क्या 'अमर' होना चाहते हैं अमेजन के मालिक जेफ बेजोस? अमरत्व पर शोध कर रही कंपनी में किया निवेश

अमेजन के मालिक जेफ बेजोस ने Unity Biotechnology नामक कंपनी में पैसा लगाया है जो कंपनी बुढ़ापा और मौत पर काबू पाने वाली तकनीक की खोज कर रही है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Sep 14, 2021 12:46 IST
क्या 'अमर' होना चाहते हैं अमेजन के मालिक जेफ बेजोस? अमरत्व पर शोध कर रही कंपनी में किया निवेश

इस दुनिया में आने के बाद इंसान लगातार तरक्की कर रहा है। पत्थरों को आपस में रगड़कर आग लगाने से लेकर राकेट और हवाई जहाज बनाने तक इंसान ने खूब तरक्की की है। हाल ही में जब कोरोनावायरस महामारी आई तो इंसान के पास इसका कोई उपचार नहीं था लेकिन कुछ ही दिनों में दुनियाभर के वैज्ञानिकों में कोरोना के वैक्सीन की खोज की। यह बात अलग है कि अभी भी इस दुनिया पर कोरोनावायरस संक्रमण का साया लगातार मंडरा रहा है। इस प्रगतिशील इंसानी दुनिया में तमाम चीजों की खोज हुई, तमाम नए आविष्कार रोजाना हो रहे हैं। लेकिन इंसान जिस एक चीज को अपने काबू में नहीं कर पाए वो मौत यानी मृत्यु है। हमारे पौराणिक ग्रंथों और पुराणों में 'अमृत' का वर्णन तो है लेकिन अभी तक इंसान उस अमृत को नहीं पा सका है जिससे मौत को काबू में किया जा सके। लेकी क्या आप जानते हैं कि दुनियाभर में वैज्ञानिक इस विषय पर लगातार शोध कर रहे हैं। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तो अमेजन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने भी मौत और बुढ़ापे को मात देने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस ने Unity Biotechnology नाम की एक कंपनी में भारी मात्रा में निवेश किया है और यह कंपनी कंपनी बुढ़ापे को खत्म करने के ऊपर रिसर्च कर रही है।

इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा आदमी जो खुद को बुढ़ापे में मरते हुए देखना चाह रहा हो। सभी लोग लंबी उम्र तक जवान रहकर ही जीना चाहते हैं। लोगों की इसी सोच को लेकर वैज्ञानिक तमाम तरह की खोज में लगे हुए हैं। मौत और बुढ़ापे को खत्म करने को लेकर कई सालों से रिसर्च कर रही कंपनी यूनिटी बायोटेक्नोलॉजी रिवर्स ऐजिंग (Reverse Ageing) पर काम कर रही है। इसका मकसद है कि इंसान के शरीर को बूढ़ा होने से बचाना और शरीर में होने वाली बीमारियों का खात्मा करना। इस कंपनी में अमेजन के मालिक जेफ बेजोस अच्छी रकम इन्वेस्ट किया है जिससे इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इस खबर के आने के बाद से ही दुनियाभर में ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेजन के मालिक बेजोस 'अमर' होना चाह रहे हैं। आइये विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।

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इंसानों को मौत से बचाने के प्रोजेक्ट पर निवेश

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक जेफ बेजोस ने Unity Biotechnology में निवेश किया है। यह कंपनी पिछले सालों से इंसान के शरीर के सेल पर काम कर रही है। आपको बता दें कि जेफ बेजोस ने हाल ही में अपनी स्पेस यात्रा पूरी की है जिसके बाद इस कंपनी में निवेश करने से लोगों की अटकलें बढ़ गयी हैं। विज्ञान के मुताबिक इंसान को बूढ़ा बनाने में शरीर की कोशिकाएं जिम्मेदार होती हैं। इन कोशिकाओं को लंबी उम्र तक स्वस्थ और जवान रखने के लिए यह कंपनी शोध कर रही है। कुछ न्यूज रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि जेफ बेजोस ने अच्छी खासी रकम इस प्रोजक्ट में लगाई है वहीं कुछ न्यूज रिपोर्ट्स यह कह रही हैं कि जेफ बेजोस इस प्रोजेक्ट में अच्छी रकम इन्वेस्ट करने वाले हैं। हालांकि इस बारे में अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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रिवर्स एजिंग तकनीक पर हो रहा है काम 

Unity Biotechnology नाम की स्टार्टअप कंपनी जिसमें जेफ बेजोस द्वारा इन्वेस्ट किए जाने की खबर है रिवर्स एजिंग तकनीक (Reverse Aging) पर काम कर रही है। यह कंपनी इंसान के शरीर की कोशिकाओं को रि-प्रोग्राम करके उन्हें नया बनाने की तकनीक खोज रही है। आपको बता दें कि इंसान के शरीर में लगभग 724 लाख करोड़ कोशिकाएं होती हैं। शरीर में इन कोशिकाओं की डेथ होने के बाद ही बुढ़ापा शुरू होता है। कोशिकाओं के खत्म होने पर जब इंसान का शरीर उस अनुपात में नयी कोशिकाओं का निर्माण नहीं कर पाता है तो इस स्थिति को ही बुढ़ापा कहते हैं। अगर इस कंपनी की खोज सफल होती है तो यह मानव इतिहास की एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। हाल ही में कंपनी में प्रेस कांफ्रेंस के जरिये यह जानकारी दी थी कि कंपनी ने Altos Lab की स्थापना की है  जो इंसान के स्टेम सेल्स पर काम कर रहा है।  

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इस तरीके से बढ़ती उम्र को रोकने का है प्लान

Altos Lab का नाम रूसी निवेशक और तकनीकी मुगल यूरी मिलनर के पालो ऑल्टो हवेली से लिया गया है। यहीं पर हुए दो दिन के सम्मलेन में पहली इस कांसेप्ट को विचार के लिए रखा गया था। अल्टोस लैब बायोटेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से बूढ़े लोगों को युवा बनाने और स्टेम सेल्स के सहारे बुढ़ापे और बीमारियों पर काबू पाने की तकनीक की खोज कर रही है। जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कई विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों की भर्ती की जाएगी। इस रिसर्च को सबसे पहले चूहों पर किया गया था और चूहों पर हुए इस रिसर्च में अच्छे परिणाम देखने को मिले थे। इस क्षेत्र में अच्छे काम के लिए वैज्ञानिक शिन्या यामानाका साल 2012 में नोबेल प्राइज भी दिया गया था। अब यह बताया जा रहा है कि जेफ बेजोस के निवेश करने के बाद कई देशों में यह कंपनी अपना विस्तार करेगी।

नैनो रोबोट्स भी बनाने का है सपना

स्टेम सेल्स के सहारे नयी कोशिकाओं का निर्माण कर इंसान को बुढ़ापे में जाने से रोकने और बूढ़े लोगों को जवान बनाने के अलावा Nano Robots भी बनाने का प्लान किया जा रहा है। अल्टोस लैब ने इस मिशन में दुनियाभर के तमाम एक्सपर्ट वैज्ञानिकों के अलावा नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों को भी शमिल किया है। इसके अलावा सर री-प्रोग्रामिंग कर कोशिकाओं का निर्माण ही नहीं 2030 तक नैनो रोबोट्स बनाने की तैयारी की जा रही है। जिन्हें शरीर की ब्लड स्ट्रीम के साथ जोड़ने का प्लान है। इन नैनो रोबोट्स के माध्यम से शरीर से वायरस और बैक्टीरिया को खत्म किया जायेगा और इसके अलावा खून साफ कर डीएनए की मरम्मत का भी काम किया जा सकेगा।

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अमेजन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस के इस प्रोजेक्ट में निवेश करने की खबर से यह तकनीक दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गयी है। Altos Lab का दावा है कि वह इस तकनीक पर काम कर रहा है। अगर इस प्रोजेक्ट को भविष्य में सफलता मिलती है तो इसे मानव इतिहार के सबसे बड़े खोज के रूप में देखा जा सकता है।

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