यौन संचारित बीमारी क्लैमाइडिया कैसे फैलती है? जानें इसके लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के बारे में

क्लैमाइडिया बहुत आम इंफेक्शन है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है। जानें इसके लक्षण और बचाव के लिए कुछ जरूरी टिप्स।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Aug 08, 2021 12:00 IST
यौन संचारित बीमारी क्लैमाइडिया कैसे फैलती है? जानें इसके लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के बारे में

आपको जानकर हैरानी होगी कि क्लैमाइडिया(Chlamydia) सबसे आम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) यानी यौन संचारित संक्रमणों में से एक है, जो कि बैक्टीरिया के कारण फैलता है। यह वजाइना, सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा), फैलोपियन ट्यूब, एनस (गुदा), यूरेथरा (मूत्रमार्ग), गले या आंख को संक्रमित कर सकता है। यह बीमारी असुरक्षित यौन संबंधो के कारण फैलती है और इलाज न करवाने पर बांझपन का कारण भी बन सकती है। परेशानी यह है कि बहुत से लोग इस विषय में नहीं जानते और शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण भी नहीं कोई खास नहीं दिखते। इसीलिए इसे साइलेंट इंफेक्शन (Silent infection) भी कहा जाता है। इस वजह से जानकारी के अभाव में या लक्षण पता ना चलने की वजह से समय पर उपचार नहीं होता। जो गंभीर समस्या बन जाता है। 

डॉ रंजना बेकन, गायनोकोलॉजिस्ट (मदरहुड हॉस्पिटल) का कहना है कि क्लैमाइडिया एक सेक्शुअली ट्रांसमिटेड (STI) बीमारी है जो एक बैक्टीरिया से फैलती है जिसे क्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिस कहते हैं। यह बीमारी आदमी और औरत दोनों में हो सकती है औरतों को क्लैमाइडिया सर्विक्स में रेक्टम और  गले में हो सकता है आदमियों में क्लैमाइडिया रेक्टम गले में जाकर फिर पेनिस के अंदर हो सकता है।

क्लैमाइडिया कैसे फैलता है (How Chlamydia Spreads)

  • अगर आपके पार्टनर को यह बीमारी है और आप उसके साथ ओरल, वैजाइनल या एनल संबंध बनाते हैं तो आपको भी यह बीमारी हो सकती है। 
  • क्लैमाइडिया बीमारी वाली महिला अपने बच्चों को जन्म देते समय उसमें भी यह बीमारी ट्रांसफर कर सकती है। 
  • अगर स्त्री या पुरुष दोनों में से किसी को भी पहले क्लैमाइडिया बीमारी हुई है और उन्होंने इसका इलाज कराया है। लेकिन बाद में किसी इनफेक्टेड पार्टनर से सेक्शुअल संबंध बनाते हैं। तो यह दोबारा उनको हो सकती है।
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इस बीमारी की संभावनाएं (Possibilities)

क्लैमाइडिया नौजवान लोगों में बहुत ही आम बीमारी है। यह ज्यादातर यंग लड़कियों में पाई जाती है। अगर आप सेक्शुअल संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल नहीं करते हैं या फिर आप मल्टिपल पार्टनर्स के साथ संबंध बनाते हैं तो यह बीमारी आपको हो सकती है।

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क्लैमाइडिया के लक्षण (Symptoms of Chlamydia)

क्लैमाइडिया के कोई खास लक्षण देखने में नहीं मिलते हैं। जिससे आपको पता नहीं चल पाता कि यह बीमारी आपको है और आप आसानी से दूसरे लोगों तक यह बीमारी पहुंचा सकते हैं। अगर आपको इसके लक्षण है ,तो यह तब तक दिखाई नहीं देते हैं जब तक आप कई हफ्तों तक इनफेक्टेड पार्टनर के साथ सेक्स संबंध नहीं बनाते।

औरतों में इसके लक्षण 

  • ज्यादा मात्रा में वेजाइनल डिस्चार्ज होना जिससे बहुत ज्यादा बदबू आती है, 
  • यूरिन पास करते समय बहुत जलन 
  • सेक्शुअल संबंध बनाते समय बहुत दर्द महसूस होना
  • जब यह क्लैमाइडिया महिला में फैल जाता है तो जी घबराना, बुखार या फिर लोअर एब्डोमिनल (पेट का निचला हिस्सा) में दर्द रहना। 
  • असामान्य वजाइनल डिस्‍चार्ज
  • सेक्शुअल एक्टिविटी के बाद ब्‍लीडिंग होना
  • ब्‍लीडिंग या पीरियड्स के बीच स्‍पॉटिंग 

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आदमियों  में इसके लक्षण 

  • उनके पेनिस से डिस्चार्ज 
  • यूरिन पास करते समय जलन महसूस होना
  • पेनिस के ओपनिंग एरिया में खुजली रहना। 
  • एक या दोनों टेस्टिकल्स में दर्द और सूजन हो जाना 
  • यूरिन के दौरान जलन महसूस होना
  • सेक्शुअल एक्टिवी के दौरान दर्द होना
  • पेल्विक पेन यानी पेड़ू में दर्द

क्लैमाइडिया की जांच कैसे होती है?

क्लैमाइडिया की जांच करने के लिए लैब टेस्ट होते हैं। टेस्ट के लिए रोगी का यूरिन सैंपल ले सकते हैं। कभी-कभी औरतों में टेस्ट करने के लिए वह कॉटन के ऊपर वैजाइना का सैंपल ले सकते हैं।अगर आपको क्लैमाइडिया के कोई भी लक्षण है या फिर आपने ऐसे पार्टनर के साथ सेक्शुअल संबंध बनाए हैं जिसको यह बीमारी है तो आपको डाक्टर पास जरूर जाना चाहिए। क्लैमाइडिया उन लोगों में होने के ज्यादा रिस्क रहता है ,जो लोग यौन संबंध बनाने में बहुत एक्टिव होते हैं और जो एक से ज्यादा पार्टनर के साथ संबंध बनाते हैं।

क्लैमाइडिया का इलाज 

एंटीबायोटिक इस इन्फेक्शन को ठीक कर देती हैं कई बार आपको एक ही बार डोज़ लेनी पड़ती है या फिर ज्यादा से ज्यादा 7 दिन में हर रोज एक बार डोज़ लेनी पड़ती है। इस बीमारी की वजह से किसी भी परमानेंट डैमेज को एंटीबायोटिक ठीक कर देते हैं। अपनी पार्टनर को इस बीमारी से बचाने के लिए आप तब तक सेक्शुअल संबंध ना बनाएं जब तक आप पूरी तरह से ठीक ना हो जाए। अगर आपने एंटीबायोटिक की एक डोज ली है तब आपको यौन संबंध बनाने के लिए 7 दिन तक इंतजार करना होगा और अगर आप इसे लगातार 7 दिन तक ले रहे हैं तब आपको ट्रीटमेंट खत्म होने तक संबंध नहीं बनाने चाहिए।क्लैमाइडिया से बचने के लिए सेक्शुअल एक्टिविटीज करते समय कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए।

उम्मीद है आप क्लैमाइडिया बीमारी की इस जानकारी के बाद इस तरह के इंफेक्शन से बच सकते हैं और अपने पार्टनर को भी बचा सकते हैं।

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