उम्र के साथ क्यों कम हो जाती है सुनने की क्षमता? जानें 'हियरिंग लॉस' का कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स

Hearing Loss : हियरिंग लॉस हाेने वाले व्यक्ति की सुनने की क्षमता में कमी आ जाती है। चलिए जानते हैं, हियरिंग लॉस के लक्षण, कारण और बचाव टिप्स

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jul 19, 2021Updated at: Jul 19, 2021
उम्र के साथ क्यों कम हो जाती है सुनने की क्षमता? जानें 'हियरिंग लॉस'  का कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स

क्या आपकाे भी किसी से बात करते वक्त सुनने में दिक्कत हाेती है? या आप सामने वाले व्यक्ति से किसी बात काे बार-बार दाेहराने के लिए कहते हैं? अगर हां, ताे यह हियरिंग लॉस (Hearing Loss) के लक्षण हाे सकते हैं। हियरिंग लॉस एक सामान्य समस्या है, इसमें सुनने की क्षमता में कमी आने लगती है। समस्या बढ़ने पर व्यक्ति बहरेपन का भी शिकार हाे सकता है। 

दरअसल, सभी तरह की आवाजाें काे सुनने और बातचीत करने के लिए कानाें का सही रहना बहुत जरूरी हाेता है। लेकिन कई बार लाेग किसी बीमारी या फिर किसी अन्य कारणाें से हियरिंग लॉस के शिकार हाे जाते हैं। ऐसे में आपकाे इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके लक्षण दिखते ही समय पर इलाज बहुत जरूरी हाेता है। चलिए ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर अभय कुमार सिंह से जानते हैं, हियरिंग लॉस के लक्षण, कारण और बचाव टिप्स (Hearing Loss Symptoms, Causes and Prevention Tips)-

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हियरिंग लॉस के लक्षण (Hearing loss symptoms)

हियरिंग लॉस की समस्या हाेने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। ऐसे में इन लक्षणाें पर गौर करना बेहद जरूरी हाेता है, ताकि समस्या काे बढ़ने से राेका जा सके।

  • तेज आवाज में टीवी देखना
  • तेज आवाज में रेडियाे या गाने सुनना
  • बातचीत सुनने और समझने में दिक्कत आना
  • कान से भनभनाहट की आवाज आना
  • बार-बार लाेगाें से बात काे दाेहराने के लिए कहना
  • फाेन पर कम सुनाई देना और तेज आवाज में बाेलना

हियरिंग लॉस के प्रकार (Types of Hearing Loss)

हियरिंग लॉस के दाे प्रकार हाेते हैं। इसमें कंडक्टिव हियरिंग लॉस (Conductive Hearing Loss) और सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss)  शामिल हैं।

हियरिंग लॉस के कारण (Hearing Loss Causes)

हियरिंग लॉस यानी सुनने में तकलीफ हाेना वैसे ताे किसी भी उम्र में हाे सकता है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता में कमी आना सामान्य हाेता है। ज्यादातर 60 साल से अधिक उम्र के लाेगाें में यह समस्या देखने काे मिलती है। यह समस्या कई कारणाें से हाे सकती है।

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  • अनुवांशिक कारण से हियरिंग लॉस की समस्या हाे सकती है। 
  • कान के पर्दे में छेद या खराबी हाेना
  • ज्यादा शाेर-शराबे वाले माहौल में रहना
  • मशीनाें की तेज आवाज के साथ काम करना
  • कानाें से पस बहने पर
  • ईयर कनाल में इंफेक्शन (Ear Canal Infection)
  • कान में इंफेक्शन
  • कान में किसी तरह की एलर्जी
  • कान की हड्डी में गड़बड़ी
  • सुनने वाली सेल्स में गड़बड़ी हाेना
  • ऑटाेइम्यून डिसीज के कारण भी व्यक्ति की सुनने की क्षमता कम हाे जाती है। 
  • कान के भीतरी हिस्से यानी इनर ईयर में काेई समस्या हाेना
  • मस्तिष्क में ट्यूमर ( Brain Tumor )

हियरिंग लॉस के लिए बचाव टिप्स (Hearing Loss Prevention Tips)

हियरिंग लॉस की समस्या से बचने के लिए आप कुछ बचाव टिप्स काे फॉलाे कर सकते हैं। 

  • हियरिंग लॉस की समस्या से बचने के लिए कानाें में बार-बार ईयरबड्स और पिन न डालें।
  • बाहर के किसी व्यक्ति या राेड़ पर बैठे किसी व्यक्ति से कान साफ न करवाएं।
  • नहाते समय या मुंह धाेते समय कानाें में पानी डालने से बचें।
  • अगर आप तेज आवाज या ऐसी जगह काम करते हैं, जहां मशीने चलती हैं ताे इस स्थिति में ईयर प्लग लगाकर काम करें। इसके अलावा रूई भी लगाकर रख सकते हैं।
  • अधिक तेज आवाज में टीवी या गाने न सुनें। 
  • कान में सरसाें का तेल भी बार-बार डालने से बचें।
  • 40-45 साल की उम्र के बाद कानाें का नियमित रूप से चेकअप करवाते रहें।

अगर आपकाे भी हियरिंग लॉस के लक्षण नजर आ रहे हैं, ताे शुरुआत में ही ईएनटी विशेषज्ञ (ENT Specialist) से अपने कानाें की जांच करवा लें। इन लक्षणाें काे हल्के में न लें, इससे आप बहरेपन के शिकार हाे सकते हैं। साथ ही अगर आपकाे कान में दर्द हाे या कान में मैल जमा हाे, ताे ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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