Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

रोजाना सॉना लेना क्या दिल को बना सकता है मजबूत? जानें दिल के डॉक्टर की राय

आजकल फिटनेस और वेलनेस को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। योग, मेडिटेशन और एक्सरसाइज के साथ-साथ अब सॉना (Sauna) भी हार्ट हेल्थ के लिए चर्चा में है। यहां जानिए, क्या रेगुलर सॉना सेशन से हार्ट हेल्थ में सुधार हो सकता है?

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता मानसिक तनाव, घंटों बैठकर काम करना और अनियमित खानपान ने हार्ट हेल्थ को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। पहले जहां दिल की बीमारियां उम्र बढ़ने पर देखी जाती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोग भी हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में लोग एक्सरसाइज, योग, डाइट कंट्रोल और मेडिटेशन के साथ-साथ नए और आसान उपायों की तलाश में रहते हैं, जो दिल को हेल्दी रखने में मदद कर सके। इन्हीं विकल्पों में सॉना (Sauna) का नाम भी फेमस है। पहले सॉना को केवल लग्जरी स्पा या रिलैक्सेशन तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब इसे हार्ट हेल्थ से जोड़कर देखा जा रहा है। सवाल यह है कि क्या वाकई सॉना लेने से दिल मजबूत होता है या यह सिर्फ एक ट्रेंड बनकर रह गया है? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने, गुरुग्राम स्थित पारस हेल्थ के एसोसिएट डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. विकास गोयल (Dr. Vikash Goyal, Associate Director, Cardiology, Paras Health, Gurugram) से बात की-

क्या रेगुलर सॉना सेशन से हार्ट हेल्थ में सुधार हो सकता है? - Can Regular Sauna Sessions Improve Heart Health

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, ''सॉना के दौरान गर्मी के संपर्क में आने से शरीर की रक्त वाहिकाएं फैलती हैं (Vasodilation), जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।'' इस प्रक्रिया का असर कुछ हद तक हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी जैसा होता है, जिससे हार्ट को भी फायदा मिल सकता है।

  • नियमित सॉना सेशन लेने पर शरीर में खून का प्रवाह तेज और सुचारु हो जाता है। जब रक्त वाहिकाएं यानी ब्लड वैसेल्स फैलती हैं, तो दिल को खून पंप करने में कम मेहनत करनी पड़ती है।
  • इसका नतीजा यह होता है कि ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से कम हो सकता है।
  • स्टडीज में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से सॉना लेते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) का खतरा अपेक्षाकृत कम देखा गया है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो तनाव या लाइफस्टाइल के कारण बढ़ते बीपी से जूझ रहे हैं।

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1. हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के जोखिम में कमी

नियमित सॉना सेशन लेने से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता है। डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि सॉना से वेस्कुलर फंक्शन यानी रक्त नलिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर में सूजन (Inflammation) कम हो सकती है। सूजन को हार्ट डिजीज का एक बड़ा कारण माना जाता है। जब इंफ्लेमेशन कम होता है, तो दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी घटता है।

2. तनाव में सॉना की भूमिका

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन चुका है। सॉना लेने से शरीर में रिलैक्सेशन हार्मोन बढ़ते हैं और स्ट्रेस हार्मोन (जैसे कॉर्टिसोल) का लेवल कम हो सकता है। सॉना सेशन के दौरान व्यक्ति मानसिक रूप से शांत महसूस करता है, जिससे नींद बेहतर होती है और एंग्जायटी भी कम हो सकती है। कम तनाव का सीधा फायदा दिल पर पड़ता है, क्योंकि स्ट्रेस हार्ट अटैक और हाई बीपी का बड़ा ट्रिगर माना जाता है।

Can sauna improve heart health

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डॉक्टर की सलाह

डॉ. विकास गोयल साफ तौर पर कहते हैं कि सॉना एक्सरसाइज का विकल्प नहीं है। हालांकि, इसके फायदे एक्सरसाइज से मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन यह फिजिकल एक्टिविटी की जगह नहीं ले सकता। सॉना को एक पूरक उपाय (Complementary Practice) के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि इलाज या वर्कआउट के विकल्प के रूप में।

निष्कर्ष

नियमित और सुरक्षित तरीके से सॉना लेने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा मिल सकता है, चाहे वह बेहतर ब्लड सर्कुलेशन हो, कम ब्लड प्रेशर, तनाव में कमी या हार्ट फंक्शन में सुधार। हालांकि, सॉना को कभी भी दवा या एक्सरसाइज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। सही जानकारी, सीमित समय और डॉक्टर की सलाह के साथ सॉना को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल किया जाए, तो यह हार्ट हेल्थ के लिए एक सहायक उपाय बन सकता है।

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FAQ

  • क्या तनाव से हृदय रोग होता है?

    लगातार तनाव से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को प्रभावित करते हैं और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाते हैं।
  • क्या आप हृदय रोग के साथ व्यायाम कर सकते हैं?

    ज्यादातर मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार की गई हल्की और एक्सरसाइज फायदेमंद होती है। बिना सलाह भारी वर्कआउट करना नुकसानदेह हो सकता है।
  • दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण

    सीने में दर्द या भारीपन, सांस फूलना, बार-बार थकान, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना, ये सभी हार्ट प्रॉब्लम के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 06, 2026 12:08 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 06, 2026 12:08 IST

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