
पेट दर्द को नजरअंदाज करना अक्सर मुश्किल हो जाता है। पेट दर्द कई कारणों से हो सकता है और इसी के आधार पर दर्द का प्रकार भी होता है। जैसे कि पेट दर्द कई बार गंभीर होता है तो कई बार यह हल्का होता है। सबसे पहले तो जरूरी है कि आप पेट दर्द के कारणों के बारे में जानें और फिर ही डाइट को लेकर कुछ सोचें। दरअसल, पेट दर्द की वजह अगर फूड प्वाइजनिंग है तो इसमें डाइट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा अगर पेट दर्द नॉर्मल है तो इसमें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत नहीं होती। इसी तरह अगर पेट दर्द की वजह गैस और बदहजमी है तो तब भी आपको डाइट को सही रखने की जरूरत है। ऐसे में सवाल यह है कि पेट दर्द चाहे जैसा हो लेकिन क्या इसमें दूध पीना सही है? जानते हैं इस बारे में Suparna Mukherjee, Clinical Nutrition & Dietetics, Narayana Health City, Bengaluru से।
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पेट दर्द में दूध पीना चाहिए-Pet dard me doodh pina chahiye ya nahi
Suparna Mukherjee कहती हैं कि ''आम तौर पर, पेट खराब होने पर दूध पीने की सलाह नहीं दी जाती। हालांकि, पहले यह माना जाता था कि दूध पेट की परत को आराम पहुंचा सकता है, लेकिन अब यह माना जाता है कि यह समस्या को और भी बदतर बना सकता है।'' इसलिए आपको दूध पीने के फायदे और नुकसान दोनों पर ध्यान देना होगा।
पेट दर्द में दूध पीना कैसे हानिकारक हो सकता है?
दूध पेट की परत पर एक अस्थायी परत प्रदान कर सकता है, जो पेट के एसिड को बफर कर सकता है और थोड़े समय के लिए राहत प्रदान कर सकता है। हालांकि, दूध में मौजूद फैट और अन्य पोषक तत्व पेट को और अधिक एसिड बनाने के लिए उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे उल्टा प्रभाव पड़ता है और पेट दर्द और भी बदतर हो जाता है।
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लैक्टोज असहिष्णुता है बड़ी वजह
दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा लैक्टोज असहिष्णु है, जिसका अर्थ है कि उनमें दूध में मौजूद शुगर (लैक्टोज) को पचाने के लिए आवश्यक एंजाइम (लैक्टेज) की कमी है। यहां तक कि पेट का वायरस भी इस एंजाइम की अस्थायी कमी का कारण बन सकता है। लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों के लिए, दूध का सेवन कई असुविधाजनक लक्षणों का कारण बन सकता है, जिनमें पेट में ऐंठन, सूजन, गैस और दस्त शामिल हैं, जो मौजूदा पेट दर्द को और बढ़ा देते हैं।

दूध पचाने में कठिनाई
दूध, विशेष रूप से कंप्लीट फैट वाला दूध, फैट में हाई होता है, जिसे बीमार या परेशान पेट के लिए पचाना मुश्किल हो सकता है। इससे सूजन और अन्य पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए कमजोर पाचम क्रिया वाले लोगों के लिए दूध पीना मुश्किलों का सबब हो सकता है।
गैस्ट्रिक एसिड उत्पादन की संभावना
दूध में मौजूद प्रोटीन और वसा पेट को अधिक गैस्ट्रिक एसिड का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे गैस्ट्राइटिस या सीने में जलन जैसी स्थितियां बिगड़ सकती हैं। इसलिए ऐसे लोगों को भी दूध पीने से बचना चाहिए। इसके अलावा दूध पेट को अधिक गैस्ट्रिक एसिड बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे बेचैनी बढ़ सकती है।
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पेट दर्द दूध कैसे फायदेमंद हो सकता है
Suparna Mukherjee बताती हैं कि पेट दर्द के कुछ मामलों में दूध पीना फायदेमंद हो सकता है। कुछ लोगों को लगता है कि "मिल्क टोस्ट", जो दूध और सफेद टोस्ट जैसे हल्के खाद्य पदार्थों का मिश्रण होता है, मददगार हो सकता है। ब्रेड एसिड को सोखने में मदद करता है और दूध एक अस्थायी परत प्रदान करता है। हालांकि, यह कोई निश्चित उपाय नहीं है और इसे सावधानी से अपनाना चाहिए, खासकर अगर आपको लगता है कि आप लैक्टोज असहिष्णु हैं।
हालांकि, आमतौर पर दूध की सलाह नहीं दी जाती है, लेकिन सादा, बिना फैट वाले दूध की दही जिसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, कुछ मामलों में मददगार हो सकता है, क्योंकि ये "अच्छे बैक्टीरिया" आपके पेट में संतुलन बहाल करने में मदद कर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें और देखें कि आपका शरीर कैसे प्रतिक्रिया करता है।
एक्सपर्ट के सुझाव
संक्षेप में, पेट दर्द होने पर दूध और अन्य डेयरी उत्पादों पनीर और आइसक्रीम से बचना सबसे अच्छा है। इसके बजाय, इन विकल्पों पर विचार करें। जैसे हल्के खाद्य पदार्थ जैसे कि टोस्ट, चावल, केले और सेब की चटनी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें क्योंकि ये पचाने में आसान होते हैं। गर्म पानी, अदरक या कम चीनी वाला स्पोर्ट्स ड्रिंक पीने से डिहाइड्रेशन को रोकने में मदद मिल सकती है, खासकर अगर आपको उल्टी या दस्त हो रहे हों तो। अगर आपका पेट दर्द गंभीर, लगातार हो रहा है, या इसके साथ अन्य चिंताजनक लक्षण भी हैं, तो किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।
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Dec 27, 2025 17:33 IST
Published By : Pallavi Kumari
