैं? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और चिकित्सीय एंडोस्कोपी के वरिष्ठ सलाहकार और निदेशक, डॉ. शरद मल्होत्रा से बात की।

लिवर एंजाइम्स का बढ़ना क्या होता है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि लिवर हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है, जो शरीर को डिटॉक्स करने, पाचन में मदद करने और एनर्जी के भंडारण जैसे कई जरूरी काम करता है। जब लिवर किसी कारण से प्रभावित होता है, तो खून में कुछ खास एंजाइम्स का लेवल बढ़ जाता है। यह स्थिति लिवर एंजाइम्स का बढ़ना कहलाती है। यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत है।

लिवर एंजाइम्स की नॉर्मल रेंज क्या होती है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि जब भी लिवर में किसी तरह की समस्या होती है, तो लिवर एंजाइम्स का लेवल खून में बढ़ या घट सकता है। मुख्य लिवर एंजाइम्स में ALT (Alanine Aminotransferase), AST (Aspartate Aminotransferase), ALP (Alkaline Phosphatase) और GGT (Gamma-Glutamyl Transferase) शामिल होते हैं। 

  • सबसे पहले ALT की बात करें, तो इसकी नॉर्मल रेंज आमतौर पर 7 से 56 U/L के बीच मानी जाती है, इसका बढ़ना लिवर डैमेज का संकेत हो सकता है। 
  • AST की नॉर्मल रेंज लगभग 10 से 40 U/L होती है। यह लिवर के अलावा दिल और मांसपेशियों में भी पाया जाता है, इसलिए इसका बढ़ना केवल लिवर की समस्या ही नहीं, बल्कि अन्य कारणों से भी हो सकता है।
  • ALP की नॉर्मल रेंज लगभग 44 से 147 U/L होती है। यह एंजाइम लिवर और हड्डियों से जुड़ा होता है, इसलिए इसके बढ़ने का कारण लिवर के साथ-साथ हड्डियों की बीमारी भी हो सकता है।
  • वहीं GGT की नॉर्मल रेंज पुरुषों में लगभग 8 से 61 U/L और महिलाओं में 5 से 36 U/L होती है। यह एंजाइम खासतौर पर शराब के सेवन या बाइल डक्ट से जुड़ी समस्याओं में बढ़ता है।

इन रेंज में थोड़ा-बहुत अंतर अलग-अलग लैब्स के अनुसार हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति के लिवर एंजाइम्स लगातार बढ़े हुए मिलते हैं, तो यह फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या अन्य लिवर रोगों का संकेत हो सकता है।

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लिवर एंजाइम्स बढ़ने का कारण क्या है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि मॉडर्न लाइफस्टाइल लिवर एंजाइम्स बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। खासकर सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कम फिजिकल एक्टिविटी वाले लोगों में इसका जोखिम ज्यादा होता है। इसके अलावा लिवर एंजाइम्स बढ़ने के अन्य कारण भी होते हैं।

1. फैटी लिवर

आज के समय में लिवर एंजाइम्स बढ़ने का फैटी लिवर सबसे आम कारण बन गया है। इसमें लिवर में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है और जब फैट ज्यादा बढ़ जाता है, तो लिवर सही तरीके से काम नहीं कर पाता और एंजाइम्स का लेवल बढ़ जाता है। साल 2025 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित हुए Peer Review के अनुसार, आईटी (IT) क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज' (NAFLD/MASLD) और लिवर एंजाइम के लेवल में बढ़ोतरी का खतरा काफी ज्यादा देखा गया है। इस स्टडी के अनुसार, लगभग 36.8% आईटी पेशेवरों में फैटी लिवर की समस्या पाई गई, जिसका मुख्य कारण सेडेंटरी लाइफस्टाइल, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी है। 

