Tue Oct 6, 2026 | 04:26 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) रिपोर्ट में क्या-क्या देखना चाहिए? डॉक्टर से समझें हर जरूरी नंबर का मतलब

आमतौर पर कोई भी बीमारी होने पर डॉक्टर CBC यानी कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट कराने की सलाह देते हैं या कई बार रेगुलर रूटीन हेल्थ चेकअप में भी CBC कराने की सलाह दी जा सकती है। ऐसे में कई बार मरीज को समझ ही नहीं आता कि रिपोर्ट को कैसे समझा जाए।
कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) रिपोर्ट में क्या-क्या देखना चाहिए? डॉक्टर से समझें हर जरूरी नंबर का मतलबकंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) रिपोर्ट में क्या-क्या देखना चाहिए? डॉक्टर से समझें हर जरूरी नंबर का मतलब

कंप्लीट ब्लड काउंट यानी Complete Blood Count (CBC) कई बार रूटीन चेकअप के लिए भी कराया जाता है, तो कभी किसी बीमारी के बारे में जानने के लिए किया जाता है। कई बार डॉक्टर बुखार, इंफेक्शन या कमजोरी का पता करने के लिए भी CBC टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जब CBC टेस्ट की रिपोर्ट हाथ में आती है, तो मरीज उसमें लिखे RBC, WBC, Hb, MCV और Platelets जैसे शब्द देखकर उलझ जाते हैं। इन सभी पैरामीटर्स को पढ़ना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि CBC टेस्ट हमारे खून के अलग-अलग घटकों की जांच करता है और इससे संक्रमण, एनीमिया, सूजन या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत मिलने में मदद मिल सकती है। इसलिए CBC रिपोर्ट के जरूरी (how to read cbc report) फैक्टर्स के बारे में जानना बहुत जरूरी है। 

CBC टेस्ट क्यों किया जाता है?

Mayo Clinic के अनुसार, CBC एक सामान्य ब्लड टेस्ट है, जिसे कई कारणों से किया जा सकता है।

  • CBC रिपोर्ट के जरिए शरीर में एनीमिया या ल्यूकेमिया जैसी कंडीशंस का पता लगाने में मदद मिलती है।
  • इस टेस्ट के जरिए कमजोरी, बहुत ज्यादा थकान और बुखार के लक्षणों के कारणों को जानने के लिए भी किया जा सकता है।
  • शरीर में दर्द, सूजन, ब्लीडिंग होने या शरीर पर नीले धब्बे पड़ने के कारणों को जानने में मददगार होता है।
  • किसी बीमारी में रक्त कोशिकाओं की संख्या को चेक करने के लिए किया जा सकता है।
  • रेडिएशन थेरेपी या कुछ खास दवाओं के लेने के बाद ब्लड सेल्स के लेवल को जानने और रिकवरी की जांच के लिए भी टेस्ट किया जा सकता है।

CBC रिपोर्ट को कैसे पढ़ें?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि CBC रिपोर्ट की जानकारी के साथ मरीज के लक्षणों और अन्य मेडिकल कंडीशंस को देखकर ही फैसला लिया जाता है। CBC रिपोर्ट के फैक्टर्स को पढ़ने के लिए इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

1. लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) और हीमोग्लोबिन

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “CBC रिपोर्ट में RBC यानी रेड ब्लड सेल्स या लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन (Hb) सबसे महत्वपूर्ण हैं। लाल रक्त कोशिकाएं फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाती हैं। हीमोग्लोबिन इन्हीं लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो ऑक्सीजन को बांधकर उसे शरीर तक पहुंचाने में मदद करता है।”

  • अगर हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य से कम हैं, तो एनीमिया की संभावना हो सकती है। ऐसे में मरीज को कमजोरी, थकान, चक्कर या सांस फूलने जैसी शिकायत हो सकती है।
  • अगर लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) या हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ा हुआ है, तो इसका एक कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिए सिर्फ रिपोर्ट में कोई नंबर ज्यादा देखकर किसी बीमारी का निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है।

2. सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC)

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि सफेद रक्त कोशिकाएं यानी White Blood Cells (WBC) शरीर के इम्यून सिस्टम का हिस्सा हैं। ये शरीर को इंफेक्शन और अन्य बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैंं।

  • अगर सफेद रक्त कोशिकाएं बढ़ी होती हैं, तो संक्रमण या शरीर में किसी बीमारी होने की संभावना हो सकती है।
  • अगर सफेद रक्त कोशिकाएं कम हैं, तो इसका कारण दवाएं, इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

सफेद रक्त कोशिकाओं में न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils), लिम्फोसाइट्स (Lymphocytes), मोनोसाइट्स (Monocytes), इओसिनोफिल्स (Eosinophils) और बेसोफिल्स (Basophils) जैसे नाम भी देखने को मिलते हैं। इन कोशिकाओं का काम अलग-अलग होता है और इनकी संख्या देखकर डॉक्टर को मरीज की स्थिति समझने में जानकारी मिल सकती है।

