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दूध या गुनगुना पानी? रात में त्रिफला लेने का सही तरीका क्या है? जानें एक्सपर्ट की राय

आयुर्वेद में त्रिफला का सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। रात में त्रिफला का सेवन गुनगुने पानी या दूध के साथ अक्सर लोग करते हैं, लेकिन इन दोनों में से क्या ज्यादा फायदेमंद है इसे लेकर अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। आइए इस लेख में आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानते हैं, रात में त्रिफला, दूध या गुनगुने पानी किसके साथ लेना चाहिए? 

आयुर्वेद में त्रिफला को एक प्रभावशाली और काफी गुणकारी औषधि के रूप में जाना जाता है। इसका इस्तेमाल सदियों से पाचन में सुधार, कब्ज को दूर करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए किया जाता रहा है। त्रिफला आमतौर पर तीन फलों यानी आंवला, हरड़ और बहेड़ा को मिलाकर तैयार किया जाता है। बड़ों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों के लिए त्रिफला काफी फायदेमंद होता है। हालांकि, लोगों में इसके इस्तेमाल का तरीका काफी अलग-अलग होता है। वर्तमान में बहुत से लोग मानते हैं कि रात में सोने से पहले त्रिफला का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि रात में त्रिफला पानी या दूध किसके साथ लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। तो आइए आज के इस लेख में हम हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि रात में गुनगुना पानी या दूध किसके साथ त्रिफला खाना सुरक्षित होता है?

गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने के फायदे

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेना सबसे आम और सुरक्षित तरीका माना जाता है, क्योंकि इससे आपको ये फायदे मिलते हैं-

  • कब्ज की समस्या में त्रिफला का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ इसे खाने से आंतें एक्टिव होती हैं और सुबह पेट साफ होने में मदद मिलती है।
  • गुनगुना पानी के साथ त्रिफला खाने से इसके गुणों को जल्दी अवशोषित करने में मदद मिलती है, जिससे अपच, गैस और पेट में भारीपन जैसी समस्याओं को कम करना आसान होता है।
  • गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन रात भर में आपके शरीर में जमे टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है।
  • वजन कम करने वाले लोगों के लिए गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है और इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

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दूध के साथ त्रिफला लेने के फायदे

कुछ लोग रात में सोने से पहले दूध के साथ त्रिफला का सेवन करना पसंद करते हैं। दूध के साथ भी त्रिफला का सेवन सुरक्षित होता है, लेकिन सभी लोगों के लिए नहीं।

  • दूध के साथ त्रिफला का सेवन शरीर को पोषण देने में मदद करता है और कमजोरी दूर होती है।
  • रात में दूध के साथ त्रिफला का सेवन कुछ लोगों को अच्छी नींद लेने में मदद करता है।
  • पित्त प्रकृति वाले लोग या जिन्हें ज्यादा जलन और एसिडिटी की समस्या रहती है उनके लिए दूध त्रिफला के साथ लेना फायदेमंद होता है, क्योंकि ये आपके शरीर की गर्म तासीर को संतुलित करता है।

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गुनगुना पानी या दूध, रात में त्रिफला के साथ क्या है बेहतर?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्माका कहना है कि गुनगुने पानी या दूध दोनों के साथ ही त्रिफला खाना बेहतर होता है, लेकिन गुनगुना पानी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसलिए आप अलग-अलग फायदों के लिए त्रिफला का सेवन दूध या गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं।

  • कब्ज, एसिडिटी और मोटापे की समस्या से राहत के लिए आप गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन रात में सोने से पहले कर सकते हैं।
  • अगर आपको कमजोरी, जलन या पित्त दोष संतुलित करना है तो रात में त्रिफला को दूध के साथ लेना बेहतर होता है।
  • सेंसिटिव पाचन होने पर कम मात्रा में त्रिफला का सेवन करना चाहिए और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

निष्कर्ष

रात में गुनगुने पानी या दूध के साथ त्रिफला लेना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। हालांकि इसे सही मात्रा में अपने शरीर की जरूरतों के अनुसार लेना महत्वपूर्ण होता है। गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अच्छा होता है, जबकि दूध के साथ त्रिफला रात में लेने से कमजोरी दूर होती है और पित्त संतुलित होता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • त्रिफला खाने से क्या फायदा होता है?

    त्रिफला का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर रखने में, कब्ज से राहत दिलाने, इम्यूनिटी बूस्ट करने और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में बहुत फायदेमंद होता है।
  • कब्ज के लिए त्रिफला कैसे लें?

    त्रिफला तीन फलों यानी आंवला, हरड़ और बहेड़ा का एक मिश्रण है, जिसे आयुर्वेदिक इलाज में इस्तेमाल किया जाता है, खासकर पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए।
  • त्रिफला किसे नहीं पीना चाहिए?

    त्रिफला आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन प्रेग्नेंट महिला और ब्रेस्टफीडिंग करने वाली महिलाओं को, 6 साल से छोटे बच्चों और दस्त की समस्या में त्रिफला का सेवन करने से बचना चाहिए। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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