Water Intoxication In Hindi: वॉटर इंटॉक्सिकेशन (Hyperhydration) या जल विषाक्तता एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में बहुत अधिक पानी हो जाता है। इसकी वजह से बॉडी सेल्स प्रभावित होने लगते हैं। इसके लक्षणों की बात करें, तो वॉटर इंटॉक्सिकेशनहोने पर व्यक्ति को उल्टी, मतली और शरीर में सूजन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं, इसके गंभीर लक्षणों में, भ्रम होना, मिर्गी के दौरे पड़ना और समय पर इलाज न मिलने पर मरीज कोमा में भी जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि हमें वॉटर इंटॉक्सिकेशन के बारे में सभी जरूरी बातें पता होनी चाहिए। ऐसा न हुआ, तो यह घातक भी साबित होता है। (Water Intoxication Kya Hota Ha)
क्या है वॉटर इंटॉक्सिकेशन- What Is Water Intoxication In Hindi
जब आपके शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी होता है, तो उसे वॉटर इंटॉक्सिकेशन कहा जाता है। शरीर में पानी की अधिकता की वजह से केमिकल इंबैलेंस हो सकता है। इस तरह के रासायनिक असंतुलन को शरीर पसीने या पेशाब के जरिए बाहर नहीं निकाल पाता है। विशेषज्ञ समझाते हैं कि जब आप अतिरिक्त मात्रा में पानी पी लेते हैं, तो इसकी वजह से ब्लड डाइल्यूट हो जाता है और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का स्तर भी कम हो जाता है। विशेषकर, वॉटर इंटॉक्सिकेशन की वजह से सोडियम की मात्रा में कम होती है। इसका ब्रेन सेल्स पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि जब भी जरूरत हो यानी प्यास लगे, तो पानी पीना चाहिए। लेकिन, हद से ज्यादा पानी पीना स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने के बजाय नुकसान कर सकती है। वॉटर इंटॉक्सिकेशन इसकी का नतीजा है।
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वॉटर इंटॉक्सिकेशन के लक्षण- Water Intoxication Symptoms In Hindi
वॉटर इंटॉक्सिकेशन होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, जैसे-
- उल्टी
- मतली
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
- मसल्स में दर्द होना
- सिर घूमना
- हाथ-पांव में सूजन आना
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वॉटर इंटॉक्सिकेशन के कारण- Water Intoxication Causes In Hindi
वॉटर इंटॉक्सिकेशन का एक ही कारण है, बहुत ज्यादा पानी पीना। लेकिन, सामान्यतः कौन लोग अधिक मात्रा में पानी पीने लगते हैं। इसमें ज्यादातर लोग स्पोर्ट्स से जुड़े होते हैं। जब आप फिजिकली बहुत ज्यादा एक्टिव होते हैं, तो अनजाने में काफी मात्रा में पानी पी जाते हैं। इसी तरह, जो लोग कड़ी धूप में काम करते हैं, उन्हें भी इसका खतरा रहता है। यही नहीं, जिन लोगों का बॉडी मास कम है, उन्हें भी वॉटर इंटॉक्सिकेशन का रिस्क रहता है। इसमें एक साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। कुछ दवाइयां भी वॉटर इंटॉक्सिकेशन का जोखिम बढ़ा देती हैं।
वॉटर इंटॉक्सिकेशन का इलाज- Water Intoxication Treatment In Hindi
वॉटर इंटॉक्सिकेशन का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर कोई बहुत ज्यादा पानी पीता है, जिसकी वजह से उन्हें वॉटर इंटॉक्सिकेशन हो गया है। ऐसी स्थिति में पानी कम पीने की सलाह दी जाती है। वहीं, अगर वॉटर इंटॉक्सिकेशन का कारण कोई मेडिसिन है, तो डॉक्टर मरीज की स्थिति देखते हुए दवा बदल सकता है और कोई और ट्रीटमेंट शुरू कर सकता है।
वॉटर इंटॉक्सिकेशन से बचने के टिप्स- Water Intoxication Prevention Tips In Hindi
मेया क्लिनिक के अनुसार पुरुषों को एक दिन में लगभग 15 गिलास पानी पीना चाहिए और महिलाओं को 11 गिलास। इससे अधिक पानी पीना वॉटर इंटॉक्सिकेशन का कारण बन सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि वॉटर इंटॉक्सिकेशन से बचने के लिए क्या कर सकते हैं-
- जब प्यास लगे तभी पानी पिएं।
- पेशाब का रंग का ध्यान रखें। अगर लाइट येला पेशाब आए, तो वह वॉटर इंटॉक्सिकेशन की ओर संकेत कर सकता है।
- अगर पानी पीने से मतली या उल्टी की दिक्कत हो रही है, तो पानी न पिएं।
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