Fri Sep 11, 2026 | 10:48 PM IST

प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन करने से दूर होती हैं ये 5 समस्याएं, जानें जरूरी सावधानियां

प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन करने के कई फायदे भी हैं और कुछ सावधान‍ियां भी बरतने की जरूरत है, चलि‍ए जानते हैं इसके बारे में

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प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन करने के क्‍या फायदे हैं? प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन करने से पाचन तंत्र अच्‍छा रहता है, स्‍क‍िन से जुड़ी समस्‍याएं नहीं होती, ज‍िन मह‍िलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान उल्‍टी या जी म‍िचलाने जैसी समस्‍या होती है, सोंठ के सेवन से वो भी दूर हो जाती है। आपको इस बात का खास खयाल रखना है क‍ि सोंठ का सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान ज्‍यादा नहीं करना है, ज्‍यादा सेवन करने से पेट में गैस, जलन, दस्‍त जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। सोंठ में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है। सोंठ में ज‍िंजरोल नाकम का तत्‍व मौजूद होता है ज‍िससे बॉडी का ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इस लेख में हम प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन और जरूरी सावधानी व सोंठ के फायदों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

sonth benefits

(image source:shopify)

1. प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्न‍िंग स‍िकनेस दूर करे सोंठ (Sonth helps to cure morning sickness during pregnancy) 

अगर आप गर्भवती हैं तो मॉर्न‍िंग स‍िकनेस का सामना आपने जरूरी क‍िया होगा। मॉर्न‍िंग स‍िकनेस मतलब सुबह उठकर तबीयत खराब लगना, जी म‍िचलाना, स‍िर दर्द, घबराहट होना आद‍ि। इस समस्‍या से बचने के ल‍िए सोंठ लाभदायक है। सोंठ में व‍िटाम‍िन बी6 मौजूद होता है ज‍िससे मॉर्न‍िंग स‍िकनेस से जुड़े लक्षण दूर होते हैं। वैसे तो सोंठ को एक द‍िन में तीन ग्राम से ज्‍यादा नहीं लेना चाह‍िए पर फ‍िर भी सही मात्रा जानने के लि‍ए अपनी डॉक्‍टर या गाइनोकॉलोजि‍स्‍ट से संपर्क करें।

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2. प्रेग्नेंसी के दौरान मांसपेश‍ियों में दर्द-सूजन दूर करे सोंठ (Sonth helps to cure pain and swelling during pregnancy)

sonth for pregnancy

(image source:briflynews)

सोंठ में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं, इससे दर्द कम होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान हाथ-पैरों में दर्द या सूजन होने पर आप सोंठ का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सोंठ में एंटीबायोट‍िक गुण होते हैं, ज‍िन मह‍िलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान यूटीआई के लक्षण नजर आएं वो भी सोंठ का सेवन करें तो लाभ होगा। अगर आपको जैस्‍ट‍ेशनल डायब‍िटीज की समस्‍या है तो भी आप सोंठ का सेवन कर सकती हैं, इससे ब्‍लड शगुर लेवल कंट्रोल होता है।

3. प्रेग्नेंसी के दौरान उल्‍टी आने की समस्‍या दूर करे सोंठ (Sonth prevents vomiting during pregnancy)

प्रेग्नेंसी के दौरान उल्‍टी या जी मिचलाने जैसा अहसास कई बार होता है, ऐसे में आप सोंठ का सेवन करें तो उल्‍टी आने की समस्‍या से न‍िजात पा सकती हैं। इम्‍यून‍िटी बढ़ाने के ल‍िए सोंठ का सेवन फायदेमंद होता है, गर्भावस्‍था के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ज‍िसे संतुल‍ित करने के ल‍िए आप सोंठ को गुनगुने पानी या दूध के साथ ले सकते हैं। 

4. प्रेग्नेंसी के दौरान गैस या पेट से जुड़ी समस्‍याएं दूर करे सोंठ (Sonth cures stomach related problems during pregnancy)

प्रेग्नेंसी के दौरान मह‍िलाओं को अक्‍सर दस्‍त या पेट खराब रहने की श‍िकायत होती है, ऐसे समय में आप सोंठ का सेवन कर सकते हैं। पेट में सूजन नजर आ रही है तो भी सोंठ का सेवन फायदेमंद होगा, आप आप छाछ के साथ सोंठ का सेवन कर सकती हैं। पेट में गैस, अपच, खट्टी डकार, पेट में दर्द आद‍ि समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए सोंठ का सेवन कर सकते हैं।

5. प्रेग्नेंसी के दौरान स्‍क‍िन से जुड़ी समस्‍याएं दूर करे सोंठ (Sonth cures skin related problems during pregnancy)

pregnancy and sonth

(image source:intermountainhealthcare)

प्रेग्नेंसी के दौरान स्‍क‍िन में कई बदलाव आते हैं, कुछ मह‍िलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान एक्‍ने की समस्‍या होती है ऐसे में आप सोंठ का सेवन कर सकते हैं। सोंठ पाउडर को आप मलाई या कच्‍चे दूध के साथ म‍िलाकर चेहरे पर लगाएं तो मुंहासे की समस्‍या दूर हो जाएगी।

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प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन कैसे करें? (How to consume sonth during pregnancy) 

  • आप सोंठ को चाय के साथ ले सकती हैं या सब्‍जी में डालकर खा सकती हैं या अन्‍य पेय पदार्थों के साथ इनका सेवन क‍िया जा सकता है। 
  • सर्द‍ियों के द‍िनों में सोंठ के लड्डू भी खाए जाते हैं। 
  • सोंठ को सूप में म‍िलाकर भी पी सकती हैं। 
  • सोंठ को खाने के साथ छाछ में म‍िलाकर ले सकती हैं। 
  • सोंठ का सेवन करने के लि‍ए गुनगुना पानी या दूध को म‍िक्‍स कर सकती हैं। 

सोंठ कैसे बनती है? (How to make sonth)

  • सोंठ को अदरक से तैयार क‍िया जाता है। 
  • आपको सोंठ बनाने के ल‍िए अदरक की जरूरत होगी। 
  • सोंठ बनाने के ल‍िए ताजी ही अदरक लें। 
  • अगर अदरक छीलने के बाद अंदर से रेशे न‍िकलें तो मतलब अदरक कच्‍ची है। 
  • अब अदरक को छीलकर उसके टुकड़े काट लें। 
  • टुकड़ों को धूप में सूखने रख दें। 
  • सूखने के बाद टुकड़ों का पाउडर बना लें। 
  • पाउडर को साफ और एयरटाइट कंटेनर में रखकर स्‍टोर करें। 

प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन करें तो बरतें सावधानी (Precautions while consuming sonth during pregnancy)

sonth uses

(image source:imimg.com)

  • क‍िसी भी चीज का ज्‍यादा इस्‍तेमाल हमेशा आपकी सेहत के ल‍िए हान‍िकारक ही होती है और यही चीज सोंठ के साथ है, इसके अनेक फायदों के बावजूद आपको एक द‍िन में सोंठ का अध‍िक सेवन करने से बचना चाह‍िए।
  • अगर आप ब्‍लड थि‍नर ले रही हैं तो आपको प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन नहीं करना चाह‍िए।
  • जो गर्भवती मह‍िलाएं ब्‍लड प्रेशर से पीड़‍ित हैं और दवा ले रही हैं उन्‍हें भी सोंठ का सेवन नहीं करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इससे दवा का असर कम हो सकता है। 
  • प्रेग्नेंसी के दौरान सोंठ का सेवन कर रही हैं तो पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह लें और एक द‍िन में तीन ग्राम से ज्‍यादा सोंठ कंज्‍यूम न करें। 
  • अगर आप ज्‍यादा सोंठ खा लेंगी तो पेट से जुड़ी समस्‍याएं जैसे दस्‍त, अपच, गैस की समस्‍या हो सकती है। 
  • अगर आप हफ्ते के सातों द‍िन सोंठ का सेवन करेंगी तो सीने में जलन होने लगेगी, क्‍योंक‍ि सोंठ की तासीर गरम होती है। 
  • सोंठ की ज्‍यादा मात्रा खा लेने से मुंह में भी जलन हो सकती है। 

तो प्रेग्नेंसी के दौरान सोंड के सेवन के बारे में आपको पता चल ही गया, अगर आप बच्‍चे को स्‍तनपान करवाती हैं तो सोंठ का सेवन करना है या नहीं इसके बारे में डॉक्‍टर से सलाह लें।

(main image source:medimetry.com,exportersindia)

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 25, 2021 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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