Mon Sep 14, 2026 | 02:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

अचानक चक्कर आने के पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं? डॉक्‍टर से जानें

गर्मी या ड‍िहाइड्रेशन के कारण कई लोगों को चक्‍कर आते हैं, लेक‍िन चक्‍कर आने के पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं इसल‍िए चक्कर को केवल एक सामान्य लक्षण समझने की भूल नहीं करनी चाह‍िए। डॉक्‍टर से समझते हैं कारण।

चक्कर आने की समस्या केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है। युवा लोगों में भी पर्याप्त पानी न पीने, ज्यादा गर्मी में रहने, अचानक उठने या अत्यधिक थकान के कारण चक्कर महसूस हो सकते हैं। कई लोगों को अचानक से चक्‍कर आ जाता है और कारण का पता नहीं चलता ज‍िससे इलाज में देरी हो सकती है। चक्‍कर कुछ सेकंड या म‍िनट के ल‍िए हो सकते हैं। अचानक चक्‍कर आने की वजह हमेशा गंभीर नहीं होती। कभी-कभी खाली पेट रहने के कारण भी चक्‍कर आ सकते हैं। आइए जानते हैं अचानक चक्‍कर आने के पीछे छुपे अन्‍य कारण। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से बात की।

1. एनीम‍िया

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शरीर में खून की कमी होने पर चक्‍कर आ सकते हैं। Mayo Clinic के मुताब‍िक, शरीर में स्‍वस्‍थ रेड ब्‍लड सेल्‍स की संख्‍या कम हो जाती है। एनीम‍िया होने पर चक्‍कर आने के साथ थकान, कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

2. लो ब्‍लड शुगर लेवल

अचानक से चक्‍कर आने के पीछे लो ब्‍लड शुगर लेवल की समस्‍या हो सकती है। जो लोग डायब‍िटीज की दवा या इंसुल‍िन लेते हैं उनमें अक्‍सर यह समस्‍या देखने को म‍िलती है।

3. डि‍हाइड्रेशन

शरीर में पानी की कमी होने पर भी अचानक चक्‍कर आ सकते हैं। ड‍िहाइड्रेशन के कारण चक्‍कर आने पर पेशाब का गहरा रंग, मुंह सूखना, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

4. वर्ट‍िगो

ज‍िन लोगों को वर्टि‍ेगो होता है उन्‍हें चक्‍कर आने पर ऐसा एहसास होता है जैसे उनके आस-पास की चीजें घूम रही हैं। वर्टि‍गो में मतली या उल्‍टी जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

5. माइग्रेन

माइग्रेन होने पर कुछ लोगों को तेज स‍िरदर्द के साथ चक्‍कर आ सकते हैं। चक्‍कर के अलावा संतुलन ब‍िगड़ना या वर्ट‍िगो जैसी समस्‍या भी हो सकती है।

6. तनाव और च‍िंता

बहुत ज्यादा तनाव, चिंता या पैनिक अटैक के दौरान सांस लेने के तरीके में बदलाव आता है और शरीर की तनाव प्रतिक्रिया के कारण चक्कर या स‍िर में भारीपन जैसा महसूस हो सकता है।

7. लो बीपी

कई बार लोगों को बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर चक्‍कर आ जाता है। ऐसा लो बीपी के कारण हो सकता है। द‍िमाग में कुछ समय के ल‍िए ब्‍लड सर्कुलेशन कम होने पर चक्‍कर, कमजोरी, बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है।

8. ब्‍लड फ्लो खराब होना

हार्ट अटैक, द‍िल की धड़कन का अनियमित होना जैसी स्‍थ‍ित‍ियों में चक्‍कर आ सकते हैं। ऐसी समस्‍याओं में शरीर का ब्‍लड फ्लो प्रभाव‍ित हो सकता है ज‍िससे ब्‍लड द‍िमाग या अंदरूनी कान तक नहीं पहुंच पाता है ज‍िसके कारण चक्‍कर आ सकते हैं।

9. अंदरूनी कान की समस्‍या

बेनाइन पैरोक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो (Benign Paroxysmal Positional Vertigo) अंदरूनी कान की एक आम समस्या है। इसमें सिर को किसी खास दिशा में घुमाने या बिस्तर पर करवट बदलने पर अचानक घूमने जैसा चक्कर आ सकता है। इसके दौरे अक्सर थोड़े समय के होते हैं, लेकिन बार-बार हो सकते हैं।

अचानक चक्‍कर आने पर क्‍या करें?

  • अगर अचानक से चक्‍कर आ जाएं, तो तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं ताक‍ि ग‍िरने या चोट लगने का खतरा कम हो सके।
  • चक्‍कर आना बंद हो जाएं, तो भी अचानक उठने से बचें।
  • चक्‍कर आने पर पानी प‍िएं और आराम करें।
  • गर्मी के कारण भी चक्‍कर आ सकते हैं इसल‍िए खुली हवा में या हवादार कमरे में रहें।
  • डायब‍िटीज में अचानक चक्‍कर आना, लो ब्‍लड शुगर लेवल का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्‍टर की सलाह पर दवाओं का सेवन करें।
  • चक्‍कर आने के साथ बोलने में परेशानी हो, हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन हो, डबल व‍िजन हो, ठीक से सुनाई न दें, सीने में दर्द हो, सांस की तकलीफ हो या स‍िरदर्द हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • चक्‍कर बहुत तेज आ रहे हों।
  • बार-बार चक्‍कर आ रहे हों।
  • चक्‍कर के साथ उल्‍टी, देखने में परेशानी या सांस लेने में तकलीफ।
  • तेज सि‍रदर्द या सीने में दर्द होना।

न‍िष्‍कर्ष:

अचानक चक्‍कर आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे एनीम‍िया, लो बीपी, लो ब्‍लड शुगर लेवल, ड‍िहाइड्रेशन, वर्टि‍गो, माइग्रेन, तनाव और च‍िंता, ब्‍लड फ्लो खराब होना, अंदरूनी कान की समस्‍या वगैरह। अचानक से चक्‍कर आ जाएं, तो तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं। पानी प‍िएं और आराम करें। गर्मी के कारण चक्‍कर आ सकते हैं इसल‍िए हवादार जगह पर रहें। चक्‍कर बार-बार आएं, बहुत तेज आएं, चक्‍कर के साथ उल्‍टी, देखने में परेशानी या सांस की तकलीफ होने पर डॉक्‍टर से सलाह लें। तेज स‍िरदर्द या सीने में दर्द होने पेर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

Image credit: magnific

FAQ

  • चक्कर आने पर कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

    चक्‍कर आने पर ब्लड टेस्ट, सुनने की जांच और बैलेंस टेस्ट क‍िए जाते हैं। कुछ मामलों में मरीज को सीटी स्‍कैन या एमआरआई कराने की सलाह भी दी जाती है।
  • क्या दवाओं के साइड इफेक्ट से भी चक्कर आते हैं?

    हां, कुछ दवाओं के साइड इफेक्‍ट्स के कारण चक्‍कर आ सकते हैं। बीपी कम करने वाली दवाएं, एंटीड‍िप्रेसेंट, एंटी-सीजर दवाओं के कारण भी चक्‍कर आ सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 14, 2026 13:46 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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