Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Agrawal , Clinical Director – Paediatrics & Neonatology

वैक्सीन के बावजूद चिकनपॉक्स हो जाए, तो क्या दोबारा टीका लगवाना चाहिए? जानें डॉक्टर की सलाह

चिकनपॉक्स बच्चों में होने वाला सबसे संक्रामक वायरल इंफेक्शन है। इसलिए शिशुओं को इसका वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। अगर वैक्सीन लगवाने के बाद भी चिकनपॉक्स हो जाए, तो ऐसे में दोबारा वैक्सीन लगवाना चाहिए या नहीं? यह जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।

चिकनपॉक्स को छोटी माता या वैरिसेला कहा जाता है, जो बच्चों में पाई जाने वाली सबसे ज्यादा संक्रामक वायरल संक्रमण है। हालांकि, चिकनपॉक्स का वैक्सीन के आने से इसके मामलों और बीमारी से होने वाली गंभीरता में भारी कमी आई है। इसके बावजूद, कई बार टीका लगने के बाद भी बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में पेरेंट्स अक्सर परेशान हो जाते हैं कि क्या बच्चे को दोबारा वैक्सीन लगवाने की जरूरत है।

इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Yatish Singh, Consultant- Obstetrics and Neonatologist at Cloudnine Group of Hospitals, Indirapuram और Dr. Gopal Agrawal, Paediatrics & Neonatology, Cloudnine Group of Hospitals, Gurugram से बात की। Dr. Yatish Singh ने बताया कि हर मामले में दोबारा वैक्सीन लगवाना जरूरी नहीं होता, लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि बच्चे को पहले वैक्सीन के कितने डोज मिले हैं।

चिकनपॉक्स क्या है?

CDC के अनुसार, चिकनपॉक्स तेजी से फैलने वाली बीमारी है। इसके मुख्य लक्षणों में खुजली वाले चकत्ते हो जाते हैं। यह बीमारी आमतौर पर 4 से 7 दिनों तक रहती है और अगर एक बार चिकनपॉक्स हो जाए, तो जीवनभर के लिए इस बीमारी की इम्यूनिटी मिल जाती है। हालांकि, यह बीमारी संक्रमक है, इसलिए चिकनपॉक्स से पीड़ित मरीज को घर में अलग रखा जाता है।

वैक्सीन लगने के बाद चिकनपॉक्स होने की संभावना

Dr. Yatish Singh कहते हैं, “कुछ मामलों में ऐसा संभव है कि वैक्सीन लगने के बाद भी चिकनपॉक्स हो सकता है। इसे ब्रेकथ्रू वैरिसेला कहा जाता है। इसका मतलब है कि बच्चे को वैक्सीन लग चुकी है, लेकिन फिर भी उसे इंफेक्शन हो गई है। हालांकि, अगर वैक्सीन लगी हो, तो ऐसे मामलों में आमतौर पर चिकनपॉक्स के लक्षण काफी हल्के होते हैं।”

Dr. Gopal Agrawal ने बताया कि चिकनपॉक्स के ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वैक्सीन पूरी तरह से इंफेक्शन को नहीं रोक सकता, लेकिन बीमारी की गंभीरता को काफी हद तक कम कर सकता है।

  • बीमारी के दौरान मरीज को कम दाने निकलते हैं।
  • बुखार तेज नहीं होता या बिल्कुल नहीं आता।
  • शरीर पर खुजली और तकलीफ कम होती है।
  • बच्चा जल्दी ठीक हो जाता है।
  • अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर जटिलताओं का खतरा काफी कम रहता है।

Chickenpox after vaccination

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क्या चिकनपॉक्स होने के बाद दोबारा वैक्सीन लगवानी चाहिए?

Dr. Yatish Singh ने बताया कि वैक्सीन लगवाने का फैसला हर बच्चे के लिए अलग हो सकता है। अगर बच्चे को चिकनपॉक्स की पुष्टि हुई है, तो दोबारा वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि संक्रमण के बाद शरीर में नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हो जाती है।

कुछ कंडीशनंस में डॉक्टर दोबारा वैक्सीन की सलाह दे सकते हैं। जैसे अगर बच्चे को दाने कम हुए है या फिर तय नहीं हो पा रहा कि यह चिकनपॉक्स ही है, तो बच्चे की उम्र और वैक्सीनेशन रिकॉर्ड देखकर निर्धारित करते हैं कि दूसरी डोज पूरी करने की सलाह दे सकते हैं।

क्या दोनों डोज लगने के बाद भी चिकनपॉक्स हो सकता है?