2. ज्यादा शराब का सेवन

लंबे समय तक और ज्यादा मात्रा में शराब पीने से लिवर की सेल्स खराब होने लगती हैं। इससे लिवर में सूजन और नुकसान होता है, जिसके कारण लिवर एंजाइम्स बढ़ जाते हैं।साल 2008 के The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, शराब का सेवन भी लिवर पर असर डाल सकता है, खासकर उन लोगों में जिनका BMI ज्यादा होता है। यानी अगर कोई व्यक्ति मोटापे का शिकार है और साथ ही शराब भी पीता है, तो उसके लिवर एंजाइम्स बढ़ने का खतरा और ज्यादा हो जाता है। इसलिए डॉक्टरों को ऐसे मरीजों की जांच करते समय उनके वजन और शराब की आदत दोनों को ध्यान में रखना चाहिए। 

साल 2025 में European Journal of Gastroenterology & Hepatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, जो लोग अधिक शराब पीते हैं, उनमें लिवर एंजाइम (जैसे GGT, ALT और AST) का लेवल बढ़ जाता है, जो लिवर की खराबी का संकेत है। दिलचस्प बात यह है कि बीएमआई इसे और गंभीर बना देता है, यानी ज्यादा वजन या मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में शराब का लिवर पर बुरा असर कहीं ज्यादा होता है। निष्कर्ष यह निकलता है कि केवल शराब छोड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि लिवर को सुरक्षित रखने के लिए वजन को कंट्रोल रखना भी बेहद जरूरी है।

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3. हेपेटाइटिस

हेपेटाइटिस एक वायरल इंफेक्शन है, जो लिवर में सूजन पैदा करता है। खासकर हेपेटाइटिस B और C वायरस लिवर को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इस वजह से भी लिवर एंजाइम्स का लेवल बढ़ सकता है।

4. मोटापा और अनहेल्दी लाइफस्टाइल

जंक फूड, तली-भुनी चीजें, ज्यादा मीठा खाना और एक्सरसाइज की कमी लिवर पर बुरा असर डालते हैं। मोटापा बढ़ने से लिवर में फैट जमा होता है और एंजाइम्स बढ़ने लगते हैं।

5. दवाओं का असर

कुछ दवाएं जैसे पेनकिलर, एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड लंबे समय तक लेने से लिवर पर असर डालती हैं। ये दवाएं लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे एंजाइम बढ़ जाते हैं।

6. डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल

डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां लिवर के काम पर दबाव डालती हैं। इनकी वजह से भी लिवर में फैट जमा हो सकता है और एंजाइम्स बढ़ सकते हैं।

7. टॉक्सिन का प्रभाव

प्रदूषण, केमिकल्स और जहरीले पदार्थ शरीर में जाकर लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं। जब लिवर इन हानिकारक चीजों को साफ नहीं कर पाता, तो एंजाइम्स का लेवल बढ़ जाता है।

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लिवर एंजाइम्स बढ़ने के लक्षण क्या हैं?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि शुरुआत में लिवर एंजाइम्स बढ़ने पर अक्सर कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। कई लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनके लिवर में समस्या चल रही है, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति गंभीर होती है, शरीर कुछ संकेत देने लगता है। ये लक्षण इस प्रकार हैं।

1. थकान और कमजोरी

अगर आपको बिना ज्यादा काम किए ही बार-बार थकान महसूस होती है या शरीर में कमजोरी रहती है, तो यह लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

2. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में होता है। जब लिवर एंजाइम्स बढ़ते हैं या लिवर में सूजन या परेशानी होती है, तो इस हिस्से में हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है।

3. भूख न लगना

लिवर की खराबी का असर पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति को भूख कम लगती है या खाने का मन नहीं करता।

4. मतली या उल्टी

बार-बार जी मिचलाना या उल्टी होना भी लिवर एंजाइम्स बढ़ने का एक आम लक्षण हो सकता है। यह संकेत देता है कि शरीर सही तरीके से खाना पचा नहीं पा रहा है।

5. स्किन और आंखों का पीला पड़ना

जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में बिलीरुबिन बढ़ जाता है। इससे स्किन और आंखों का रंग पीला पड़ने लगता है, जिसे पीलिया कहा जाता है।

6. वजन में अचानक बदलाव

बिना किसी खास कारण के वजन कम होना या बढ़ना भी लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर अचानक वजन गिरना ध्यान देने योग्य होता है।

लिवर एंजाइम्स किन बीमारियों में बढ़ते हैं?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि लिवर एंजाइम्स का बढ़ना कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।

  • फैटी लिवर डिजीज
  • हेपेटाइटिस
  • लिवर सिरोसिस
  • लिवर कैंसर
  • पित्ताशय (Gallbladder) की समस्याएं
  • थायराइड और मेटाबॉलिक विकार

लिवर एंजाइम्स बढ़ने के खतरे क्या हैं?

