Sat Oct 17, 2026 | 05:26 AM IST

Medically Reviewed by Dr Gunjan Sarin , Obstetrics and Gynaecology

क्या खुद से जाना जा सकता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन? जानें एक्सपर्ट की राय

प्रेग्नेंसी के दौरान लगभग हर महिला के मन में यह सवाल जरूर आता है कि उसकी डिलीवरी नॉर्मल यानी वेजाइनल होगी या सिजेरियन। यहां जानिए, क्या खुद से जाना जा सकता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन?
क्या खुद से जाना जा सकता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन? जानें एक्सपर्ट की रायक्या खुद से जाना जा सकता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन? जानें एक्सपर्ट की राय

प्रेग्नेंसी का समय किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास समय होता है और जैसे-जैसे डिलीवरी की तारीख नजदीक आती है, वैसे-वैसे मन में कई सवाल उठने लगते हैं, दर्द कितना होगा? कितना समय लगेगा? और सबसे बड़ा सवाल कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन? परिवार की सलाह, सोशल मीडिया के अनुभव और गूगल सर्च अक्सर इस जिज्ञासा को और बढ़ा देते हैं। कई बार तो प्रेग्नेंट महिला के पेट के आकार, चलने के तरीके या चेहरे की चमक देखकर भी लोग अनुमान लगाने लगते हैं कि डिलीवरी कैसी होगी। दरअसल, हमारे समाज में नॉर्मल डिलीवरी को लेकर एक अलग ही धारणा बनी हुई है। इस लेख में आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानिए, डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन क्या ये खुद से जाना जा सकता है?

क्या खुद से जाना जा सकता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन?

डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि डिलीवरी का तरीका कई मेडिकल फैक्टर्स पर निर्भर करता है और अंतिम निर्णय अक्सर प्रसव के समय की परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है। अक्सर यह कहा जाता है कि अगर महिला की हाइट कम है या पेल्विस छोटा है तो सिजेरियन होगा। डॉ. सरीन के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। शरीर की बनावट एक फैक्टर हो सकती है, लेकिन यह अकेला कारण नहीं है। कई बार कम हाइट वाली महिलाएं भी सफलतापूर्वक नॉर्मल डिलीवरी करती हैं। असली भूमिका पेल्विस के अंदरूनी माप और बच्चे के आकार के तालमेल की होती है, जो केवल क्लिनिकल जांच से समझा जा सकता है।

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डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, डिलीवरी का अंतिम तरीका अक्सर लेबर रूम में तय होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान जोखिम का आकलन किया जा सकता है, लेकिन प्रसव के समय मां और बच्चे की स्थिति सबसे जरूरी होती है। डॉक्टर का काम हमेशा सुरक्षित डिलीवरी होता है, चाहे वह नॉर्मल हो या सिजेरियन।

normal or cesarean delivery signsnormal or cesarean delivery signs

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क्या पहली डिलीवरी सिजेरियन हो तो अगली भी सिजेरियन ही होगी?

अगर पहली डिलीवरी सिजेरियन से हुई है, तो जरूरी नहीं कि अगली भी सिजेरियन ही हो। हालांकि इसका फैसला डॉक्टर की निगरानी में ही लिया जाता है। हेल्दी लाइफस्टाइल नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को बढ़ा सकती है। बैलेंस डाइट, नियमित हल्की एक्सरसाइज, प्रेग्नेंसी योग और वॉकिंग से शरीर मजबूत रहता है और लेबर के लिए तैयार होता है। ज्यादा वजन बढ़ना, शुगर या बीपी ज्यादा या कम रहना सिजेरियन का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह को फॉलो करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

अंत में यह समझना जरूरी है कि नॉर्मल डिलीवरी को बेहतर और सिजेरियन को खराब मानना गलत है। हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है और हर महिला का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है। सबसे जरूरी बात है कि मां और बच्चे की सुरक्षा। इसलिए किसी भी तरह की चिंता या अनुमान लगाने की बजाय नियमित जांच कराएं, पॉजिटिव रहें और अपने डॉक्टर पर भरोसा रखें।

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FAQ

  • प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करना सही रहता है?

    पीरियड मिस होने के कम से कम 5-7 दिन बाद सुबह के पहले यूरिन से टेस्ट करना ज्यादा सही रिजल्ट देता है। 
  • प्रेग्नेंसी में क्या-क्या खाना चाहिए?

    डाइट में प्रोटीन, आयरन के लिए हरी सब्जियां, चुकंदर, कैल्शियम के लिए दूध, दही, फोलिक एसिड और ताजे फल शामिल करें। जंक फूड, बहुत ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड से बचें। 
  • क्या प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज करना सुरक्षित है?

    अगर प्रेग्नेंसी सामान्य है तो हल्की वॉक, प्रेग्नेंसी योग और डॉक्टर की सलाह से की गई एक्सरसाइज सुरक्षित होती है। किसी भी नई एक्सरसाइज से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 22, 2026 14:58 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 22, 2026 14:58 IST

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