डायबिटीज के मरीजों में साइलेंट चेस्ट पेन (सीने में दर्द) है हार्ट अटैक आने का संकेत, जानें बचाव के उपाय

डायबिटीज की समस्या में हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इन मरीजों में साइलेंट चेस्ट पेन होना हार्ट अटैक का संकेत माना जाता है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Sep 03, 2021 14:36 IST
डायबिटीज के मरीजों में साइलेंट चेस्ट पेन (सीने में दर्द) है हार्ट अटैक आने का संकेत, जानें  बचाव के उपाय

आज के समय में असंतुलित खानपान और खराब जीवनशैली की वजह से लाखों की संख्या में लोग हार्ट डिजीज और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। अब कम उम्र के लोग भी इन समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। चाहे वो एथलीट हों या फिर फिल्म जगत से जुड़ी सेलेब्रिटी, अक्सर ऐसे लोगों को भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या के कारण अपनी जान गंवानी पड़ती है। हार्ट अटैक के पीछे कई कारण होते हैं। खानपान से लेकर दिल से जुड़ी गंभीर बीमरियां तो हार्ट अटैक का कारण होती हैं लेकिन डायबिटीज (मधुमेह) जैसी क्रॉनिक डिजीज के कारण भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज की समस्या से पीड़ित मरीजों में 'साइलेंट चेस्ट पेन' यानी सीने में दर्द होना हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है। आइये विस्तार से जानते हैं इस समस्या के बारे में।

डायबिटीज की समस्या में हार्ट अटैक (Heart Attack in Diabetes)

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डायबिटीज या मधुमेह एक क्रॉनिक डिजीज है जो खानपान और खराब जीवनशैली के कारण लोगों में होती है। शरीर में मौजूद ब्लड शुगर के स्तर में बदलाव या अनियंत्रित ब्लड शुगर की समस्या को ही डायबिटीज कहा जाता है। इस बीमारी से ग्रसित लोगों को अपना ब्लड शुगर यानी रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखना होता है। डायबिटीज की समस्या में शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता है और कुछ लोगों में इसका इस्तेमाल सही ढंग से नहीं हो पाता है जिसके कारण ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। डायबिटीज के मरीजों को साइलेंट हार्ट अटैक की समस्या का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे मरीज जो लंबे समय से डायबिटीज की समस्या से ग्रसित हैं उन्हें सीने में हल्का दर्द होना सामान्य नहीं माना जाता है। इस समस्या में साइलेंट चेस्ट पेन होना हार्ट अटैक का लक्षण होता है।

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क्या होता है साइलेंट चेस्ट पेन? (What is Silent Chest Pain?)

डायबिटीज से ग्रसित मरीजों के साथ-साथ सभी लोगों में जिन्हें हार्ट अटैक की समस्या होती हैं उनके शरीर में पहले से तमाम लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन साइलेंट हार्ट अटैक के समय में ये लक्षण आसानी से समझ आने वाले नहीं होते हैं। डायबिटीज में इंसान से शरीर में मौजूद ब्लड शुगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है। ऐसे लोगों को बार-बार पेशाब आना, वजन का बढ़ना और घटना, हाई ब्लड प्रेशर आदि लक्षण दिखाई देते हैं। ठीक इसी तरह से जब डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है तो उन्हें साइलेंट चेस्ट पेन होता है। साइलेंट चेस्ट पेन एक ऐसी स्थिति होती है जब मरीज को इसके बारे में सही से अंदाजा नहीं लगता है। ऐसे मरीजों को सीने में हल्का दर्द और सांस लेने में तकलीफ होती है। सांस लेने में थोड़ी सी तकलीफ और सीने में मीठा दर्द होने के कारण मरीज को हार्ट अटैक या किसी गंभीर समस्या का अंदाजा नहीं लग पाता है। इस वजह से मरीज को समय पर इलाज नही मिलता है और ऐसे मरीजों की मौत भी हो सकती है।

साइलेंट चेस्ट पेन के कारण हार्ट अटैक से बचाव के उपाय ( Silent Chest Pain Prevention Tips)

डायबिटीज की समस्या में मरीजों को अपने खानपान और लाइफस्टाइल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। संतुलित भोजन और नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम आदि करने से मधुमेह की समस्या में होने वाले जोखिम कम हो जाते हैं। हार्ट अटैक के जोखिम से बचने के लिए आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।

  • डायबिटीज के मरीजों को हार्ट अटैक से बचने के लिए डाइट में कार्बोहाइड्रेट और फैट्स की मात्रा कम करनी चाहिए।
  • साइलेंट हार्ट अटैक से बचने के लिए डायबिटीज के मरीजों को विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।
  • ऐसे मरीज नियमित रूप से व्यायाम जरूर करें। 
  • नियमित रूप से ब्लड शुगर और दिल के सेहत की जांच जरूर करें।
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ऊपर बताये गए उपायों को अपनाकर आप साइलेंट हार्ट अटैक से बच सकते हैं। साइलेंट चेस्ट पेन के लक्षण दिखने पर आप तुरंत चिकित्सक से संपर्क जरूर करें। सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में दिक्कत और ऐसी समस्या होने पर आप तुरंत चिकित्सक से संपर्क करके जोखिमों को कम कर सकते हैं। 

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