Fri Sep 11, 2026 | 09:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और खराब हवा मिलकर कर रहे लोगों को बीमार, बचाव के लिए ध्यान रखें ये 8 बातें

बीते शुक्रवार को द‍िल्‍ली का एक्‍यूआई 346 दर्ज क‍िया गया जो क‍ि च‍िंताजनक है और साथ ही कड़ाके की ठंड ने लोगों को घर में कैद रहने के ल‍िए मजबूर कर द‍िया है। ऐसे में बचाव के ल‍िए हेल्‍थ ट‍िप्‍स को ध्‍यान में रखना न भूलें।

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द‍िल्‍ली की खराब एयर क्‍वॉल‍िटी एक बड़ी समस्‍या बन चुकी है। शुक्रवार को द‍िल्‍ली का एक्‍यूआई 346 र‍िकार्ड हुआ है जो क‍ि बहुत खराब माना जाता है। यह आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी क‍िए हैं। द‍िल्‍ली-एनसीआर के कई इलाकों का एक्‍यूआई चि‍ंताजनक बना हुआ है। आनंद व‍िहार का एक्‍यूआई 354, चांंदनी चौक का 370, द्वारका सेक्‍टर 8 का एक्‍यूआई 369 रहा। ये आंकड़े शुक्रवार (16 जनवरी, 2026) सुबह 7 बजे दर्ज क‍िए गए हैं। वहीं गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को द‍िल्‍ली का एक्‍यूआई सुबह आठ बजे 352 रहा जो क‍ि बेहद खराब की श्रेणी में आता है। द‍िल्‍ली न‍ि‍वासी प्रदूषण की मार के साथ-साथ ठंड का प्रकोप भी झेल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबि‍क, द‍िल्‍ली का तापमान 5.4 ड‍िग्री तक पहुंच गया है जो क‍ि बेहद न‍िचला स्‍तर है। कड़ाके की ठंड और प्रदूषण के बीच सेहत का ख्‍याल नहीं रखा, तो स्‍थि‍त‍ि गंभीर हो सकती है खासकर ज‍िन लोगों को अस्‍थमा या फेफड़ों की बीमारी है। इस लेख में हम कुछ आसान हेल्‍थ ट‍िप्‍स जानेंगे ज‍िनकी मदद से सेहत को बेहतर बनाए रख सकते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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1. व‍िटाम‍िन सी, डी, हल्‍दी, अदरक का सेवन करें- Consume Vitamin C, D, Turmeric, Ginger

कड़ाके की ठंड और खराब हवा के बीच इम्‍यून‍िटी को मजबूत करना जरूरी है। Smita Singh ने बताया क‍ि डाइट में व‍िटाम‍िन सी, डी, हल्‍दी और अदरक को शाम‍िल करें। इससे रोग प्रत‍िरोधक क्षमता मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम, बैक्‍टीर‍ियल एवं वायरल इंफेक्‍शन से बचाव होता है क्‍योंक‍ि हल्‍दी और अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

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2. सुबह और शाम की सैर से बचें- Avoid Morning And Evening Walk During Pollution

पैदल चलना पूरे शरीर और खासकर फेफड़ों की मजबूती के ल‍िए जरूरी है, लेकि‍न प्रदूषण या खराब एक्‍यूआई के दौरान सुबह और शाम बाहर जाकर सैर करने से बचें। घर में ही वॉक करें या योग और ड‍ीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज करें। बाहर न‍िकलने से पहले अपने आसपास के इलाके का एक्‍यूआई चेक करें।

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3. मास्‍क की अहम‍ियत को समझें- Give Priority To Mask

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प्रदूषण में मास्‍क लगाए बगैर घर से बाहर न न‍िकलें। एन95 या ट्र‍िपल लेयर मास्‍क प्रदूष‍ित हवा से काफी हद तक बचाता है। मास्‍क लगाएंगे, तो पीएम2.5 और पीएम10 जैसे सूक्ष्‍म प्रदूषक कणों से सुरक्षा म‍िलेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें, तो हाई फ‍िल्‍टरेशन वाले मास्‍क जैसे एन95 या केएन95 0.3 माइक्रोन के कणों को रोक सकता है ज‍िससे सांस के जर‍िए प्रदूषण के कण फेफड़ों में जाने से बच सकते हैं।

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4. भाप लें और गुनगुने पानी का सेवन करें- Consume Lukewarm Water And Steam