Dr. Yatish Singh के मुताबिक, “अगर बच्चे को चिकनपॉक्स के दोनों डोज लग चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ब्रेकथ्रू चिकनपॉक्स हुआ है, तो आमतौर पर बूस्टर डोज देने की जरूरत नहीं होती। ऐसे केस में बच्चे के लक्षणों के अनुसार ही इलाज किया जाता है। इसके साथ, मैं लोगों को सलाह दूंगा कि ब्रेकथ्रू चिकनपॉक्स होने पर भी बच्चे को भीड़भाड़ वाली जगहों पर न लेकर जाए, क्योंकि इससे दूसरों को चिकनपॉक्स होने का रिस्क हो सकता है।”

चिकनपॉक्स की वैक्सीन क्यों जरूरी है?

CDC के मुताबिक, चिकनपॉक्स की बीमारी प्रेग्नेंसी के दौरान, एक साल से कम उम्र के शिशुओं और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन लोगों में यह काफी गंभीर हो सकती है। कई बार चिकनपॉक्स इतना गंभीर हो सकता है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है, लेकिन जो लोग चिकनपॉक्स की दो डोज लेते हैं, उनमें जीवनभर के लिए इस बीमारी से सुरक्षा मिल सकती है।

Dr. Yatish Singh ने बताया कि अगर वैक्सीन न लगा हो, तो बच्चों में इस बीमारी से कई गंभीर समस्याएं हो सकती है। इसमें स्किन में बैक्टीरियल इंफेक्शन, दिमाग में सूजन और निमोनिया होना का खतरा बढ़ सकता है। वैक्सीन ऐसी जटिलताओं को कम करने में मदद करता है। इसलिए पेरेंट्स को अपने बच्चों को समय पर दोनों डोज लगवाना चाहिए।

चिकनपॉक्स होने पर क्या करना चाहिए?

Dr. Gopal Agrawal पेरेंट्स को सलाह देते हैं कि अगर बच्चे को शरीर पर दाने, बुखार या चिकनपॉक्स जैसे लक्षण दिखाई दें, तो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएं और साथ ही इन बातों का ध्यान रखें।

  1. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी वैक्सीन न लगवाएं।
  2. बच्चे का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड हमेशा संभालकर रखें।
  3. दाने पूरी तरह सूखने तक बच्चे को स्कूल न भेजें।
  4. प्रेग्नेंट महिलाओं, नवजात शिशुओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों से बच्चे को दूर रखें, क्योंकि ब्रेकथ्रू चिकनपॉक्स भी संक्रमण फैला सकता है।
  5. बच्चे को पर्याप्त आराम और लिक्विड डाइट दें।

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निष्कर्ष
चिकनपॉक्स को रोकने और इस बीमारी से होने वाली गंभीर समस्याओं को कम करने के लिए वैक्सीन सबसे असरदार तरीका है। अगर किसी बच्चे को वैक्सीन लगने के बाद भी चिकनपॉक्स हो जाए, तो घबराने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। सबसे जरूरी बात है कि घरेलू नुस्खे न आजमाएं, क्योंकि इससे बच्चे की बीमारी गंभीर हो सकती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • अगर वैक्सीन की पहली डोज के बाद चिकनपॉक्स हो जाए, तो क्या दूसरी डोज लगवानी चाहिए?

    दूसरी डोज लगाने का फैसला डॉक्टर बच्चे की कंडीशन देखकर करते हैं। हालांकि, एक बार चिकनपॉक्स इंफेक्शन होने पर शरीर खुद ही प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी बना लेता है।
  • चिकनपॉक्स के बाद स्किन पर बनने वाले निशानों को हटाने के लिए क्या करें?

    दानों की पपड़ी को कभी भी हाथ से न नोचें, उन्हें खुद झड़ने दें। पपड़ी पूरी तरह उतर जाने के बाद डॉक्टर की सलाह पर ही जेल या क्रीम लगाएं। खुद से किसी भी तरह की क्रीम न स्किन पर लगाने से बचें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 20:13 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jul 31, 2026 20:13 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Gopal Agrawal

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