छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचान कर ऐसे करें इलाज

शरीर में पानी की कमी होना स्वाभाविक है यह समस्या किसी को भी हो सकती है बच्चे हों या बड़े। इसके होने कई अलग कारण हो सकते हैं।

Naina Chauhan
Written by: Naina ChauhanPublished at: Nov 10, 2020Updated at: Nov 10, 2020
छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचान कर ऐसे करें इलाज

पानी की कमी का होना मतलब डिहाइड्रेशन। शरीर में पानी की कमी होना स्वाभाविक है यह समस्या किसी को भी हो सकती है बच्चे हों या बड़े। लेकिन अगर छोटे शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो इसे पहचानना थोडा कठिन होता है। डिहाइड्रेशन की समस्या तब आती है जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में लिक्विड नहीं होता। इसके होने के और भी अलग कारण हो सकते हैं इसलिए बच्चे की सेहत पर हमेशा नजर रखनी चाहिए ताकि शिशु डिहाइड्रेशन से बच सके। अगर शिशु या छोटे बच्चे में से किसी के शरीर में पानी की कमी हो जाये तो नीचे बताये गए लक्षणों से उसे पहचाना जा सकता है।

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छोटे बच्चों में पानी की कमी होने पर दिखने वाले लक्षण:

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  • उल्टी एवं दस्त।
  • कम पेशाब आना।।
  • रोने पर आँसू न आना।
  • होंठों का सूखना।
  • मुँह का सूखना।
  • रोना और चिडचिडाना।
  • तेज़ सांसें लेना।
  • होंठों का कला या हरा पड़ना।

अगर ये सभी लक्षण आपको अपने बच्चे में दिखाई देते हैं तो आपके बच्चे में पानी की कमी हो सकती है इसके लिए आपको तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चहिये। इसके अलवा आप कुछ इलाज घर पर भी कर सकते हैं जैसे:

ओआरएस:

डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए सबसे अच्छा इलाज है ओआरएस। चिकित्सक भी इसकी सलाह देते हैं छोटे बच्चों हों या बड़े सबके लिए ओआरएस गुणकारी हैं। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो ओआरएस पीना आवश्यक होता है। मेडिकल स्टोर पर यह आसानी से उपलब्ध होता है या आप इसे घर पर भी बना सकते हैं यह एक प्रकार का नमक और शक्कर का घोल होता है। डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए इसका उपयोग जरुरी है।

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माँ का दूध:

अगर शिशु माँ का दूध पीता है तो यह भी बच्चे के लिए एक पोष्टिक आहार है जिससे शिशु के डिहाइड्रेशन को दूर किया जा सकता है। माँ के दूध में वो सारे गुण पाए जाते हैं जिससे शिशु के शरीर में हो रही पानी की कमी को दूर किया जा सकता है।

तरल आहार:

बच्चे को तरल आहार दें इसके लिए चिकित्सक की सलाह लें। तरल आहार से भी शिशु के शरीर में हो रही पानी की कमी को दूर करना संभव है। तरल आहार में सारे गुण होते है जैसे मिनरल, विटामिन, आयरन इत्यादि। ये सभी बच्चे के लिए जरुरी होते हैं।

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अगर ये सभी इलाज के बाद भी बच्चे की हालत में सुधार न आये तो जल्दी ही अपने बच्चे को किसी शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। वैसे तो इन सभी इलाज से बच्चे को डिहाइड्रेशन में आराम मिल जाता है लेकिन कुछ परिस्थितियों में अगर ऐसा न हो तो चिकित्सक की सलाह जरुरी है। अगर आपके घर में छोटा बच्चा है तो ओआरएस को आप हमेशा अपने घर में रखें। डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ अधिकतर गर्मी या बारिश के समय होती है क्योंकि बच्चों को इस मौसम में स्वयं को ढालने में समय लगता है। और कई बार बच्चे मौसम के अनुसार स्वयं को नहीं ढाल पाते। इन दोनों ही मौसम में शरीर को पानी की बहुत आवश्यकता होती है जबकि सर्दियों में शरीर में पानी  की मात्रा ऊपर नीचे चलती है। तो बारिश और गर्मी के मौसम में आपको अपने बच्चे का विशेष ध्यान रखना होता है।

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