इन 3 ब्लड ग्रुप वाले लोगों को हो सकता है कोविड संक्रमण का ज्यादा खतरा, भारतीय स्टडी में हुआ खुलासा

Corona New Study: इस स्टडी में आरएच फैक्टर (RH Factor) की बात की गई जो कि कोरोना होने और ना होने के खतरे की और संकेत करता है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Dec 27, 2022 12:47 IST
इन 3 ब्लड ग्रुप वाले लोगों को हो सकता है कोविड संक्रमण का ज्यादा खतरा, भारतीय स्टडी में हुआ खुलासा

दुनियाभर में इस समय कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट (New Variant Omicron Update) से डर का माहौल है। तमाम सरकारों ने कोरोना वायरस के इस वैरिएंट को लेकर अलग-अलग गाइडलाइन्स जारी कर दिए है। वहीं, इस बीच एक स्टडी आई है, जिसके तहत कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना का खतरा ज्यादा बताया जा रहा है। दरअसल, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल द्वारा की गई स्टडी में इस बात का खुलास हुआ है। इस स्टडी की मानें तो ए (A blood group), बी (B blood group) और आरएच पॉजिटिव (RH+) लोगों में कोरोना होने का खतरा ज्यादा है। तो, वहीं एबी ब्लड ग्रुप (AB blood group), ओ ब्लड ग्रुप (O blood group) और आरएच निगेटिव (RH-) वाले लोगों में कोरोना होने का खतरा कम है। इसके अलावा भी स्टडी में कोरोना को लेकर कई जरूरी बातें बताई गई है, तो आइए पहले जानते हैं कि क्या कहती है सर गंगा राम अस्पताल की ये स्टडी।

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क्या कहती है सर गंगा राम अस्पताल की स्टडी-Sir Ganga Ram Study On Coronavirus

सर गंगा राम अस्पताल द्वारा की गई इस स्टडी में 2,586 कोविड पॉजिटिव रोगियों को शामिल किया था, जिन्हें 8 अप्रैल 2020 से 4 अक्टूबर 2020 के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद एबीओ और आरएच ब्लड ग्रुप को कोविड -19 के संवेदनशीलता के साथ जोड़ कर देखा गया। शोध पत्र फ्रंटियर्स इन सेल्युलर एंड एंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी (Frontiers in Cellular and Infection Microbiology) में छपा है जिसके अनुसार अलग-अलग ब्लड ग्रुप में कोरोना होने की फ्रीक्वेंसी बताई गई है। जैसे कि

  • -ए ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 29.93% 
  • - बी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 41.8% 
  • -ओ ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 21.19 % 
  • -एबी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 7.89% थी। 

यह रिसर्च अस्पताल के अनुसंधान विभाग ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के द्वारा किया था। इसमें विशेष तौर पर आरएच फैक्टर (RH Factor) की बात भी की गई है। दरअसल, आरएच फैक्टर एक प्रोटिन है जो रेड ब्लड सेल्स की कोशिकाओं की सतह पर हो सकता है। ये जिन लोगों के खून में पाया जाता है उनके खून को आरएच पॉजिटिव (RH+) कहते हैं और जिन लोगों के खून में नहीं पाया जाता है उन्हें आरएच निगेटिव (RH-) कहते हैं। इस तरह ये भी बताता है कि किन लोगों को कोविड-19 का खतरा ज्यादा और किन लोगों में कम।

इस तरह रिसर्च के अंत में बताया गया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए और बी है या फिर जिनमें आरएच पॉजिटिव तत्व है वे कोविड संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। जबकि जिन लोगों का ब्लड ग्रप ओ, एबी है या फिर उनके खून में आरएच तत्व नहीं है उनमें कोरोना का खतरा कम है।

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पुरुषों में ज्यादा खतरा

इसके अलावा शोध में ये भी देखा गया कि बी ब्लड ग्रप वाले पुरुष रोगियों में महिला रोगियों की तुलना कोविड -19 का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा AB ब्लड ग्रप वाले 60 वर्ष के आयु वर्ग के रोगियों में भी संक्रमण का खतरा ज्यादा है। 

हालांकि, रिसर्च का ये भी कहना है कि उन्हें किसी खास ब्लड ग्रुप, बीमारी की गंभीरता और मृत्यु दर के प्रति इनकी संवेदनशीलता के बीच कोई संबंध नहीं मिला है। बस ये पाया गया है कि ए ब्लड ग्रुप और आरएच+ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना जल्दी हो सकता है और उन्हें इससे रिकवरी में बाकी लोगों की तुलना ज्यादा समय लग सकता है। साथ ही अध्ययन में यह भी बताया गया है कि ब्लड ग्रुप और कोविड-19  (SARS-CoV-2) के बीच संबंध का पता लगाने के लिए बड़े, बहुकेंद्रीय और संभावित अध्ययन की जरूरत है।

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दूसरी तरह दुनिया भर में कोरोना के नए वैरिएंट यानी कि ओमिक्रोन की बात हो रही है और इस पर नए रिसर्च किए जा रहे हैं। भारत ने तो ओमिक्रोन से प्रभावित देशों से आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए ट्रेवल एडवाइजरी (Omicron Travel Advisory) जारी कर यात्रा में प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं और हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। 

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