अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, कम पानी पीना, तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण बड़ी संख्या में लोग कब्ज की परेशानी का सामना कर रहे हैं। कब्ज से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग मेडिकल स्टोर से आसानी से मिलने वाली लैक्सेटिव (Laxative) दवाओं का सहारा लेते हैं। शुरुआत में ये दवाएं असरदार लगती हैं, लेकिन जब इनका इस्तेमाल रोजाना होने लगता है, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह आदत नुकसानदायक साबित हो सकती है? आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को बार-बार लैक्सेटिव लेने की जरूरत पड़ रही है, तो इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या रोजाना लैक्सेटिव लेना सेहत के लिए नुकसानदायक है?
डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं, ''कभी-कभार कब्ज होने पर सीमित समय के लिए लैक्सेटिव का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन रोजाना या लंबे समय तक इनका सेवन आदत बन जाना सही नहीं है। लगातार उपयोग से आंतें नेचुरल तरीके से काम करने की क्षमता खो सकती हैं और शरीर दवा पर निर्भर होने लगता है। ऐसी स्थिति में बिना दवा के सामान्य रूप से मल त्याग करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यदि कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है, तो केवल दवा लेने के बजाय उसके मूल कारण का पता लगाना ज्यादा जरूरी है।''
- लैक्सेटिव का ज्यादा उपयोग शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है। इससे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, कमजोरी, पेट में ऐंठन और बार-बार दस्त की शिकायत हो सकती है।
- कुछ मामलों में पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स की कमी भी हो सकती है, जिससे मसल्स और हार्ट के फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं।
- लंबे समय तक उत्तेजक (Stimulant) लैक्सेटिव लेने से आंतों की सामान्य कार्यक्षमता पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए इन दवाओं को लंबे समय तक स्वयं लेना सुरक्षित नहीं माना जाता।
साल 2024 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पेट साफ करने वाली दवाइयों (Laxatives) का सही और सीमित उपयोग आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इनके गलत या ज्यादा इस्तेमाल से सेहत पर कई गंभीर और हानिकारक प्रभाव (Adverse Effects) पड़ सकते हैं। अलग-अलग प्रकार की पेट साफ करने वाली दवाएं शरीर को भिन्न-भिन्न तरीको से नुकसान पहुंचाती हैं।
- ऑस्मोटिक लैक्सेटिव्स के सेवन से पेट फूलना, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन मरीजों को किडनी या दिल की बीमारी है, उनमें मैग्नीशियम जैसे तत्व शरीर में पानी और मिनरल्स का बैलेंस बिगाड़ सकते हैं, क्योंकि कमजोर किडनी मैग्नीशियम को बाहर नहीं निकाल पाती।
- स्टिमुलेंट लैक्सेटिव्स दवाएं पेट में तेज दर्द और मरोड़ का कारण बनती हैं। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से आंतों की मांसपेशियां या नसें कमजोर हो सकती हैं, जिससे बड़ी आंत की नेचुरल बनावट प्रभावित होती है। लैब स्टडीज में इनसे ट्यूमर का खतरा देखा गया है, लेकिन इंसानों में अभी इसके पुख्ता सबूत नहीं हैं।
- मिनरल ऑयलके इस्तेमाल से तेल सांस की नली में जाने का खतरा रहता है, जिससे फेफड़ों की गंभीर बीमारी लिपोइड निमोनिया हो सकती है।
- प्रोकाइनेटिक और सेक्रेटगॉग्स से सिरदर्द, मतली और दस्त की शिकायत हो सकती है। वहीं 'सिसाप्राइड' जैसी दवा को दिल की धड़कन पर गंभीर और जानलेवा असर डालने के कारण बाजार से हटा दिया गया था।
- नालोक्सेगोल के सेवन से कभी-कभी पेट में बहुत तेज दर्द, दस्त या आंतों में छेद (Gastrointestinal Perforation) जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसके लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है।
संक्षेप में, कब्ज की इन दवाओं का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह पर और बेहद सावधानी से करना चाहिए, खासकर यदि मरीज को दिल या किडनी से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी हो।
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कब्ज से राहत पाने के नेचुरल तरीके
डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, लाइफस्टाइल में सुधार करके कब्ज की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, फाइबर से भरपूर भोजन जैसे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और दालों का सेवन करना फायदेमंद होता है। नियमित एक्सरसाइज, सुबह की वॉक और समय पर भोजन करने की आदत भी डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाती है। इसके अलावा मल त्याग की इच्छा को लंबे समय तक रोकना भी कब्ज का कारण बन सकता है, इसलिए शरीर के नेचुरल संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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साल 2022 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कब्ज की समस्या में सुधार के लिए फाइबर का सेवन बेहद असरदार है। इस रिसर्च के अनुसार, इसके लिए इसबगोल (Psyllium) सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है। कब्ज से राहत पाने के लिए प्रतिदिन 10 ग्राम से ज्यादा फाइबर लेना और कम से कम 4 हफ्ते तक इसका नियमित सेवन करना सबसे बेहतर रिजल्ट देता है। हालांकि, अलग-अलग लोगों पर इसका असर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
निष्कर्ष
रोजाना लैक्सेटिव लेना हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। इन दवाओं का लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के उपयोग करने से शरीर दवा पर निर्भर हो सकता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। कब्ज से राहत पाने का सबसे अच्छा तरीका हेल्दी खानपान, पर्याप्त पानी, नियमित एक्सरसाइज और बैलेंस लाइफस्टाइल अपनाना है। यदि कब्ज बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
क्या रोजाना फाइबर सप्लीमेंट लेना सही है?
रोजाना फाइबर सप्लीमेंट लेनी सही नहीं है, व्यक्ति को अपनी डाइट ऐसे फूड्स को शामिल करना चाहिए, जिनसे पर्याप्त मात्रा में फाइबर शरीर को मिल सके।कब्ज से बचने के लिए दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, मौसम, फिजिकल एक्टिविटी और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना कब्ज से बचाव में मददगार हो सकता है।
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Jul 24, 2026 15:29 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Sharad Malhotra