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आंवला जूस, मुरब्बा या चूर्ण, सेहत के लिए कौन-सा तरीका है सबसे असरदार? जानें आयुर्वेदाचार्य की सलाह

Amla In Hindi: सर्दियों में आंवला किस तरीके से खाना चाहिए? कई लोग इसे मुरब्बे के तौर पर खाते हैं, तो कुछ जूस बना लेते हैं और कुछ लोग सुबह खाली पेट आंवले का जूस पीते हैं। आंवला खाने का सही तरीका कौन-सा है? इस लेख में आयुर्वेदाचार्य ने विस्तार से बताया है।  

Amla In Hindi: आमतौर पर सर्दियों में आंवला हर किचन में होता है और इसके फायदों के कारण आंवले का कई तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। लोग घरों में मुरब्बा बनाकर रखते हैं, तो कुछ लोग आंवले का जूस जरूर पीते हैं, क्योंकि आंवले में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है। डॉक्टर भी किसी को सुबह खाली पेट जूस या चूर्ण खाने की सलाह देते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल ठता है कि आंवले का इस्तेमाल किस रूप में सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसलिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, आंवला को अमृत फल कहा जाता है क्योंकि इसमें पित्त, वात और कफ तीनों को बैलेंस करने की क्षमता होती है, लेकिन आंवला फायदा तभी पहुंचाता है, जब उसे सही तरीके से लिया जाए।

आंवला जूस, चूर्ण और मुरब्बा में से क्या है बेहतर?

डॉ. चेतन कहते हैं, “आंवले को जूस, चूर्ण या मुरब्बे के तौर पर लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि तभी आंवला का सही फायदा मिल सकता है।”

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आंवला जूस

डॉ. चेतन ने बताया कि आयुर्वेद में आंवला को पित्त शमन करने वाला फल माना जाता है। इसलिए लोग सुबह उठते ही खाली पेट आंवले का जूस पीना पसंद करते हैं क्योंकि इससे शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। आंवले का जूस पीने के कई फायदे हैं, जिसके कारण लोगों का सर्दियों में यह फेवरेट ड्रिंक बन गया है।

  • डाइजेशन को मजबूत करने में मदद करता है।
  • लिवर को सपोर्ट करता है।
  • मुंह के छाले, जलन और एसिडिटी में राहत देता है।
  • आंवले को स्किन और बालों के लिए भी अच्छा माना जाता है।

आंवला जूस लेते समय रखें ध्यान

डॉ. चेतन कहते हैं, “सबसे जरूरी है कि आंवले का जूस मार्केट से न खरीदें क्योंकि इसमें प्रिजर्वेटिव और फ्लेवर मिलाए जाते हैं। इस वजह से आंवला जूस पीने वाले लोगों को गैस या पेट में भारीपन महसूस हो सकता है तो कुछ लोगों में ठंडक बढ़ सकती है। पित्त की समस्या वाले लोगों को आंवले का जूस लेने से बचना चाहिए। अगर मार्केट का आंवले का जूस पेट में लगातार परेशानी कर रहा हो, तो आयुर्वेदाचार्य की सलाह जरूर लेनी चाहिए।”

आंवला मुरब्बा

डॉ. चेतन के मुताबिक सर्दियों में बहुत से लोग आंवले का मुरब्बा खाना बहुत पसंद करते हैं। मुरब्बे में मीठा होने के कारण बच्चों को खासतौर पर ज्यादा भाता है। आंवले का मुरब्बा वात दोष को शांत करने में मदद करता है। इसलिए जिन लोगों को कमजोरी या ठंड अधिक लगती है, उन्हें आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए। इसके कई फायदे हैं।

  • मुरब्बे से शरीर को एनर्जी और ताकत देता है।
  • आंवले का मुरब्बा शरीर की कमजोरी और थकान कम करने में मदद करता है।
  • अगर किसी को एनीमिया की शिकायत है, तो आंवले का मुरब्बा काफी अच्छा रहता है।
  • मुरब्बे से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
  • बच्चों को आंवला खिलाना आसान हो जाता है।

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आंवला मुरब्बा लेते समय रखें ध्यान

डॉ. चेतन के मुताबिक मुरब्बे में बहुत ज्यादा शक्कर होती है। इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापे या शुगर कंट्रोल की समस्या है, उन्हें इसका इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। इसके अलावा, बाजार का बना मुरब्बा खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इसमें कई तरह के केमिकल और चीनी की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है। इसलिए आंवले का मुरब्बा घर पर बनाना चाहिए।

आंवला चूर्ण

डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद में आंवला चूर्ण को आंवला का सबसे प्रभावी और औषधीय रूप माना गया है। चूर्ण बनाते समय न तो प्रोसेसिंग होती है और न ही किसी तरह की चीनी मिली होती है। इसलिए आंवला इस रूप में खाना सबसे बेहतर है। इसके कई फायदे हैं।

  1. पाचन अग्नि को बैलेंस करने में मदद करता है।
  2. कब्ज और गैस को कम करता है।
  3. जिन लोगों को बाल बहुत ज्यादा झड़ते हैं या समय से पहले सफेद हो गए हैं, उनके लिए आंवले का चूर्ण सबसे बेहतर उपाय है।
  4. वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।
  5. आंवला चूर्ण को लंबे समय तक लिया जा सकता है।
  6. आंवला चूर्ण में फाइबर ज्यादा होने के कारण डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है।

निष्कर्ष

डॉ. चेतन कहते हैं कि अगर किसी को लंबे समय तक आंवला लेना है, तो चूर्ण काफी हद तक सेफ है। इसके अलावा, आंवला चुनते समय शरीर की प्रकृति, उम्र और मेडिकल कंडीशन भी देखी जाती है। अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है, प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग पर है, तो आंवला लेने से पहले आयुर्वेदाचार्य से जरूर सलाह लें क्योंकि आयुर्वेद का सिद्धांत है कि एक ही औषधि हर किसी के लिए समान नहीं होती। इसलिए आंवले का इस्तेमाल सोच समझकर ही करना चाहिए।

FAQ

  • 1 दिन में कितने कच्चे आंवले खाने चाहिए?

    रोजाना एक से दो कच्चे आंवले खाए जा सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा न खाएं क्योंकि ज्यादा आंवला खाने से पेट की समस्याएं हो सकती है।
  • सबसे ताकतवर मुरब्बा कौन सा है?

    आंवले के मुरब्बे को सेहतमंद माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। इसके अलावा, गाजर और सेब का मुरब्बा भी सेहतमंद होता है।
  • शुगर में आंवला खाना चाहिए या नहीं?

    डायबिटीज में आंवला खाया जा सकता है। आंवला ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है, लेकिन आंवले का मुरब्बा नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा, आंवला लेने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

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Aneesh Rawat

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अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 04, 2026 08:05 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 04, 2026 08:05 IST

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