आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान, कम पानी पीने की आदत और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण कब्ज एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग सुबह पेट ठीक से साफ न होने की शिकायत करते हैं, जिससे पूरे दिन भारीपन, गैस, पेट फूलना और असहजता महसूस होती है। इस परेशानी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर घरेलू नुस्खों और आयुर्वेदिक उपायों का सहारा लेते हैं। इन्हीं उपायों में त्रिफला का नाम सबसे पहले लिया जाता है। आयुर्वेद में त्रिफला को एक जरूरी औषधि माना गया है, जो तीन फलों आंवला, हरड़ और बहेड़ा से मिलकर तैयार होती है। इस लेख में सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, पेट साफ करने के लिए त्रिफला कैसे लें?
पेट साफ करने के लिए त्रिफला कैसे लें?
आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, केवल पेट साफ करने के उद्देश्य से लंबे समय तक त्रिफला का सेवन करना उचित नहीं माना जाता। डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि त्रिफला का उपयोग सही मात्रा, सही उद्देश्य और सीमित अवधि के लिए ही किया जाना चाहिए। डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि त्रिफला का प्रमुख रस कषाय (कसैला) होता है। इसकी वजह से यह शुरुआत में मल त्याग को आसान बना सकता है और कुछ समय के लिए कब्ज से राहत मिल सकती है लेकिन यदि कोई व्यक्ति इसे लंबे समय तक केवल पेट साफ करने के लिए नियमित रूप से लेता रहता है, तो धीरे-धीरे इसका प्रभाव कम होने लगता है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, यह आदत शरीर में रूक्षता बढ़ा सकती है और भविष्य में कब्ज की समस्या को और बढ़ाने का कारण बन सकती है। इसलिए त्रिफला को लंबे समय तक रेचक के रूप में लेना उचित नहीं माना जाता।
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कब्ज में त्रिफला का सही उपयोग?
आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को कब्ज की समस्या है और त्रिफला लेने से 1 से 2 ग्राम की मात्रा में राहत मिलती है, तो इसका उपयोग केवल सीमित समय के लिए किया जा सकता है। इसे स्थायी समाधान नहीं समझना चाहिए। यदि कुछ दिनों बाद उसी मात्रा से फायदा नहीं मिलता, तो अपनी ओर से इसकी डोज बढ़ाना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है ताकि कब्ज के मूल कारण का पता लगाया जा सके और उसी के अनुसार उपचार किया जाए।
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डॉक्टर की सलाह
कब्ज से बचने के लिए केवल किसी औषधि पर निर्भर रहने की बजाय लाइफस्टाइल में सुधार करना ज्यादा फायदेमंद होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करना, नियमित एक्सरसाइज करना और समय पर भोजन करना डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी रखने में मदद करता है। साथ ही, मल त्याग की इच्छा को कभी भी लंबे समय तक नहीं रोकना चाहिए। यदि कब्ज बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष
त्रिफला आयुर्वेद की एक अहम औषधि है, लेकिन इसका उपयोग सोच-समझकर और एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, पेट साफ करने के लिए त्रिफला का अल्पकालिक उपयोग किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसे नियमित रेचक के रूप में लेना उचित नहीं है। समय के साथ इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है और डोज बढ़ाने की प्रवृत्ति शरीर में रूक्षता बढ़ाकर कब्ज की समस्या को और गंभीर बना सकती है। इसलिए कब्ज का स्थायी समाधान केवल दवा नहीं, बल्कि बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल है।
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FAQ
त्रिफला कितने समय तक लिया जा सकता है?
त्रिफला का उपयोग कम समय के लिए करना चाहिए, लंबे समय तक सेवन से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।क्या त्रिफला की डोज खुद से बढ़ानी चाहिए?
यदि पहले जितनी मात्रा से राहत नहीं मिल रही है, तो अपनी मर्जी से डोज बढ़ाना सही नहीं है।क्या त्रिफला किडनी को नुकसान पहुंचाता है?
त्रिफला किडनी को नुकसान नहीं पहुंचाता है लेकिन अगर किसी व्यक्ति को किडनी की समस्या है तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसका उपयोग न करें।
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Current Version
Jun 30, 2026 18:23 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 30, 2026 18:23 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma