गर्मियों में सूरज की तेज तपिश, गर्म हवाएं और उमस भरी गर्मी के कारण अक्सर लोगों का हाल बेहाल होता है। भीषण गर्मी हमारे शरीर की न सिर्फ एनर्जी को कम करती है, बल्कि हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और गर्मी से राहत पाने के लिए एक बेहतर रूटीन होना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जिसके कारण डिहाइड्रेशन, पेट से जुड़ी समस्याएं, स्किन पर रैशेज और ज्यादा गुस्सा या चिड़चिड़ापन होने जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इसलिए, आइए इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि गर्मी की तपिश से बचने के लिए आयुर्वेदिक रूटीन क्या होना चाहिए?
गर्मी की तपिश से बचने के लिए आयुर्वेदिक रूटीन
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, इस चिलचिलाती गर्मी से बचने और शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए आप इस आयुर्वेदिक रूटीन को अपना सकते हैं-
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें
आयुर्वेद में सुबह सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठना सबसे अच्छा माना जाता है। गर्मियों में सुबह का वातावरण शांत और ठंडा होता है। सुबह उठकर सबसे पहले तांबे के बर्तन में रातभर रखा हुआ पानी पिएं, ताकि शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिल सके। इसके बाद सुबह के समय हल्की शारीरिक गतिविधियां या प्राणायाम करें। खासकर शीतली और शीतकारी प्राणायाम करें, जो शरीर के तापमान को कम करने में मदद करते हैं।
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2. पित्तशामक डाइट अपनाएं
गर्मियों में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है। इसलिए, इस मौसम में भारी भोजन करने के स्थान पर हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, लौकी, तोरई और पुदीना जैसी पानी से भरपूर चीजों को शामिल करें। स्वाद में मीठा, कड़वा और कसैला भोजन पित्त को शांत करता है। इस दौरान आपको ज्यादा तीखा, तला-भुना, नमकीन, खट्टा और पैकेज्ड फूड्स को खाने से बचना चाहिए, जो शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं।
3. खुद को हाइड्रेट रखें
सिर्फ ठंडा पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि आयुर्वेद ऐसे ड्रिंक्स पीने की सलाह देता है, जो नेचुरल तरीके से शरीर को ठंडा रखने का काम करते हैं। इसलिए, आप फ्रिज के ज्यादा ठंडे पानी के स्थान पर घड़े का पानी पिएं। भुने हुए जौ या चने का सत्तू और भुने जीरे-पुदीने से बनी छाछ पी सकते हैं, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने का काम करता है। गोंद कतीरा और सौंफ का पानी पीना भी भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए फायदेमंद होता है।
4. नहाने का सही तरीका
गर्मियों में स्किन का ख्याल और शरीर को ठंडा रखने के लिए आयुर्वेद में खास जड़ी-बूटियों और तेलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। नहाने के आधे घंटे पहले शरीर पर नारियल तेल या चंदन के तेल से हल्की मालिश करें। नारियल तेल की तासीर ठंडी होती है, जो पित्त दोष को कंट्रोल करती है। नहाने के लिए गुनगुने या नॉर्मल पानी का इस्तेमाल करें। नहाने के पानी में नीम के पत्ते या गुलाब जल मिलाना स्किन इंफेक्शन और घमौरियों से बचाने में मददगार होता है।
5. दोपहर में धूप से बचें
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। अगर निकलना जरूरी हो तो सिर और आंखों को सूती कपड़े और चश्मे से ढक सकते हैं। आयुर्वेद में गर्मियों के दौरान दोपहर में हल्की झपकी यानी 15 से 20 मिनट सोने की सलाह दी जाती है। ध्यान रहे दोपहर की यह झपकी लंच करने से पहले या उसके 1 घंटे के बाद हो।
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6. सोने से पहले पैरों की मसाज
आयुर्वेद में भीषण गर्मी से बचाव के लिए पादाभ्यंग भी फायदेमंद माना गया है। रात को सोने से पहले पैरों के तलवों में गाय का शुद्ध घी लगाकर मालिश करें। इससे आंखों की जलन शांत होती है, शरीर की गर्मी कम होती है और गहरी नींद आती है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद के मुताबिक गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और तपती गर्मी से बचने के लिए आप सुबह के ठंडे वातावरण में अपने दिन की शुरुआत करें। गर्मियों में हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, मन को शांत रखें और ज्यादा चाय या कॉफी पीने से बचने की कोशिश करें।
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FAQ
गर्मी से बचने के लिए क्या करें?
तेज गर्मी और लू से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहें, धूप में निकलने से बचे और हल्के, ढीले सूती कपड़े पहनें।गर्मी में सुबह खाली पेट क्या खाना चाहिए?
गर्मी में सुबह खाली पेट नारियल पानी, भीगे हुए बादाम और किशमिश, पपीता या नींबू और शहद का पानी पीना सबसे अच्छा माना जाता है।
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Current Version
Jul 01, 2026 15:09 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 01, 2026 15:09 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta