Doctor Verified

क्या सूर्य ग्रहण से पहले पकाया हुआ खाना जहरीला हो जाता है? एक्सपर्ट से जानें इस दावे की सच्चाई

भारतीय घरों में ऐसा आज भी कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण से पहले पकाए हुए खाने में जहरीले तत्व आ जाते हैं। आइए जानते हैं यह अंधविश्वास है या इसका कोई वैज्ञानिक कनेक्शन भी है।
  • SHARE
  • FOLLOW
क्या सूर्य ग्रहण से पहले पकाया हुआ खाना जहरीला हो जाता है? एक्सपर्ट से जानें इस दावे की सच्चाई


इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगने वाला है। भारतीय संस्कृति में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन इसके साथ कई तरह की मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। इनमें से एक यह है कि सूर्य ग्रहण के दौरान या उससे पहले पकाया गया भोजन नहीं खाना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि सूर्यग्रहण से पहले और उस दौरान पकाया गया खाना जहरीला और दूषित हो जाता है। इस तरह का खाना खाने से शरीर में कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। क्या वाकई सूर्य ग्रहण से पहले पकाया हुआ खाना जहरीला हो जाता है यह एक अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई वास्तविक वैज्ञानिक कारण है? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने माधवबाग के संस्थापक, सीईओ और आयुर्वेदिक डॉ. रोहित साने (Dr Rohit Sane, Founder & CEO, Madhavbaug) से बात की।

वर्तमान समय में कई ऐसे अंधविश्वास हैं, जिन्हें लोग सच मानते आ रहे हैं। ऐसे ही मिथकों और अंधविश्वास के पीछे छिपे साइंस के बारे में बताने के लिए ओनलीमायहेल्थ "अंधविश्वास या साइंस" सीरीज चला रहा है। इस सीरीज के तहत हम आपको ऐसे ही अंधविश्वास से जुड़े साइंस और वैज्ञानिक तथ्य बताने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस सीरीज में आज हम  माधवबाग के संस्थापक, सीईओ और आयुर्वेदिक डॉ. रोहित साने (Dr Rohit Sane, Founder & CEO, Madhavbaug) से जानेंगे क्या सूर्यग्रहण से पहले पकाया हुआ खाना जहरीला हो जाता है या नहीं।

इसे भी पढ़ेंः आयुर्वेद के अनुसार नई मां को जरूर पीनी चाहिए ये 5 हर्बल चाय, ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में मिलेगी मदद

Does-food-cooked-before-a-solar-eclipse-become-poisonous-inside

सूर्य ग्रहण से पहले पकाया हुआ खाना जहरीला होने का वैज्ञानिक तथ्य

इस पहलू को अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है, जो यह दर्शाए कि सूर्य ग्रहण के कारण भोजन विषाक्त हो जाता है। विज्ञान के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी तक पूरी तरह नहीं पहुंचती, जिससे पराबैंगनी (UV) और अन्य किरणों का प्रभाव थोड़ा परिवर्तित हो सकता है। हालांकि, यह प्रभाव भोजन को जहरीला बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण केवल प्रकाश और तापमान में अस्थायी परिवर्तन लाता है, लेकिन इसका भोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का संबंध नहीं है।

2010 में प्रकाशित एक जापानी अध्ययन में यह पाया गया है कि सूर्य ग्रहण के समय धरती के विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र (Electromagnetic Field) में छोटे-छोटे बदलाव होते हैं। यह बदलाव पृथ्वी पर मौजूद सभी जैविक पदार्थों और मानव शरीर पर अपना असर दिखाते हैं। हालांकि यह अध्ययन पूरी तरह से सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन पर किसी प्रकार का असर पड़ता है इस पर आधारिक नहीं था, लेकिन यह संकेत देता है कि सूर्य ग्रहण काल में प्राकृतिक ऊर्जा का संतुलन कुछ समय के लिए बिगड़ जाता है।

इसे भी पढ़ेंः एक दिन में पैरासिटामॉल की कितनी गोलियां खा सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें इसे ज्यादा खाने के नुकसान

सूर्य ग्रहण से पहले पकाए भोजन पर क्या कहती है भारतीय परंपरा

भारतीय परंपराओं की बात करें, तो सूर्य ग्रहण को एक अशुभ घटना के तौर पर देखा जाता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट रोहित साने के अनुसार, भारतीय संस्कृति में सूर्य ग्रहण को केवल एक खगोलीय घटना नहीं माना गया है, बल्कि इसे एक सूक्ष्म ऊर्जात्मक परिवर्तन का काल समझा गया है। ऐसी ही एक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण से पहले पकाया गया भोजन ग्रहण के दौरान दूषित हो सकता है और इसका सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। दरअसल, ग्रहण के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी तक सामान्य रूप से नहीं पहुंचतीं। चंद्रमा जब सूर्य को ढकता है, तब सूर्य के प्रकाश में आने वाली यूवी किरणों का प्रवाह असंतुलित हो जाता है। यह विकिरण भोजन में उपस्थित माइक्रोब्स, बैक्टीरिया और एंजाइम की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।

Does-food-cooked-before-a-solar-eclipse-become-poisonous-inside2

हालांकि यह प्रभाव खुली हवा में अधिक होता है, परंतु ऐसा माना गया है कि ग्रहण के दौरान बनी ऊर्जा की असामान्यता और विकिरण भोजन को स्थूल स्तर पर नहीं, बल्कि सूक्ष्म जैव-ऊर्जा के स्तर पर प्रभावित कर सकती है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण से पहले और उस दौरान पकाया गया भोजन जहरीला हो जाता है।

इसे भी पढ़ेंः रुके हुए पीरियड्स को जल्द लाने में मदद करेगा ये हर्बल काढ़ा, न्यूट्रिश्निस्ट से जानें रेसिपी

सूर्य ग्रहण से खत्म हो जाते हैं भोजन के पोषक तत्व- Nutrients of food get destroyed due to solar eclipse

इस विषय पर ओनली माई हेल्थ के साथ चर्चा करते हुए डॉ. रोहित साने बताते हैं कि प्राचीन ग्रंथों और आयुर्वेदिक साहित्य में यह वर्णन आता है कि सूर्य ग्रहण काल में पकाया गया या रखा गया भोजन प्राणहीन हो सकता है। आसान भाषा में कहें तो सूर्य ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणें खाने से ऊर्जा और अन्य पोषक तत्वों को शून्य कर देती है, जिससे वह भोजन शरीर के लिए उपयुक्त नहीं रह जाता है। यही कारण है कि शास्त्रों में ग्रहण से पहले पका हुआ भोजन न खाने की सलाह दी गई है।

इसे भी पढ़ेंः आयुर्वेद के अनुसार डिलीवरी के बाद महिला की डाइट और लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? जानें

False Alarm: Debunking Solar Eclipse Health Risks and Cosmic Radiation  Myths | OnlyMyHealth

सूर्य ग्रहण में भोजन को कैसे रखें सुरक्षित?- How to keep food safe during solar eclipse 2025

डॉ. रोहित साने का कहना है कि प्राचीन काल और आयुर्वेद में सूर्यग्रहण से पहले भोजन को सुरक्षित रखने के लिए उसमें तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा प्रचलित है। तुलसी में यूजेनॉल (Eugenol), कार्वक्रोल (Carvacrol) जैसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं, जो बैक्टीरिया और फफूंद (fungus) के विकास को रोकते हैं। सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं, बल्कि विज्ञान भी इस बात का समर्थन करता है कि भोजन में तुलसी के पत्ते डालने से बैक्टीरिया के प्रसार को रोका जा सकता है।

इसे भी पढ़ेंः महिलाओं के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने पर दिखाई देते हैं ये 7 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

निष्कर्ष

डॉ. रोहित साने और तमाम अध्ययनों पर गौर करते हुए यह कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण और भोजन से जुड़ी मान्यताएं वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक रूप से, सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन जहरीला नहीं होता, लेकिन आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य और ऊर्जा संतुलन से जोड़कर देखा जाता है। ग्रहण के समय उपवास रखना, ताजे भोजन का सेवन करना और तुलसी का उपयोग जैसे उपाय अपनाकर परंपराओं और विज्ञान के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।

Read Next

क्या लौंग खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है? जानें आयुर्वेदाचार्य से

Disclaimer