
अगर हर बार तेज सिर दर्द के साथ आपका पेट भी खराब होने लगता है, मतली महसूस होती है या उल्टी होने लगती है, तो इसे महज संयोग समझने की गलती न करें। दरअसल, माइग्रेन और पेट के बीच एक ऐसा गहरा रिश्ता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। अक्सर लोग माइग्रेन को सिर्फ दिमाग की बीमारी मानते हैं, लेकिन सच यह है कि इसका सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। यही वजह है कि माइग्रेन अटैक के समय कई लोगों को भूख नहीं लगती, पेट भारी लगता है या एसिडिटी बढ़ जाती है। इस लेख में यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के सलाहकार एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डॉ. जयादित्य घोष (Dr. Jayaditya Ghosh, Consultant Endocrinologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से जानिए, गैस और माइग्रेन में क्या संबंध है?
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गैस और माइग्रेन में क्या संबंध है? - Connection between migraine and stomach
डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि पेट और दिमाग के बीच एक मजबूत कनेक्शन होता है, जिसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है। हमारे पेट में मौजूद नर्व्स और बैक्टीरिया सीधे दिमाग से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि जब पेट की सेहत खराब होती है, तो उसका असर दिमाग पर पड़ता है और माइग्रेन जैसी समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। तनाव, खराब पाचन और अनियमित खानपान इस कनेक्शन को और बिगाड़ देते हैं।
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- माइग्रेन के दौरान पेट से जुड़ी समस्याएं इसलिए होती हैं क्योंकि दिमाग में होने वाले केमिकल बदलाव पाचन तंत्र को भी प्रभावित करते हैं।
- माइग्रेन अटैक के समय सेरोटोनिन नामक हार्मोन का लेवल बदल जाता है, जिससे आंतों की एक्टिविटी धीमी या तेज हो सकती है।
- इसका नतीजा होता है मतली, उल्टी, पेट दर्द या गैस की समस्या।
- डॉ. जयादित्य घोष मानते हैं कि कब्ज, एसिडिटी, गैस, फूड एलर्जी और अनहेल्दी डाइट माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं।
- ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड, कैफीन, चॉकलेट और फास्ट फूड पेट को खराब करते हैं, जिससे माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है।
- कुछ लोगों में लेट से खाना या खाना स्किप करना भी माइग्रेन को बढ़ा सकता है।
माइग्रेन और पेट की समस्या से बचाव कैसे करें?
माइग्रेन और पेट की सेहत को सुधारने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है। समय पर और हल्का भोजन करें, ज्यादा पानी पिएं, प्रोबायोटिक फूड जैसे दही को डाइट में शामिल करें। कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएं। योग, प्राणायाम और मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे माइग्रेन और पाचन दोनों बेहतर होते हैं।
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डॉक्टर की सलाह
अगर माइग्रेन के साथ बार-बार उल्टी, तेज पेट दर्द, वजन कम होना या दवाओं से आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लंबे समय तक माइग्रेन और पाचन की समस्या किसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकती है। तनाव और चिंता माइग्रेन और पेट की समस्याओं के बीच एक मजबूत कड़ी हैं। ज्यादा तनाव लेने से पेट में एसिड बढ़ता है और आंतों का फंक्शन प्रभावित होता है। यही तनाव माइग्रेन अटैक को भी ट्रिगर करता है। इसलिए मानसिक सेहत का ध्यान रखना माइग्रेन कंट्रोल करने में बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
माइग्रेन और पेट के बीच गहरा संबंध है। खराब पाचन, तनाव और गलत लाइफस्टाइल माइग्रेन को और गंभीर बना सकते हैं। अगर पेट की सेहत का सही तरीके से ध्यान रखा जाए, तो माइग्रेन की तीव्रता और बार-बार होने वाले अटैक्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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FAQ
माइग्रेन कितनी देर तक रहता है?
माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों से लेकर 2-3 दिनों तक रह सकता है। कुछ मामलों में दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और फिर कम होता है।माइग्रेन क्या होता है?
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक या दोनों तरफ तेज, धड़कता हुआ दर्द होता है।माइग्रेन और सामान्य सिर दर्द में क्या फर्क है?
सामान्य सिर दर्द हल्का और कुछ समय का होता है, जबकि माइग्रेन का दर्द तेज होता है और घंटों या दिनों तक रह सकता है।
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Jan 02, 2026 16:31 IST
Published By : Akanksha Tiwari