Cleveland Clinic के मुताबिक, सफेद रक्त कोशिकाएं 5 तरह की होती हैं।

  • न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils) - ये बैक्टीरिया, फंगस और बाहरी हानिकारक तत्वों को खत्म करके शरीर को इंफेक्शन से बचाते हैं।
  • लिम्फोसाइट्स (Lymphocytes) - इसमें T कोशिकाएं, नेचुरल किलर कोशिकाएं और B कोशिकाएं शामिल हैं। ये वायरल इंफेक्शन से सुरक्षा देते हैं और संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाते हैं।
  • इओसिनोफिल्स (Eosinophils) - ये पैरासाइट्स और कैंसर कोशिकाओं की पहचान करके उन्हें खत्म करते हैं।
  • बेसोफिल्स (Basophils) - ये एलर्जी से जुड़ी प्रतिक्रियाएं जैसे खांसी, छींक या नाक बहने से शरीर को मदद करता है।
  • मोनोसाइट्स (Monocytes) - ये क्षतिग्रस्त या मृत कोशिकाओं को साफ करके और संक्रमण से लड़कर शरीर की सुरक्षा करते हैं।

cbc reportcbc report

यह भी पढ़ें- प्लेटलेट्स काउंट 50,000 से कम होने पर क्या करें? डॉक्टर से जानें जरूरी सावधानियां

3. प्लेटलेट्स

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि प्लेटलेट्स खून का थक्का बनाने में मदद करते हैं। चोट लगने पर ब्लीडिंग रोकने की प्रक्रिया में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

  • अगर प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाए, तो शरीर पर नीले निशान पड़ने लगते हैं या ब्लीडिंगंग की समस्या हो सकती है।
  • अगर प्लेटलेट्स की संख्या ज्यादा हो जाए, तो यह सामान्य नहीं माना जाता है। इसका कारण जानने के लिए डॉक्टर पूरी रिपोर्ट और मरीज की स्थिति देखते हैं।

4. हेमाटोक्रिट (HCT)

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि CBC की रिपोर्ट में हेमाटोक्रिट (HCT) भी लिखा होता है। इसका मतलब है कि खून के कुल हिस्से में रेड ब्लड सेल्स कितने प्रतिशत हैं। हेमाटोक्रिट (HCT) कम होने पर एनीमिया होने की संभावना हो सकती है, जबकि ज्यादा होने की एक वजह डिहाइड्रेशन भी हो सकती है।

5. MCV, MCH और MCHC को भी समझें

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “सीबीसी रिपोर्ट में MCV, MCH और MCHC जैसे शब्द बहुत टेक्निकल लगते हैं, लेकिन इसका काम लाल रक्त कोशिकाओं के बारे में जानकारी देना है।”

  • MCV - लाल रक्त कोशिकाओं का औसत आकार कितना है? इसका स्तर कम या ज्यादा होने पर एनीमिया के अलग-अलग प्रकारों की पहचान में मदद मिल सकती है।
  • MCH - एक लाल रक्त कोशिका में मौजूद हीमोग्लोबिन की औसत मात्रा के बारे में बताता है।
  • MCHC - लाल रक्त कोशिका में हीमोग्लोबिन की कॉन्सट्रेशन से जुड़ी जानकारी देता है।

CBC रिपोर्ट की नॉर्मल रेंज क्या है?

NCBI के अनुसार, CBC रिपोर्ट की नॉर्मल रेंज कुछ इस तरह है।

फैक्टर्स 

नॉर्मल रेंज (पुरुष)

नॉर्मल रेंज (महिला)

श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) 

4.0 – 10.8 ×10³/μL

4.0 – 10.8 ×10³ /μL  

लाल रक्त कोशिकाएं (RBC)

4.5 – 6.1×10⁶/μL

4.0 – 5.4 ×10⁶/μL

हीमोग्लोबिन (Hb)

13.0 – 17.0 g/dL

12.0 – 16.0 g/dL

हेमाटोक्रिट (HCT) 

40.0 – 52.0%

37.0 – 47.0%

प्लेटलेट्स (Platelets)

150 – 400 ×10³/μL

150 – 400×10³/μL

न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils %)

40 – 73%

40 – 73%

लिम्फोसाइट्स (Lymphocytes %)

19 – 48%

19 – 48%

मोनोसाइट्स (Monocytes %)

0.4 – 10.0%

0.4 – 10.0%

इओसिनोफिल्स (Eosinophils %)

0 – 7.0%

0 – 7.0%

बेसोफिल्स (Basophils %)

0 – 2.0%

0 – 2.0%

यह भी पढ़ें- शरीर में कमजोरी महसूस होने पर जरूर करवाएं ये 5 ब्लड टेस्ट, जिससे पता चलेगी सही वजह

निष्कर्ष

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि अगर CBC रिपोर्ट में कोई पैरामीटर थोड़ा-बहुत कम या ज्यादा हो, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि कोई गंभीर बीमारी है। इसलिए CBC रिपोर्ट को सिर्फ एक नंबर के आधार पर नहीं समझना चाहिए। इसके साथ मरीज के लक्षण, पुरानी बीमारी, चल रही दवाएं और जरूरत पड़ने पर दूसरी जांचों को भी साथ में देखना जरूरी होता है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या सामान्य वायरल बुखार में भी सीबीसी रिपोर्ट के आंकड़े बदल जाते हैं?

    साधारण वायरल इंफेक्शन में भी कुछ दिनों के लिए TLC थोड़े कम हो सकते हैं और प्लेटलेट्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जो इंफेक्शन ठीक होते ही वापस नॉर्मल हो जाते हैं।
  • क्या गर्भवती महिलाओं में सीबीसी के नॉर्मल पैरामीटर्स बदल जाते हैं?

    प्रेग्नेंसी में प्लाज्मा वॉल्यूम बढ़ने के कारण हीमोग्लोबिन और हेमेटोक्रिट में हल्की गिरावट और TLC में हल्की बढ़ोतरी को सामान्य माना जाता है।

Read Next

→ सुबह की ये 5 आदतें ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकने में कर सकती हैं मदद, जानें डॉक्टर की सलाह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 06, 2026 15:39 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon