बुखार नहीं है तो कैसे पहचानें कोरोना है या नहीं? जानें एक्सपर्ट से

कोरोना के लक्षणों की पहचान कर पाना मुश्किल है। बुखार न होने पर भी लोग पॉजिटिव हो रहे हैं। यहां बताए ये कारण भी कोरोना के लक्षण हैं।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 10, 2021
बुखार नहीं है तो कैसे पहचानें कोरोना है या नहीं? जानें एक्सपर्ट से

कोरोना के लक्षण बहुत असमंजस वाले हैं। पिछले साल जो कोरोना आया था उसके लक्षणों (Corona symptoms)  में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर (Second wave of coron in india) भयावह और रहस्य से भरी है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में भी तेज बुखार (Fever in corona) को कोरोना का लक्षण माना जाता है। बहुत से लोगों को तेज बुखार भी नहीं आता, लेकिन कोरोना पॉजिटव (Coronavirus in india) हो जाते हैं। ऐसे में यह जानना सभी के लिए मुश्किल है कि बुखार नहीं होने पर कैसे पता करें कि कोरोना पॉजिटिव हैं, या नहीं। दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल में जनरल फिजिशियन और कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी ने कुछ ऐसे संकेत बताए हैं जिनसे कोरोना की पहचान की जा सकती है। तो आइए जानते हैं वो कौन से लक्षण हैं जिनसे कोरोना की पहचान (Corona in india) की जा सकती है। 

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बुखार नहीं तो ऐसे पहचानें कोरोना के लक्षण

डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी का कहना है कि कोरोना में इस बार पहले के मुकाबले लक्षण अलग हैं। इस बार निम्न प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। 

दस्त होना

बहुत से लोगों को कोरोना के शुरूआती लक्षण दस्त की समस्या के रूप में सामने आ रहे हैं। इसके साथ पेट में दर्द भी हो रहा है। 

आंखों में खुजली, त्वचा पर चकत्ते

डॉक्टर का कहना है कि कोरोना का यह वायरस आरएनए वायरस है जिसमें हर दिन नया म्यूटेशन आ रहा है, ऐसे में लोगों को इसके लक्षण भी अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि कोरोना की दूसरी में लोगों को जो शुरूआती लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनमें आंखों में खुजली, आंखों का लाल होना और त्वचा पर चकत्ते पड़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। वे बताते हैं कि अगर किसी को बुखार नहीं आया है, और ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई देते हैं, तो कोरोना टेस्ट करा लें, या अपने डॉक्टर की सलाह लें। 

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जोड़ों में दर्द

अगर अचानक से जोड़ों में दर्द शुरू हो गया है, तो यह भी कोरोना का लक्षण है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या नहीं थी और उनमें जोड़ों के दर्द के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो देरी न करें, तुरंत टेस्ट कराएं। अभी बहुत से लोग आम दर्द या आम बुखार समझकर कोरोना की जांच नहीं करा रहे हैं लेकिन यह आम बात आपके लिए गंभीर बन सकती है, इसलिए कोरोना की जांच कराने में देरी न करें। 

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बदन दर्द

कोरोना की दूसरी लहर में देखा गया है नौजवानों में यह बीमारी गंभीर रूप से प्रभाव डाल रही है। बहुत से लोगों में अचानक बदन दर्द की परेशानी बढ़ी ऐसा बदन दर्द मानों किसी ने खूब पीटा हो। बुखार के अलावा बदन दर्द, बदन में जकड़न, हमेशा थके-थके रहना, जैसा महसूस करना आदि भी कोरोना के लक्षण हैं। डॉक्टर बताते हैं कि कोरोना के इस लक्षण में व्यक्ति को लगता है कि उसे बुखार की हरारत है, पर जब वह बुखार मापता है तो उसे बुखार नहीं होता है। ऐसे में वह और परेशान होता है और अच्छी डाइट लेने के बावजूद बदन दर्द से छुटकारा नहीं पा पा रहा है। यह भी कोरोना का ही लक्षण है। 

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सूंघने की क्षमता का जाना

डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी का कहना है कि कोरोना के शुरूआती लक्षणों में सूंघने और स्वाद की क्षमता का चले जाना कोरोना का ही लक्षण है। पहले वाले कोरोना में बीमारी में होने के चौथे या पांचवे दिन सूंघने की क्षमता चली जाती थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में जब व्यक्ति कोरोना से रिकवर कर रहा है तो स्मेल जा रही है। इसलिए यह भी कोरोना का ही लक्षण है। 

सांस फूलना

कोरोना के बहुत से मरीजों को सांस फूलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि बहुत से मरीजों को ऑक्सजीन की जरूरत पड़ रही है। लेकिन डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी का कहना है कि सांस फूलना कोरोना का गंभीर लक्षण है। जब तक मरीज की सांस फूलने की नौबत आती है तब तक कोरोना मरीज के फेफड़ों को जकड़ चुका होता है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना के शुरूआती लक्षणों की पहचान की जाए और उसका सही समय पर इलाज शुरू किया जाए। दूसरा अगर आपकी सांस फूल रही है तो या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत ऑक्सीजमीटर पर ब्लड ऑक्सीजन की जांच करें। यह ऑक्सीजन अगर 94 से नीचे है तो डॉक्टर से संपर्क करें। 

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लगातार खांसी

वायरल फ्लू होने पर भी खांसी होती है, लेकिन कोरोना के समय में हर बुखार, खांसी, जुकाम को कोरोना का लक्षण समझकर ही इलाज किया जा रहा है। विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना मरीजों में देखा गया है कि वे लगातार खांसते हैं, ऐसे में इसे कोरोना का दूसरा लक्षण ही माना जा रहा है। इसलिए अगर आपको लगातार खांसी हो रही है तो उसे सामान्य वायरल न समझें, उसका इलाज शुरू करें। हालांकि यह पहचानना मुश्किल है कि यह  खांसी वायरल खांसी है या कोरोना वाली खांसी है, लेकिन अगर लगातार खांसी आ रही है तो विशेषज्ञ इसका इलाज कोरोना समझकर ही करते हैं। 

छाती में दर्द की शिकायत

कोरोना की दूसरी लहर के लक्षण ज्यादा गंभीर हैं। इनकी पहचान कर पाना भी मुश्किल है। कोरोना के जिन मरीजों में छाती में दर्द की शिकायत होती है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ  जाती है। अगर आपको छाती में हल्का दर्द महसूस हो रहा है तो देर न करें तुरंत से संपर्क करें। 

गले में खराश

अक्सर मौसम बदलने पर गले में खराश की शिकायत होती है, लेकिन आपको अगर बुखार और खांसी के साथ-साथ गले में खराश की दिक्कत है तो यह कोरोना का ही लक्षण है, इसे मौसमी खराश न समझें। इसकाउ इलाज शुरू करें। 

कोरोना की दूसरी लहर (Corona in india) ने लोगों को घरों में समेट दिया है। लोग घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। उन्हें कोरोना का डर है। दूसरी तरफ लोगों को यह समझना भी मुश्किल है, कोरोना में क्या सिर्फ बुखार आता है या कोई और लक्षण भी है। तो डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी ने उन संशयों को भी यहां मिटाया है। अगर आपको भी ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई देते हैं तो देर न करें तुरंत जांच करवाएं और समय पर दवाएं शुरू करें। 

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