Fri Sep 11, 2026 | 09:15 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

गर्भावस्था में पोषक तत्वों की कमी होने पर क्या होता है? एक्सपर्ट से जानें

Nutritional Complications During Pregnancy: गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसका बहुत बुरा असर गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है।

Nutritional Deficiencies In Pregnancy: यह तो हम सभी जानते हैं कि गर्भावस्था में हर महिला को हेल्दी डाइट लेनी चाहिए, ताकि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास सही तरह से हो सके। डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि हर गर्भावस्था में महिला को मौसमी सब्जियां, फल, दूध और दूध से बने अन्य प्रोडक्ट का सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन, प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में महिलाओं को उल्टी और मतली होने की दिक्कत बनी रहती है। ऐसे में कई महिलाएं अपने खानपान से समझौता कर बैठती हैं। प्रेग्नेंसी में ऐसा किया जाना सही नहीं होता है, क्योंकि इसकी वजह से महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिसका नेगेटिव असर शिशु के स्वास्थ्य और उसके विकास पर पड़ता है। यहां हम नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत से यही जानेंगे कि गर्भावस्था में पर्याप्त पोषक तत्व न लेने पर क्या-क्या हो सकता है और शिशु का स्वास्थ्य किस तरह प्रभावित होता है।

गर्भावस्था में पोषक तत्वों की कमी होने पर क्या होता है?- Effects Of Nutritional Deficiency During Pregnancy

Effects Of Nutritional Deficiency During Pregnancy 1 (5)

बच्चे पर असर

गर्भावस्था में अगर महिला पर्याप्त पोषक तत्व नहीं लेती है, तो इसका उनके शिशु के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की मानें, तो पोषक तत्वों की कमी के कारण शिशु को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है, जिससे जन्म के समय उनका वजन कम हो सकता है, समय पूर्व डिलीवरी हो सकती है। कुछ गंभीर मामलों में स्टिल बर्थ का जोखिम भी बढ़ जाता है। यही नहीं, अगर शिशु में फोलेट और विटामिन बी-12 जैसे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो उनमें न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर हो सकता है।

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गर्भवती महिला पर असर

वंदना राजपूत कहती हैं, "सही पोषक तत्व नहीं लेने से महिलाओं में आयरन की कमी हो सकती है, जो कि एनीमिया का मुख्य कारण होता है। अगर महिला समय पर अपना ट्रीटमेंट नहीं लेती है, तो इसकी वजह से प्रसव के दौरान जान को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कैल्शियम की कमी के कारण प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन और प्रीक्लेम्पसिया होने के रिस्क फैक्टर्स बढ़ जाते हैं। वहीं, अगर गर्भावस्था के दौरान विटामिन-डी की कमी हो जाए, तो महिलाओं की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।"

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निष्कर्ष

गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देना चाहिए। पोषक तत्वों की वजह से शिशु का विकास बाधित होता है। यहां तक कि डिलीवरी के समय जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं। इनकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि महिलाएं बैलेंस्ड डाइट लें, जरूरी हो तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लें। इसमें फोलिक एसिड और आयरन मुख्य हैं।

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FAQ

  • गर्भ के पोषण के लिए क्या खाना चाहिए?

    गर्भ के पोषण के लिए महिलाओं को संतुलित डाइट लेना चाहिए। इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट खाना चाहिए। साथ ही, डाइट में ऐसी चीजें भी शामिल करें, जो आयरन, कैल्शियम युक्त हैं। डाइट में फोलिक एसिड भी शामिल होना चाहिए।
  • पोषक तत्वों की कमी को कैसे पहचानें?

    पोषक तत्वों की कमी होने पर कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे थकान और कमजोरी, बार-बार बीमार पड़ना, बालों का झड़ना, त्वचा का रूखापन, घावों का देर से भरना आदि।
  • पेट में बच्चा कमजोर होने पर क्या करना चाहिए?

    पेट में बच्चा कमजोर है या स्वस्थ, इसकी जानकारी डॉक्टर से लें। अगर किसी गंभीर समस्या के कारण भ्रूण का विकास धीमे हो रहा है, तो इसके प्रति लापरवाही न करें। डॉक्टर के बताए हुए टिप्स को जरूर फॉलो करें। इसके अलावा, डाइट में सभी हेल्दी चीजें शामिल करें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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