
आज के तेज रफ्तार माहौल में कई लोग छोटे-छोटे काम करने में भी दिमागी थकान महसूस होती है जैसे ईमेल चेक करना या कपड़े तह करना। यह अक्सर मेंटल थकान का संकेत होता है, जो तब होती है जब दिमाग की ऊर्जा जल्दी खत्म हो जाती है। यह आलस नहीं है। Dr. Pragya Rashmi, Consultant Psychologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad के अनुसार, महामारी के बाद ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी है, जो लंबे समय के तनाव, कम नींद या चिंता, बर्नआउट, यहां तक कि थायराइड जैसी समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। सबसे पहले इसके लक्षण पहचानें जैसे काम टालना, चिड़चिड़ापन, सोच में धुंध और अचानक शटडाउन जैसा महसूस होना। अच्छी खबर यह है कि सही तरीकों से आप अपनी मानसिक ताकत वापस पा सकते हैं। इस लेख में ऐसे कुछ तरीकों के बारे में बात करेंगे।
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MENTAL HEALTH

1. नींद को प्राथमिकता दें- Sleep Hygiene
रोज सात से नौ घंटे की नींद लें। सोने से पहले रूटीन बनाएं। एक घंटा पहले लाइट कम करें, स्क्रीन से दूर रहें, कैमोमाइल जैसी हर्बल ड्रिंक लें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अनुसार, नींद की कमी से दिमाग का फ्रंटल हिस्सा ठीक से काम नहीं करता जिससे छोटे काम भी भारी लगते हैं।
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2. 90/20 रूल अपनाएं- Opt Rule Of Micro Breaks
90 मिनट काम करें, फिर 20 मिनट का ब्रेक लें। ब्रेक में बाहर टहलें, गहरी सांस लें (4 गिनती में सांस, 4 रोकें, 4 में छोड़ें) या हल्का संगीत सुनें। इससे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से बचाव होता है और मोटिवेशन बना रहता है।
3. दिमाग को सही ईंधन दें- Give Right Fuel To Brain
मानसिक थकान अक्सर ब्लड शुगर गिरने से होती है। हर तीन से चार घंटे में संतुलित स्नैक लें जैसे होल-ग्रेन टोस्ट पर एवोकाडो या दही के साथ नट्स। रोज करीब तीन लीटर पानी पिएं। ओमेगा-3 (अखरोट, फैटी फिश) सूजन कम कर थकान घटाते हैं इसलिए इनका सेवन करें।
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4. हलचल रखें- Mindful Moves

10 मिनट की तेज चाल से वॉक करने पर एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं और दिमाग का लचीलापन बढ़ाते हैं। हार्वर्ड की स्टडीज बताती हैं कि योग और मार्शल आर्ट्स चिंता कम करने में मददगार हैं।
5. डिजिटल डिटॉक्स और सीमाएं तय करें- Try Digital Detox
डिस्ट्रैक्शन कम करने के लिए ऐप्स (जैसे फ्रीडम) का इस्तेमाल करें और नोटिफिकेशन सीमित रखें। हर रात तीन चीजें लिखें जिनके लिए आप आभारी हैं। यह नेगेटिव सोच को कम करता है।
6. अगर समस्या बनी रहने पर विशेषज्ञ से मिलें- Consult Expert
बदलाव के बाद भी थकान रहे, तो जांच कराएं। डिप्रेशन, विटामिन-बी12 या आयरन की कमी जैसी समस्याएं कारण हो सकती हैं। माइंडफुलनेस ऐप्स या सीबीटी (कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी) भी मददगार हैं।
निष्कर्ष:
एक तरीका चुनकर शुरू करें। नियमितता से ताकत लौटती है और दिमाग लचीला होता है। सही कदमों से आप फिर से छोटे काम भी आसानी से कर पाएंगे। व्यक्तिगत सलाह के लिए विशेषज्ञ से बात करें।
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Jan 01, 2026 10:48 IST
Published By : Yashaswi Mathur
