Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

व्रत में बड़े चाव से खाते हैं साबूदाना? पहले जान लें इसकी कैलोरी, ग्लाइसेमिक इंडेक्स और किसे नहीं खाना चाहिए?

व्रत में खाए जाने वाले साबूदाना को खाने से पहले जरूरी है कि आपको यह पता हो कि इसमें कितनी कैलोरी होती है, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है और इसे किसे नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। 

साबूदाना भारत में व्रत के दौरान खाए जाने वाला एक फूड है। इसे लोग नमकीन और मीठे दोनों तरह से अपनी डाइट में शामिल करते हैं। सावन के सोमवार हों या फिर नवरात्रि किसी भी व्रत में लोग साबूदाना की खिचड़ी, खीर, वड़ा आदि चीजों का सेवन करते हैं। इसे अक्सर हल्का और शरीर को एनर्जी देने वाला फूड माना जाता है, लेकिन जब पोषण की बात आती है तो लोग अक्सर कंफ्यूज हो जाते हैं। दरअसल, साबूदाने स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। इसलिए, यह हेल्दी भोजन हो सकता है, लेकिन इसकी मात्रा और खाने का तरीका अहम भूमिका निभाता है। आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि साबूदाना में कितनी कैलोरी होती है, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है और किसे नहीं खाना चाहिए?

साबूदाना में कितनी कैलोरी होती है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि साबूदाना में कैलोरी की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि आप सूखा साबूदाना खा रहे हैं या पानी में पकाया हुआ। ResearchGate की एक रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम साबूदाना में 343 कैलोरी होती है 84.70 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। प्रोटीन और फैट की मात्रा इसमें बहुत कम होती है। इसलिए, साबूदाना हल्का है का मतलब यह नहीं होता है कि इसमें कैलोरी कम होती है। पानी सोखने के कारण पकने के बाद उसका वजन और मात्रा बढ़ जाती है, जिससे प्रति 100 ग्राम कैलोरी कम दिखाई देती है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो साबूदाने के पोर्शन साइज का खास ध्यान देना जरूरी है।

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साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कितना है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार साबूदाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स इसके अलग-अलग प्रकार और इसे बनाने के तरीके के अनुसार बदल सकता है। आमतौर पर इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्श लगभग 67 से 70 बताया गया है।
साल 2023 में Current Research in Nutrition and Food Science Journal में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कैसे पकाया गया है। जब साबूदाना को भूनकर बनाया जाता है, तो इसका GI लगभग 47 होता है, जो कम से मध्यम कैटेगरी में आता है। भूनने की प्रक्रिया इसके स्टार्च को सुरक्षित रखती है, जिससे यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर एकदम से नहीं बढ़ता है।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जब साबूदाना को पानी में उबालकर गोंद जैसा बनाया जाता है तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 70 हो जाता है, जो मध्यम से हाई कैटेगरी में आता है। स्टडी यह बताती है कि भूना साबूदाना हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है, जबकि उबालने पर इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है।

साबूदाना का सेवन किसे नहीं करना चाहिए?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, साबूदाना का सेवन कुछ लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इन्हें इसका सेवन नहीं या फिर कम मात्रा में करना चाहिए-

  • डायबिटीज: साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट और ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ सकता है।
  • वजन कम करने वाले लोग: इसमें कैलोरी और स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन और मोटापा बढ़ाने का काम कर सकती है।
  • कब्ज: साबूदाना पचने में भारी होता है और इसमें फाइबर कम होता है, जिससे पाचन से जुड़ी समस्याएं या कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
  • दिल की बीमारी: अगर साबूदाने को बहुत ज्यादा घी, मक्खन या तेल में तला-भुना जाए तो यह दिल के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • पाचन से जुड़ी समस्याएं: जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उन्हें साबूदाना भारी लग सकता है क्योंकि यह पचने में समय लेता है, जिससे ब्लोटिंग और गैस की समस्या हो सकती है।

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साबूदाना खाने का सही तरीका क्या है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा बताती हैं कि साबूदाना खाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे अच्छी तरह भिगोकर, कम तेल और मसालों में पकाया जाए। इसे बनाने से पहले 4 से 5 घंटे पानी में भिगोकर रखें ताकि यह मुलायम हो जाए और आसानी से पच सके। बहुत ज्यादा तेल में तलने के बजाय इसकी खिचड़ी या दूध की खीर बनाना फायदेमंद होता है। खिचड़ी बनाते समय इसमें मूंगफली, करी पत्ता और उबले आलू के साथ हरी मटर या गाजर जैसी सब्जियां मिला सकते हैं। साबूदाना को हमेशा दही या छाछ के साथ खाएं, क्योंकि यह पाचन में सुधार करता है।

निष्कर्ष

साबूदाना न तो खराब भोजन में आता है और न ही कोई खास हेल्थ फूड है। व्रत के दौरान यह आपके शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है, क्योंकि इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए, हेल्दी व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में इसे अपनी डाइट में शामिल करना सही हो सकता है।
Image Credit: Freepik 

FAQ

  • 1 दिन में कितना साबूदाना खाना चाहिए?

    एक दिन में हेल्दी व्यक्ति को लगभग 30 से 50 ग्राम के बीच साबूदाना खाना चाहिए। इससे ज्यादा खाने से बचना चाहिए।
  • साबूदाना खाने के क्या फायदे हैं?

    साबूदाना कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी का एक बेहतरीन सोर्स होता है। यह पेट के लिए हल्का होता है, पचने में आसान है और शरीर को ठंडक देता है।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 09, 2026 19:27 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 09, 2026 19:27 IST

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