कोरोना के बढ़े खतरे के बीच सरकार ने दी नेजल वैक्सीन को मंजूरी, बूस्टर डोज के तौर पर लगेगी

iNCOVACC Nasal Vaccine in Hindi: केंद्र सरकार ने कोरोना के खतरे को देखते हुए भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन iNCOVAC के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Dec 23, 2022 14:38 IST
कोरोना के बढ़े खतरे के बीच सरकार ने दी नेजल वैक्सीन को मंजूरी, बूस्टर डोज के तौर पर लगेगी

iNCOVACC Nasal Vaccine in Hindi: चीन में कोरोना वायरस की तबाही से पूरी दुनिया की नींद उड़ चुकी है। भारत में कोरोना के नए सब वैरिएंट BF.7 के मामले मिलने के बाद सरकार अलर्ट मोड पर आ गयी है। वैज्ञानिकों द्वारा कयास लगाए जा रहे थे कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में दुनिया एक बार फिर से कोरोना की खतरनाक लहर देखेगी। इन सबके बीच कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने बूस्टर डोज के तौर पर भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। जल्द ही अस्पतालों में बूस्टर डोज के तौर पर नई इंट्रानेजल वैक्सीन वयस्कों को लगनी शुरू होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में बहुत अहम साबित होगी। भारत के औषधि महानियंत्रक DCGI की अनुमति के बाद भारत बायोटेक की इंट्रा नेजल कोविड वैक्सीन iNCOVACC को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगाया जाएगा।

क्या है iNCOVAC नेजल वैक्सीन?- What is iNCOVAC Vaccine in Hindi

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत अब तक मांसपेशियों में लगने वाली वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब सरकार ने नई लहर के खतरे को देखते हुए भारत बायोटेक द्वारा निर्मित भारत की पहली नेजल वैक्सीन इनकोवैक के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन नाक में स्प्रे के जरिए लगाई जायेगी। इस वैक्सीन को पहले BBV154 नाम दिया गया था लेकिन अब इसका नाम बदल कर iNCOVACC कर दिया गया है। 18 साल की उम्र से ज्यादा वाले लोगों को यह वैक्सीन सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगाई जाएगी। आपको बता दें कि अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी और भारत बायोटेक ने मिलकर इस वैक्सीन को बनाया है। 

 incovacc nasal vaccine

इसे भी पढ़ें: 90 दिनों में चीन की 60% आबादी हो सकती है कोरोना संक्रमित, बेकाबू हालात से बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा

कितनी प्रभावी है इनकोवैक वैक्सीन?- iNCOVACC Vaccine Efficacy in Hindi

रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकोवैक वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मिलने से पहले तीन फेज में इसका ट्रायल किया गया था। तीनों ट्रायल में यह वैक्सीन बहुत असरदार साबित हुई है। कंपनी द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक इनकोवैक वैक्सीन के पहले फेज के ट्रायल में 175 लोगों को शामिल किया गया था। इसके बाद दूसरे फेज के ट्रायल में 200 लोग थे। तीसरे फेज का ट्रायल दो बार किया गया था जिसमें पहली बार में 3,100 लोग थे और इन लोगों को वैक्सीन की दो डोज दी गयी थी और दूसरी बार में 875 लोगों को यह वैक्सीन बूस्टर डोज के रूप में दी गयी थी। कंपनी के मुताबिक यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ दूसरी वैक्सीन की तरह ही असरदार है। 

भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति- Coronavirus Cases in India

कोरोना वायरस के खिलाफ देश में लगातार टीकाकरण अभियान जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक देश में कोरोना वैक्सीन की अब तक 220 करोड़ डोज लोगों को दी जा चुकी है। इसके अलावा देश में कोरोना के नए BF.7 वैरिएंट के मामले मिलने के बाद सरकार अलर्ट पर है। देश में विदेशों से आने वाले लोगों की सघन स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन देशों में इस वैरिएंट का प्रभाव ज्यादा है वहां से आने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को एडवाईजरी जारी की गयी है, जिसमें राज्यों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गयी है।

(Image Courtesy: Freepik.com)

 
Disclaimer