इन द‍िनों पूरे उत्तर भारत में शीतलहर चल रही है ज‍िसकी चपेट में आकर लोगों को गले में खराश और बार-बार बुखार आ रहा है। ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें इस बात का सबूत है क‍ि यह मौसम कैसे लोगों के ल‍िए आफत बन रहा है? घर में रहकर स्‍टीम लें और लगातार गुनगुने पानी का सेवन करते रहें। इससे गले को आराम म‍िलेगा और बंद नाक या बलगम से राहत म‍िलेगी।

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5. इनडोर एयर क्वालिटी का ध्‍यान रखें- Focus On Indoor Air Quality

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घर की हवा शुद्ध होनी चाह‍िए। डायटिशियन Smita Singh ने बताया क‍ि अगर आप ऐसे शहर में रहते हैं जहांं प्रदूषण ज्‍यादा है, तो घर में एयर प्‍यूरीफायर का इस्‍तेमाल करें। एयर प्‍यूरीफायर हवा में मौजूद पीएम2.5, पीएम10, धूल, धुआं और एलर्जन जैसे तत्‍वों को फ‍िल्‍टर कर देता है।

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6. सांस की तकलीफ पर गौर करें- Pay Attention To Breathing Difficulty

अगर आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। मेरे दोस्‍त की मां को सर्दि‍यों में सांंस की तकलीफ होती है, पूरे सीजन इस समस्‍या को गंभीरता से न लेने के कारण उन्‍हें आईसीयू में भर्ती होना पड़ा। खराब हवा, प्रदूषण और ठंड से सांस की समस्‍या हो सकती है ज‍िसका इलाज तुरंत करवाएं।

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7. गर्म और ताजा भोजन खाएं- Eat Hot And Fresh Food

सर्दि‍यों में हमेशा गर्म और ताजा भोजन ही खाना चाह‍िए। इस छोटी सी हेल्‍थ ट‍िप को फॉलो करके सर्दि‍यों में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बंद नाक जैसी समस्‍याओं से बच सकते हैं। सर्दि‍यों में ताजा भोजन करेंगे, तो पेट की समस्‍याएं होने का खतरा भी टल जाएगा।

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8. एंटीऑक्‍सीडेंट र‍िच फूड्स लें- Eat Antioxidant Rich Foods

डायटिशियन Smita Singh ने बताया क‍ि सर्दि‍यों में स्‍वस्‍थ रहने और मौसमी बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए एंटीऑक्‍सीडेंट र‍िच फूड्स का सेवन करें। गाजर, पालक, मेथी, आंवला, अनार, संतरा, ग्रीन टी, हल्‍दी का दूध वगैरह का सेवन करें। इन फूड्स से शरीर की इम्‍यून‍िटी बढ़ती है और सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।

न‍िष्‍कर्ष:

खराब एक्‍यूआई और प्रदूषण के बीच सेहत का ख्‍याल रखना है, तो गर्म, ताजा और एंटीऑक्‍सीडेंट र‍िच फूड्स खाएं, व‍िटाम‍िन सी, डी, हल्‍दी, अदरक का सेवन करें। सांस की तकलीफ पर गौर करें, मास्‍क पहनें और इनडोर एयर क्वालिटी को चेक करें।

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FAQ

  • खराब एक्‍यूआई क‍ितना होता है?

    201 से 300 के बीच एक्‍यूआई खराब और 301 से ऊपर बहुत खराब माना जाता है और 401 से ऊपर गंभीर श्रेणी मानी जाती है। ऐसे लेवल पर लोगों को सांस की द‍िक्‍कत हो सकती है।
  • प्रदूषण में कौन सा मास्‍क लगाएं?

    प्रदूषण से बचाव के ल‍िए एन95 या केएन95 मास्‍क सबसे सुरक्ष‍ित माना जाता है। ये पीएम2.5 जैसे सूक्ष्‍म कणों को फ‍िल्‍टर करता है। कपड़े वाले या सर्जि‍कल मास्‍क प्रदूषण से बचाव नहीं करते हैं।
  • प्रदूषण से बचने के ल‍िए क्‍या खाएं?

    प्रदूषण से बचने के ल‍िए एंटीऑक्‍सीडेंट र‍िच फूड्स का सेवन करें। अनार, गाजर, पालक और आंवला का सेवन करें। इसके अलावा मजबूत इम्‍यून‍िटी के ल‍िए अदरक, हल्‍दी, ग्रीन टी को डाइट में शाम‍िल करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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