दुखी होने पर आपके दिल (हार्ट) पर इसका कैसे असर पड़ता है? जानें गहरे दुख में कैसे रखें दिल की सेहत का खयाल

दुखी होने पर द‍िल पर भी असर पड़ता है, जानें द‍िल की सेहत का खयाल आपको कैसे रखना चाह‍िए

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Sep 09, 2021 15:54 IST
दुखी होने पर आपके दिल (हार्ट) पर इसका कैसे असर पड़ता है? जानें गहरे दुख में कैसे रखें दिल की सेहत का खयाल

अक्‍सर हम मजाक में कहते हैं क‍ि दि‍ल टूटने पर दर्द होता है, पहले ये सच है। दुखी होने पर द‍िल पर भी इसका असर पड़ता है। ये क‍िसी शायर का खयाल नहीं ये वाकई एक शारीर‍िक समस्‍या है। दुखी होने का असर द‍िल पड़ता है। अगर आप दुखी हैं तो सीने में दर्द हो सकता है, सांस फूलने का अहसास हो सकता है, कुछ लोगों को उल्‍टी या कमजोरी का अहसास होता है। मेड‍िकल टर्म में इसे ब्रोकन हार्ट स‍िंड्रोम कहते हैं। इस लेख में हम दुखी दि‍ल के लक्षण, इलाज के बारे में बात करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के पल्‍स हॉर्ट सेंटर के कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक शुक्‍ला से बात की।

sad heart

(image source:www.incimages.com)

दुखी होने पर द‍िल पर क्‍या असर पड़ता है? (What happens to heart when you feel sad)

अक्‍सर हम लोगों को ये कहते हुए सुनते हैं क‍ि द‍िल टूट गया तो आख‍िर मानस‍िक पीड़ा और हार्ट के बीच क्‍या कनेक्‍शन है? अगर साइंस की मानें तो ब्रोकन हार्ट स‍िंड्रोम द‍िल की एक तनाव भरी स्‍थ‍ित‍ि है। जब आप दुखी होते हैं तो द‍िल की मांसपेश‍ियां श‍िथ‍िल पड़ जाती है। इसके कारण सीने में दर्द होता है और आपको ऐसा अहसास होता है क‍ि द‍िल का दौरा पड़ा है। इस अवस्‍था में द‍िल अस्‍थाई रूप से बड़ा हो जाता है और ठीक तरह से पंप नहीं करता। ब्रोकन हार्ट स‍िंड्रोम के लक्षण हार्ट अटैक जैसे ही होते हैं इसलि‍ए आपको जांच जरूर करवानी चाह‍िए।

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क‍िन लक्षणों को नहीं करना चाह‍िए नजरअंदाज? (Do not avoid these symptoms)

दुखी होने पर आपको ये लक्षण देखने को म‍िल सकते हैं, इन लक्षणों के नजर आने पर इलाज जरूर करवाएं- 

  • सीने में दर्द होना 
  • गर्दन या बाईं बाजू में दर्द होना 
  • सांस फूलना 
  • उल्‍टी आने का अहसास होना 
  • कमजोरी महसूस होना 

किस उम्र के लोगों को बरतनी चाह‍िए सावधानी? 

वैसे तो दुखी होने पर हार्ट में तकलीफ क‍िसी भी उम्र में हो सकती है पर अगर आपकी उम्र 50 से 80 के बीच है तो आपको द‍िल से जुड़े लक्षणों पर खास गौर करने की जरूरत है। इस उम्र में मह‍िलाओं को द‍िल से जुड़ी बीमार‍ियों का खतरा ज्‍यादा रहता है इसल‍िए उन्‍हें स्‍ट्रेस कम करना चाह‍िए। 

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दुखी द‍िल का इलाज क्‍या है? (Treatment of a sad heart)

sad heart treatment

(image source:wpengine.netdna)

  • कभी न कभी हर इंसान दुखी होता है पर मानसिक पीड़ा को कम करने के ल‍िए आप कुछ आसान ट‍िप्‍स को फॉलो कर सकते हैं- 
  • अगर आप क‍िसी बात से दुखी हैं तो अपनी डाइट और द‍िनचर्या पर ध्‍यान दें, आपको हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल फॉलो करनी चाह‍िए। 
  • आपको प्राणायाम के फायदे तो पता ही हैं, जब मन दुखी हो तो योगा और मेड‍िटेशन का सहारा लेना चाह‍िए। 
  • शरीर में ऑक्‍सीजन की कमी होने से मन दुखी महसूस करता है इसल‍िए खुद को हाइड्रेट रखें और पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें। 
  • ज्‍यादा तलाभुना खाना न खाएं, आपको मन दुखी होने पर फाइबर युक्‍त भोजन जैसे ताजे फल और सब्‍ज‍ियों का सेवन करना चाह‍िए।

द‍िल द‍ुखी होने पर न करें ये गलत‍ियां (Avoid these mistakes if you feel sad)

  • अगर आपका मन दुखी है तो ऐसे माहौल में न रहें जो आपके ल‍िए नेगेट‍िव हो। 
  • अकेले बैठने से मन और दुखी होता है इसल‍िए ऐसा करने से बचें। 
  • आपको फास्‍ट फूड इस दौरान अवॉइड करना चाह‍िए, इससे आपकी तबीयत ब‍िगड़ सकती है। 

दुखी होने पर सीने में दर्द होना कोई आम समस्‍या नहीं है, ऐसा होने पर आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

(main image source:theconversation,wikimedia)

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