डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर काफी कमजोर हो जाता है। उन्हें रिकवरी के लिए दिनों नहीं, बल्कि महीनों और कुछ महिलाओं को साल भर का समय भी लग सकता है। ऐसे में महिला के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि डिलीवरी के बाद वे कितने समय बाद दोबारा प्रेग्नेंट हो सकती हैं? साथ ही, यह जानना भी जरूरी है कि आखिर पहली डिलीवरी के बाद दोबारा कंसीव करने का सही समय क्या है? वैसे तो महिलाएं 4 से 6 हफ्ते के अंदर ही दोबारा कंसीव कर सकती हैं। इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं अन्य बातें। (delivery ke baad pregnancy kab hoti hai)
डिलीवरी के कितने समय बाद महिला दोबारा प्रेग्नेंट हो सकती है?- Normal Delivery Ke Kitne Din Baad Pregnant Ho Sakte Hain
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आमतौर पर डिलीवरी के बाद 4 से 6 हफ्ते में ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है, जिससे कंसीव करने की संभावना बनती है। हालांकि, इस संबंध में डॉक्टर और एक्सपर्ट साफ दिशा-निर्देश देते हैं कि महिलाओं को दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए डिलीवरी के बाद कम से कम 24 महीने का इंतजार करना चाहिए। इस बारे में NIH (National Library of Medicine) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी साफ कहा गया है कि मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए अगली प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले कम से कम 24 महीने यानी 2 साल का अंतर रखने की सलाह दी जाती है।
इसी बात को डॉ. शोभा गुप्ता अपने शब्दों में कहती हैं, "कई महिलाएं डिलीवरी के कुछ समय बाद ही दोबारा प्रेग्नेंट हो जाती हैं। ऐसा किया जाना उनके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। हर महिला को डिलीवरी के बाद अगली प्रेग्नेंसी के लिए कम से कम दो-तीन साल का समय लेना चाहिए।" डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, "जल्दी-जल्दी कंसीव करने के कारण न सिर्फ पहली संतान की परवरिश में दिक्कतें पैदा होती हैं, बल्कि महिला की बॉडी पहले की तुलना और ज्यादा कमजोर हो जाती है। साथ ही, गर्भ में पल रहे दूसरे शिशु के विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।"
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डिलीवरी के बाद जल्दी कंसीव करने के जोखिम
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1. प्रीमैच्योर बर्थः डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "पहली डिलीवरी के बाद अगर महिला दोबारा जल्दी यानी 4 सप्ताह के अंदर कंसीव कर लेती है, तो यह गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे प्रीमैच्योर डिलीवरी यानी समयपूर्व जन्म होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।"
2. शिशु का अंडरवेट होनाः डिलीवरी के तुरंत बाद कंसीव करने से महिला भी शारीरिक रूप से कमजोर रहती है। ऐसे में गर्भस्थ शिशु का विकास बाधित हो सकता है। यहां तक कि जन्म के समय वह अंडरवेट भी हो सकता है। ध्यान रखें कि यह सही नहीं है। अंडरवेट शिशुओं में जन्मजात दोष होने का जोखिम अधिक होता है।
3. पोषक तत्वों की कमीः डॉ. शोभा गुप्ता के मुताबिक, "अगर महिलाएं डिलीवरी के तुरंत बाद दोबारा कंसीव कर लेती हैं, तो इसकी वजह से न सिर्फ गर्भस्थ शिशु को नुकसान होता है, बल्कि मां के लिए भी जोखिम भरा है। उनके शरीर में पोषक तत्वों जैसे आयरन और फॉलेट की कमी हो सकती है। आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे महिला के शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है, जो कि सही नहीं है।"
4. गर्भाशय पर दबावः कई बार पहली डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है। विशेषकर, सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को जल्दी कंसीव नहीं करना चाहिए। दोबारा कंसीव करने की वजह से गर्भाशय के फटने का जोखिम रहता है, जो कि गर्भस्थ शिशु के लिए जानलेवा है।
5. प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याः डिलीवरी के तुरंत बाद कंसीव करने से प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या का जोखिम भी बढ़ जाता है। विशेषकर, जिन महिलाओं को प्रेग्नंसी के दौरान प्रीक्लैंप्सिया या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या हो जाती है, उनके लिए स्थिति सही नहीं है। उन्हें हमेशा पहली डिलीवरी के बाद दूसरी बार कंसीव करने से पहले अच्छी तरह प्लानिंग करनी चाहिए।
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निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद महिलाएं बहुत आसानी से दोबारा कंसीव कर लेती हैं, लेकिन यह सही नहीं है। इस दौरान उनका शरीर कमजोर होता है। दोबारा कंसीव करने के कारण महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे शरीर में रेड ब्लड सेल्स कम हो सकते हैं। नतीजनत, शरीर में आक्सीजन सप्लाई बाधित होती है, जो कि गर्भस्थ शिशु के लिए सही नहीं है। इतना ही नहीं, कई बार दूसरी डिलीवरी अधिक जटिल हो जाती है, जो मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए जानेलवा हो सकती है।
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FAQ
सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद दूसरे बच्चे प्लानिंग कितने समय बाद करनी चाहिए?
सी-सेक्शन के बाद गर्भाशय के घाव और टांके काफी गहरे होते हैं। इसलिए, बहुत जरूरी है कि सी-सेक्शन के बाद महिलाएं कम से कम 18 से 24 माह तक इंतजार करें। इससे भविष्य में कंसीव करने पर गर्भाशय के फटने का जोखिम नहीं रहता है।डिलीवरी के तुरंत बाद दोबारा प्रेग्नेंसी से बचने के लिए क्या करें?
सबसे बेहतर तरीका है कि आप जितनी बार यौन संबंध बतनाएं हर बार कंडोम का प्रयोग करें। इसके अलावा, गर्भनिरोधक गोलियां, कॉपर-टी का उपयोग भी किया जा सकता है। एस्ट्रोजन वाली गोलियों से बचना चाहिए क्योंकि वे स्तनपान में दूध की सप्लाई कम कर सकती हैं।
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Aug 19, 2026 12:55 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta