पेट में कीड़ों (पिनवॉर्म) की समस्या ठीक करने के लिए अपनाएं ये 7 घरेलू उपाय, जानें इसके लक्षण

पिनवॉर्म बहुत छोटे सफेद कीड़े होते हैं जो आंत और पेट में इंफेक्शन फैलाते हैं। जानें पेट में कीड़े के लक्षण और कुछ घरेलू नुस्खे।

Monika Agarwal
विविधWritten by: Monika AgarwalPublished at: Apr 09, 2022Updated at: Apr 09, 2022
पेट में कीड़ों (पिनवॉर्म) की समस्या ठीक करने के लिए अपनाएं ये 7 घरेलू उपाय, जानें इसके लक्षण

पिनवॉर्म पतले और छोटे-छोटे कीड़े होते हैं जो मनुष्यों की आंतों और पेट को संक्रमित करते हैं। अधिकतर यह बच्चों में पाए हैं और इन्हें बच्चों के मल में आसानी से देखा भी जा सकता है। अगर सावधानी न बरती जाए तो यह बड़ी उम्र के लोगों में भी हो सकते हैं। हालांकि इन्हें कुछ घरेलू नुस्खों से ठीक किया जा सकता है लेकिन ये कीड़े बहुत अधिक संक्रामक होते हैं और कपड़ों से भी फैल सकते हैं। पिनवर्म इंफेक्शन इनके अंडो का दूषित खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थों के जरिए शरीर में जाने से फैलता है। एक बार शरीर में पहुंचने के बाद कुछ हफ्तों में ही यह अंडे कीड़ों में बदल जाते हैं और इन कीड़ों से शरीर के अंदर अन्य कीड़े बनने लगते हैं। आपके बच्चे या आप में इनके लक्षण देखने को मिलते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

पिनवॉर्म के लक्षण

मल में कीड़े का होना

नींद की कमी

चिड़चिड़ापन

सोते समय गुदा में खुजली

जी मिचलाना और पेट में दर्द होना

पिनवॉर्म के लिए कुछ घरेलू उपचार

1. नारियल का तेल

इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो शरीर से पिन वॉर्म को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके लिए आपको केवल एक चम्मच नारियल के तेल की जरूरत होगी। इसे रोजाना सुबह सुबह पीएं या रूई की सहायता से गुदा द्वार में लगाएं।

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2. एप्पल साइडर विनेगर

इसमें 6% एसिटिक एसिड होता है और यह शरीर के pH बैलेंस को काफी कम कर सकता है। इससे कीड़ों को पनपने में दिक्कत होती है जिस वजह से वह आपके पेट में ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाते। दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को एक गिलास पानी में मिला कर पी लें। इसे थोड़ा मीठा बनाने के लिए शहद को भी डाल सकते हैं।

3. लहसुन

यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं। ये पिनवॉर्म इंफेक्शन को ट्रीट करने में काफी सहायक माने जाते हैं। आपको केवल एक से दो लहसुन की कलियों की जरूरत है और साथ ही थोड़ी सी पेट्रोलियम जेली भी ले सकते हैं। आप रोजाना इन लहसुन की कलियों को चबाएं या खाने में मिला सकते हैं। आप लहसुन को पेट्रोलियम जेली में मिला कर प्रभावित क्षेत्र पर अप्लाई भी कर सकते हैं।

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4. गर्म पानी

पिन वॉर्म काफी ज्यादा संक्रामक होते है इसलिए अपने पूरे घर को ही डिसइंफेक्ट करना जरूरी है। गर्म पानी की मदद से आप इसमें आराम पा सकते हैं। इससे यह कीड़े बार बार नहीं आएंगे। इसके लिए आपको गर्म पानी, साबुन और डिटर्जेंट की जरूरत होती है। सारे कपड़े बर्तनों और फैब्रिक को धोने से आधा घंटा पहले गर्म पानी में भिगो दें। आप वाशरूम आदि को भी रोजाना डिसइंफेक्ट कर सकती हैं।

5. टी-ट्री ऑयल

इसकी एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल प्रॉपर्टी इन कीड़ों से निजात दिलाने में मदद कर सकती हैं। टी-ट्री ऑयल में एंटी पैरासिटिक गुण भी होते हैं। एक या दो बूंद टी ट्री ऑयल लें और उसमें एक दो चम्मच नारियल का तेल मिक्स कर लें। आप इसे प्रभावित भाग पर अप्लाई कर सकते हैं। इसे डायरेक्ट स्किन पर अप्लाई करने से स्किन इरिटेट हो सकती है।

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6. ग्रेप फ्रूट सीड एक्सट्रैक्ट

इसमें पॉलीफेनॉल होता है, जिसमें काफी तेज एंटी माइक्रोबियल एक्टिविटी होती है। इससे पिन वॉर्म में राहत मिलती है। इसके सप्लीमेंट्स का प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से राय जरूर ले लें। इसका सेवन रोजाना करने से कीड़ों से छुटकारा मिल सकता है।

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7. नींबू का रस

नींबू का एसिडिक नेचर आपके pH लेवल को कम करता है। इससे शरीर में पिन वॉर्म का रहना काफी मुश्किल हो जाता है।

एक नींबू लें और उसे एक गिलास पानी में निचोड़ लें।

अगर मीठा स्वाद चाहिए तो थोड़ा सा शहद भी इसमें मिला सकते हैं।

अब इसे पी जाएं।

पिनवॉर्म समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी प्रकार के उपचार से पहले डॉक्टर की राय लेना जरूरी है।

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