डॉ. शरद मल्होत्रा कहते हैं, ''अगर लिवर एंजाइम्स लंबे समय तक बढ़े रहें और समय पर इलाज न किया जाए, तो यह शरीर के लिए गंभीर समस्या बन सकते हैं। लिवर खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है। जब यह ठीक से काम नहीं करता, तो कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।'' इसके मुख्य खतरे इस प्रकार हैं।

1. लिवर डैमेज

लगातार बढ़े हुए लिवर एंजाइम्स इस बात का संकेत हैं कि लिवर सेल्स नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो लिवर को स्थायी नुकसान हो सकता है, जिसे ठीक करना मुश्किल हो जाता है।

2. लिवर सिरोसिस

यह लिवर की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें लिवर धीरे-धीरे सिकुड़ने लगता है और उसकी संरचना खराब हो जाती है। इस स्थिति में लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं।

3. लिवर फेलियर

यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है। इसमें लिवर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है। यह जानलेवा हो सकता है और ऐसे मामलों में तुरंत इलाज या लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

4. पाचन संबंधी समस्याएं

लिवर पाचन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। जब लिवर कमजोर हो जाता है, तो खाना ठीक से पच नहीं पाता। इससे गैस, अपच, पेट दर्द और अन्य पाचन समस्याएं होने लगती हैं।

5. शरीर में टॉक्सिन्स जमा होना

लिवर का एक मुख्य काम शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालना है। जब लिवर सही से काम नहीं करता, तो ये टॉक्सिन्स शरीर में जमा होने लगते हैं। इससे शरीर के अन्य अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है और कई नई बीमारियां हो सकती हैं।

लिवर एंजाइम्स की जांच कैसे होती है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि जिन लोगों को लिवर से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं उनके लिए समय-समय पर लिवर एंजाइम्स की जांच करवाना जरूरी होता है। नीचे आसान भाषा में समझते हैं कि लिवर एंजाइम्स की जांच कैसे की जाती है-

1. लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)

यह सबसे सामान्य और जरूरी ब्लड टेस्ट होता है। इसमें खून का सैंपल लेकर लिवर एंजाइम्स के लेवल जांचे जाते हैं। इसके अलावा बिलीरुबिन और प्रोटीन का लेवल भी देखा जाता है। अगर इन एंजाइम्स का लेवल सामान्य से ज्यादा होता है, तो यह लिवर में सूजन, इंफेक्शन या अन्य समस्या का संकेत हो सकता है।

2. अल्ट्रासाउंड

अल्ट्रासाउंड में मशीन की मदद से लिवर की फोटो ली जाती हैं। इससे लिवर का आकार, संरचना और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का पता चलता है। यह जांच तब करवाई जाती है जब डॉक्टर को लिवर में किसी बदलाव का संदेह होता है।

3. वायरल मार्कर टेस्ट

यह टेस्ट खासतौर पर हेपेटाइटिस B और C जैसे वायरल इंफेक्शन का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसमें भी खून की जांच की जाती है, अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो इसका मतलब है कि लिवर पर वायरस का असर है और तुरंत इलाज की जरूरत हो सकती है।

4. CT स्कैन और MRI

जब लिवर की समस्या गंभीर हो या ज्यादा सही जानकारी चाहिए हो, तब डॉक्टर CT स्कैन या MRI करवाने की सलाह देते हैं। ये जांच लिवर की अंदरूनी स्थिति को विस्तार से दिखाती हैं और ट्यूमर, गांठ या अन्य गंभीर समस्याओं का पता लगाने में मदद करती हैं।

5. फाइब्रोस्कैन

फाइब्रोस्कैन टेस्ट सीधे लिवर एंजाइम्स को नहीं मापता, लेकिन यह उनके बढ़ने के कारण को समझने में बहुत मदद कर सकता है। जब लिवर एंजाइम्स बार-बार बढ़े हुए आते हैं, तो इसका मतलब होता है कि लिवर में सूजन या डैमेज हो रहा है। ऐसे में फाइब्रोस्कैन करके यह देखा जाता है कि लिवर कितना सख्त हो गया है या उसमें फैट जमा है या नहीं। अगर एंजाइम्स हाई हैं और फाइब्रोस्कैन में स्टिफनेस भी ज्यादा आती है, तो यह लिवर बीमारी के बढ़ने का संकेत हो सकता है।

6. लिवर बायोप्सी

लिवर बायोप्सी तब की जाती है जब लिवर एंजाइम्स लंबे समय तक बढ़े रहते हैं और उनकी सही वजह पता नहीं चल पाती। एंजाइम्स का हाई लेवल यह दिखाता है कि लिवर में कोई समस्या है, लेकिन उसकी गंभीरता या सटीक कारण जानने के लिए बायोप्सी की जरूरत पड़ सकती है। इस टेस्ट में लिवर का छोटा सा सैंपल लेकर जांचा जाता है, जिससे सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस या कैंसर जैसी स्थितियों की पुष्टि होती है। 

डॉक्टर से कब मिलें?

लिवर एंजाइम्स बढ़ना कई बार बिना किसी साफ लक्षण के भी हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। कुछ खास परिस्थितियों में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सबसे पहले, अगर आपकी रिपोर्ट में लिवर एंजाइम्स (ALT, AST आदि) सामान्य से ज्यादा आए हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें। कई लोग सोचते हैं कि यह अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन यह सोच गलत हो सकती है क्योंकि यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको लंबे समय से थकान, कमजोरी, भूख न लगना या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है, ऐसे में जांच करवाना जरूरी है। इसके अलावा, अगर आपकी स्किन या आंखें पीली पड़ने लगें, बार-बार उल्टी हो या अचानक वजन कम होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।  जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या फैटी लिवर की समस्या है, उन्हें नियमित रूप से लिवर की जांच करवानी चाहिए और डॉक्टर से फॉलो-अप करते रहना चाहिए।

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निष्कर्ष

लिवर एंजाइम्स का बढ़ना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत होता है। यह हमें पहले ही चेतावनी दे देता है कि लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते इसका पता चल जाए, तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच, बैलेंस डाइट, रोजाना एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल और शराब से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। साथ ही, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन करने से बचना चाहिए।

FAQ

  • क्या लिवर एंजाइम्स बढ़ना खतरनाक है?

    लिवर एंजाइम्स बढ़ना खतरनाक हो सकता है, अगर ये लंबे समय तक बढ़े रहें तो यह लिवर डैमेज, सिरोसिस या लिवर फेलियर का कारण बन सकता है।
  • क्या फैटी लिवर से एंजाइम्स बढ़ते हैं?

    किसी व्यक्ति को जब फैटी लिवर की समस्या होती है तो इसका असर लिवर एंजाइम्स पर भी पड़ता है और ये बढ़ जाते हैं।
  • क्या लिवर एंजाइम्स सामान्य हो सकते हैं?

    सही इलाज और लाइफस्टाइल सुधार से लिवर एंजाइम्स को सामान्य किया जा सकता है।
  • लिवर एंजाइम्स की जांच कब करानी चाहिए?

    लिवर एंजाइम्स की जांच तब करानी चाहिए जब शरीर में लिवर से जुड़े लक्षण दिखाई दें, जैसे लगातार थकान, भूख न लगना, पेट में दर्द, स्किन या आंखों का पीला पड़ना। इसके अलावा, अगर आपकी रिपोर्ट में बार-बार ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल या यूरिक एसिड बढ़ा हुआ आता है, तो भी यह जांच जरूरी हो जाती है।
  • लिवर एंजाइम्स बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

    जब लिवर एंजाइम्स बढ़े होते हैं, तो खानपान का ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में तली-भुनी चीजें, जंक फूड, ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना और पैकेज्ड फूड से बचना चाहिए। शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह लिवर को और नुकसान पहुंचाती है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 10, 2026 17:49 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Apr 10, 2026 17:49 IST

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    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra

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